{"_id":"57962c524f1c1b8b0221e1bb","slug":"action-against-two-seceratory-of-odf-mission","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओडीएफ में लापरवाही पर दो सचिवों पर गिरी गाज ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओडीएफ में लापरवाही पर दो सचिवों पर गिरी गाज
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Mon, 25 Jul 2016 08:42 PM IST
विज्ञापन
खुले में शौच
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए चलाए जा रहे अभियान में लापरवाही बरतने पर दो ग्राम सचिवों पर कार्रवाई की गई है। अब यह दोनों सचिव खाते से पैसे की निकासी नहीं कर सकेंगे। उनकी जगह पर दूसरे सचिव की तैनाती के लिए डीपीआरओ ने बीडीओ को आदेश दिया है।
खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) योजना के तहत विकास खंड सहजनवां में ग्राम पंचायत कसरवल और सरदार नगर के ग्राम पंचायत चकदेइया का चयन किया गया है। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ने सचिव लोकेश कुमार को ग्राम पंचायत कसरवल में स्वच्छता अभियान की स्थिति बताने का आदेश दिया था। आरोप है कि लोकेश यह कहकर गांव में नहीं गए कि वहां चारों तरफ पानी भरा हुआ है और गांव के भीतर जाने का रास्ता नहीं है। विभागीय अधिकारियों ने जब पता कराया तो मालूम हुआ कि गांव के भीतर जाने के लिए पक्की सड़क बनी हुई है और गांव में कहीं भी पानी नहीं है।
इसी तरह सरदार नगर के ग्राम पंचायत चकदेइया में सात शौचालयों का निर्माण किया जाना है, जिसकी धनराशि खाते में भेजी जा चुकी है। अगर शौचालयों का निर्माण हो गया होता तो अभी तक यह गांव पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त हो जाता। आरोप है कि सचिव विष्णु प्रताप सिंह ने शौचालय बनवाने में रूचि नहीं ली और लगातार इस तरह के महत्वपूर्ण मिशन में लापरवाही बरतते रहे। इस पर डीपीआरओ ने दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए खाते से रकम निकालने पर रोक लगा दी।
विज्ञापन
स्वच्छ भारत मिशन के तहत होने वाले काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोनों विकास खंडों के खंड विकास अधिकारियों को नए सचिव की तैनाती का आदेश दिया गया है। बैंकों को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। अब दोनों सचिव धनराशि की निकासी नहीं करेंगे।
- आरके भारती, जिला पंचायत राज अधिकारी
विज्ञापन
खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) योजना के तहत विकास खंड सहजनवां में ग्राम पंचायत कसरवल और सरदार नगर के ग्राम पंचायत चकदेइया का चयन किया गया है। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ने सचिव लोकेश कुमार को ग्राम पंचायत कसरवल में स्वच्छता अभियान की स्थिति बताने का आदेश दिया था। आरोप है कि लोकेश यह कहकर गांव में नहीं गए कि वहां चारों तरफ पानी भरा हुआ है और गांव के भीतर जाने का रास्ता नहीं है। विभागीय अधिकारियों ने जब पता कराया तो मालूम हुआ कि गांव के भीतर जाने के लिए पक्की सड़क बनी हुई है और गांव में कहीं भी पानी नहीं है।
विज्ञापन
इसी तरह सरदार नगर के ग्राम पंचायत चकदेइया में सात शौचालयों का निर्माण किया जाना है, जिसकी धनराशि खाते में भेजी जा चुकी है। अगर शौचालयों का निर्माण हो गया होता तो अभी तक यह गांव पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त हो जाता। आरोप है कि सचिव विष्णु प्रताप सिंह ने शौचालय बनवाने में रूचि नहीं ली और लगातार इस तरह के महत्वपूर्ण मिशन में लापरवाही बरतते रहे। इस पर डीपीआरओ ने दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए खाते से रकम निकालने पर रोक लगा दी।
विज्ञापन
स्वच्छ भारत मिशन के तहत होने वाले काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोनों विकास खंडों के खंड विकास अधिकारियों को नए सचिव की तैनाती का आदेश दिया गया है। बैंकों को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। अब दोनों सचिव धनराशि की निकासी नहीं करेंगे।
- आरके भारती, जिला पंचायत राज अधिकारी