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करोड़ों के सीसी प्लांट में लग गई जंक

Thu, 27 Nov 2014 05:30 AM IST
Gorakhpur
Gorakhpur Updated Thu, 27 Nov 2014 05:30 AM IST
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गोरखपुर। सीसी रोड के निर्माण के लिए करोड़ की लागत से खरीदा गया प्लांट और मशीनें जंक खा रही हैं। अंबेडकर लोहिया गांवों में बनने वाली सीसी रोड के निर्माण भी इस प्लांट की मदद नहीं ली गई। पीडब्ल्यूडी ने कई बिल्डिंग बनर्वाइं पर किसी में इनका उपयोग नहीं किया गया। इस्तेमाल न होने के कारण यह प्लांट बदहाल है।
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बसपा शासन काल में अरबों रुपये खर्च कर सीसी प्लांट और मिक्सर मशीनें खरीद कर जिलों को भेजी गईं थी। उनमें से एक प्लांट और तीन मिक्सिंग मशीनें जिले में लोक निर्माण विभाग को भी भेजी गईं। कहा गया कि अंबेडकर गांवों में सीसी रोड का निर्माण इसी प्लांट से कराया जाए। लेकिन इसका कोई उपयोग नहीं किया गया। किसी अंबेडकर गांव में इससे कार्य नहीं कराया गया। इन गांवों में ज्यादातर काम दलित बस्तियों में हुए, जहां संकरे रास्ते होने के कारण न मशीनें पहुंच पाईं न ही गिट्टी। प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर लोहिया गांवों में सीसी रोड बनने लगी। इस सरकार में भी इन मशीनों का उपयोग नहीं किया। सीसी रोड बनाने में इनकी मदद ली गई होती तो कार्य की गुणवत्ता बेहतर रहती। इतना ही नहीं मेडिकल कॉलेज में करोड़ों की लागत से बने इंसेफेलाइटिस वार्ड में इनका उपयोग हो सकता था पर नहीं किया गया। यही वजह है कि पीडब्ल्यूडी के स्टोर में खड़ी मिक्सर मशीनें और प्लांट पर धूल की मोटी परत जम गई है। इनका उपयोग मल्टी स्टोरी बिल्डिंगों के निर्माण में किया जा रहा है पर पीडब्ल्यूडी के लिए यह बेमानी साबित हो रही हैं। अब इसे लेकर अधिकारी एक दूसरे पर टाल रहे हैं।
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प्लांट व मिक्सर मशीनें पीडब्ल्यूडी के स्टोर पर खड़ी हैं। उनका उपयोग क्यों नहीं हो रहा, इस संबंध में मैकेनिकल के अधिशासी अभियंता ही बेहतर बता सकते हैं।
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- जुनैद अहमद, अधीक्षण अभियंता (सिविल), पीडब्ल्यूडी
सीसी प्लांट और मिक्सर मशीनें कभी चली नहीं। सिविल डिविजन वाले बेहतर बता सकते हैं कि इसका इस्तेमाल क्यों नहीं करते। मेडिकल कॉलेज में बिल्डिंग का निर्माण हो रहा था। उसमें भी इसका उपयोग नहीं हुआ। लखनऊ में हुई बैठकों में भी बार-बार मुद्दा उठाया गया कि आखिर प्लांट यहां पर क्यों पड़ा है। अब उसे ब्रिज कॉर्पोरेशन को भेजने की बात हो रही है।
- केके माथुर, अधिशासी अभियंता मैकेनिकल डिविजन, पीडब्ल्यूडी
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