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सज गया सराफा बाजार, अक्षय तृतीया आज
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 08 May 2016 09:52 PM IST
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अक्षय तृतीया पर आभूषणों की खरीदारी करती महिलाएं।
- फोटो : rajesh kumar
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कभी क्षय न होने की धार्मिक भावना के साथ अक्षय तृतीया का पर्व सोमवार को श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के वातावरण में मनाया जाएगा। इस दिन सोने-चांदी के आभूषणों की खरीदारी शुभ मानी जाती है। इसके मद्देनजर सराफा बाजार ने तैयारी कर ली है। नए फैशन के आभूषणों के स्टाक दुकानों में तक पहुंच चुके हैं। धर्मशास्त्र के विद्वान के मुताबिक दोपहर सवा 12 बजे से सवा दो घंटे तक खरीदारी का शुभ मुहूर्त है।
मान्यता है कि इस दिन कोई कोई भी नया कार्य शुरू करना वृद्धिकारक होता है। इस दिन शुरू किया गया कोई भी कार्य अथवा संस्कार श्रेष्ठ फल देने वाला होता है। इसकी पुष्टि इस बात से भी होती है कि भगवान गणेश ने महाभारत लेखन कार्य जिस दिन से शुरू किया था तो वह तिथि अक्षय तृतीया ही थी। अक्षय तृतीया के दिन ही गंगा स्वर्गलोक से पृथ्वी पर आई थीं। यहां तक कि किसान भी कृषि कार्य इसी दिन से शुरू करते हैं।
पं. राम कैलाश चौबे के मुताबिक सोमवार को सुबह पांच बजकर 26 मिनट से शाम छह बजकर 23 मिनट तक लोगों का अक्षय तृतीय का लाभ मिलेगा, लेकिन खरीदारी के लिए बेहतर समय दोपहर 12 बजकर 10 मिनट से दो बजकर 24 मिनट का सिंह लग्न होगा, जो स्थिर लग्न है।
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उधर, सराफा बाजार की तैयारियों के सिलसिले में घंटाघर के स्वर्ण व्यवसायी संतोष वर्मा ने बताया लग्न न होने से भारी आभूषण के बजाय हल्के आभूषणों पर जोर दिया गया है। हां, यह कोशिश जरूर है कि ग्राहकों तक आधुनिकतम आभूषण पहुंचाए जाएं। बच्चों के लिए स्वास्तिक और देवी-देवताओं के लॉकेट की भी इस अवसर पर डिमांड रहती है, इसलिए उसे भी पर्याप्त संख्या में मंगाया गया है।
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मान्यता है कि इस दिन कोई कोई भी नया कार्य शुरू करना वृद्धिकारक होता है। इस दिन शुरू किया गया कोई भी कार्य अथवा संस्कार श्रेष्ठ फल देने वाला होता है। इसकी पुष्टि इस बात से भी होती है कि भगवान गणेश ने महाभारत लेखन कार्य जिस दिन से शुरू किया था तो वह तिथि अक्षय तृतीया ही थी। अक्षय तृतीया के दिन ही गंगा स्वर्गलोक से पृथ्वी पर आई थीं। यहां तक कि किसान भी कृषि कार्य इसी दिन से शुरू करते हैं।
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पं. राम कैलाश चौबे के मुताबिक सोमवार को सुबह पांच बजकर 26 मिनट से शाम छह बजकर 23 मिनट तक लोगों का अक्षय तृतीय का लाभ मिलेगा, लेकिन खरीदारी के लिए बेहतर समय दोपहर 12 बजकर 10 मिनट से दो बजकर 24 मिनट का सिंह लग्न होगा, जो स्थिर लग्न है।
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उधर, सराफा बाजार की तैयारियों के सिलसिले में घंटाघर के स्वर्ण व्यवसायी संतोष वर्मा ने बताया लग्न न होने से भारी आभूषण के बजाय हल्के आभूषणों पर जोर दिया गया है। हां, यह कोशिश जरूर है कि ग्राहकों तक आधुनिकतम आभूषण पहुंचाए जाएं। बच्चों के लिए स्वास्तिक और देवी-देवताओं के लॉकेट की भी इस अवसर पर डिमांड रहती है, इसलिए उसे भी पर्याप्त संख्या में मंगाया गया है।