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मील का पत्थर साबित होगा कृषि विज्ञान केंद्र : राधामोहन

Mon, 24 Oct 2016 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Mon, 24 Oct 2016 01:06 AM IST
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Agricultural minister innaugrated agriculture science center
कृषि विज्ञान केंद्र के उद्घाटन के मौके पर बोलते केंद्रीय कृषि मंत्री और मंचासीन सांसद आदित्यनाथ व अन्य। - फोटो : Amar Ujala
जंगल कौड़िया ब्लाक के चौक माफी में स्थापित होने जा रहा कृषि विज्ञान केंद्र किसानों के उत्थान में मील का पत्थर साबित होगा। यहां रिसर्च कर नए बीजों का उत्पादन किया जाएगा। साथ ही पशुपालन में भी नए रिसर्च होंगे।
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ये जानकारी कृषि विज्ञान केंद्र का उद्घाटन करने पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने रविवार को दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने का प्रयास कर रही है। योजना आयोग ने बहुत पहले उत्तर प्रदेश में 30 नए केंद्र स्थापित करने को कहा था। इसके लिए प्रदेश सरकार को 50 एकड़ जमीन देनी थी, लेकिन बार-बार लिखा-पढ़ी के बाद भी राज्य सरकार ने जमीन उपलब्ध नहीं कराई। महंत आदित्यनाथ को पता चला तो उन्होंने 60 एकड़ जमीन का प्रस्ताव दिया, जिस नाते यह संभव हो पाया। जंगल कौड़िया का कृषि विज्ञान केंद्र प्रदेश का सबसे आधुनिक अनुसंधान केंद्र होगा। इसमें केंद्र में छह वैज्ञानिक और उनका हेड एक कृषि वैज्ञानिक होगा। इस संस्थान में करीब 16 लोगों की नियुक्ति होगी। एक महीने के अंदर यह संस्थान काम शुरू कर देगा। कल से ही यहां प्रभारी की तैनाती कर दी जाएगी।
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उन्होंने बताया कि केंद्र में भूमि परीक्षण के लिए एक महीने के अंदर मिनी लैब की स्थापना होगी। किसानाें के लिए यहां ट्रेनिंग सेंटर भी बनाया जाएगा। कृषि मंत्री ने बताया कि 2007-8 में कृषि वैज्ञानिकों ने बताया था कि धरती की सेहत ठीक नहीं है। यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो उसकी उत्पादकता खत्म हो जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा है कि 31 मार्च तक सभी किसानों की जमीन का हेल्थ कार्ड बन जाएगा। इससे किसान यह जान पाएगा कि उसके खेत को क्या जरूरत है। किसानों को नई तकनीकी और उपकरण सरकार उपलब्ध कराएगी, जिससे वे बेहतर उपज प्राप्त कर सकें।
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कृषि विज्ञान केंद्र के फायदे

- एक छत के नीचे खेती-बाड़ी के अलावा पशुपालन, मुर्गीपालन एवं बकरी पालन की जानकारी मिलेगी
- जो भी नई तकनीक या बीज आएगा, किसानों के खेत में उसका प्रदर्शन किया जाएगा
- यहां की नर्सरी में टिशू कल्चर के बीज किसानों को मिल सकेंगे
- केंद्र में चारा बीज उत्पाद केंद्र की स्थापना होगी। इससे नए-नए बीज मिलेंगे
- सब्जी का रिसर्च केंद्र बनारस में है, पर लैब से निकलने वाला बीज यहां मिलेगा
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