फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   aaditynath speeks on mathura case

मथुरा की घटना प्रदेश में अराजकता की मिसाल : आदित्यनाथ

Fri, 03 Jun 2016 08:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Fri, 03 Jun 2016 08:54 PM IST
विज्ञापन
aaditynath speeks on mathura case
आदित्यनाथ
महंत आदित्यनाथ ने कहा कि मथुरा की हिंसा प्रदेश में व्याप्त अराजकता, गुंडाराज की मिसाल है। वहां जो कुछ भी हुआ, इसके लिए सीधे तौर पर प्रदेश सरकार जिम्मेदार है। जब पुलिस की वर्दी ही सुरक्षित नहीं तो आम जन की सुरक्षा कैसे होगी। अवैध कब्जाधारी तथा उपद्रवी सत्ता के संरक्षण में वर्षों से वहां रह रहे थे। अवैध असलहों का संग्रह इस बात का प्रमाण है कि वहां पुलिस जाने से कतरा रही थी।
विज्ञापन


भाजपा सांसद ने ये बातें एसपी सिटी, थानाध्यक्ष सहित 22 लोगों के मारे जाने पर अपनी प्रतिक्रिया में कहीं। उन्होंने कहा कि जबसे सपा की सरकार बनी है तबसे अब तक दर्जन भर से अधिक पुलिस कर्मी अराजकता के शिकार हुए हैं। जब सत्ता सरेआम पेशेवर अपराधियों और माफियाओं संरक्षण देगी, आतंकवादियों की पैरवी करेगी तो वर्दी को भी चपेट में आना पड़ेगा। प्रदेश सरकार ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए न केवल समाज में जातीय विष घोला है बल्कि मुआवजा राशि भी मत और मजहब देखकर दे रही है। एक वर्ग विशेष से जुड़े मृतकों के लिए मुआवजा राशि 50 से 60 लाख होती है, जबकि पुलिस अधिकारी और दरोगा के  मरने पर मुआवजा 20 लाख दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश सरकार सजग रहती और अराजक तत्वों को प्रश्रय नहीं देती तो इस घटना को टाला जा सकता था।
विज्ञापन

मथुरा की घटना की भाजपा ने की निंदा

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व महामंत्री नरेंद्र शुक्ला एवं सोमेश्वर पांडेय ने मथुरा की घटना पर निंदा करते हुए कहा कि यह सरकार की असफलता और संलिप्तता का ज्वलंत उदाहरण है। जो कुछ भी हुआ उसके लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार है। जमीन पर कब्जा करने वाला रामवृक्ष बड़ा अपराधी है वह दो साल से जमीन पर कब्जा किए हुए था। प्रशासन तब हरकत में आया जब हाईकोर्ट ने सख्ती की। पुलिस अधिकारी व थानाध्यक्ष का मरना यह साबित करता है कि अराजक तत्वों को किसी का भय नहीं था।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि मुस्लिम अधिकारी के मरने के बाद उसके परिजनाें को 50 लाख का मुआवजा और कई लोगों को परिवार में नौकरी दी जाती है। वहीं हिंदू अधिकारियों के मरने पर 20 लाख मुआवजा दिया जा रहा है। इससे साबित हो रहा है कि सपा सरकार तुष्टिकरण के राह पर चल रही है। वहीं, अल्पसंख्यक मोर्चा के निर्वतमान महामंत्री इफ्तेखार हुसैन ने मथुरा के घटना की निंदा की। मारे गए एएसपी और थानाध्यक्ष को अपनी श्रद्धांजलि देते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। केंद्रीय गृहमंत्री से मांग की कि प्रदेश के हालात को देखते हुए सीधा हस्तक्षेप करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed