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‘अमरावती निकुंज’ तय करेगा ‘रामगढ़ हाइट्स’ का भविष्य
Gorakhpur
Updated Fri, 24 Oct 2014 05:30 AM IST
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गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा हाल ही में लांच अमरावती निकुंज, रामगढ़ हाइट्स अपार्टमेंट योजना का भी भविष्य तय करेगा। तारामंडल विद्युत उपकेंद्र के पीछे प्रस्तावित इस योजना से थोड़ी ही दूरी पर रामगढ़ हाइट्स अपार्टमेंट योजना के लिए भी जगह चिह्नित है। अमरावती निकुंज के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्राधिकरण इस योजना को दोबारा लांच करने की तैयारी में है। ले-आउट आदि तैयार करने की प्रक्रिया भी लगभग पूरी हो चुकी है लेकिन योजना की राह अभी भी आसान नहीं दिख रही है।
गांधी जयंती के अवसर पर दो अक्टूबर को अमरावती निकुंज योजना लांच की गई थी। इसके तहत बनने वाले एचआईजी(हायर इंकम ग्रुप) के 60 फ्लैट के लिए तीन अक्टूबर से आवेदन पत्रों की बिक्री शुरू कर दी गई। 11 नवंबर, फ्लैट्स के लिए रजिस्ट्रेशन कराने का आखिरी दिन तय किया गया है। जीडीए के मुताबिक अभी तक इस योजना के तहत फ्लैट के लिए 113 आवेदन पत्र बिके हैं जबकि रजिस्ट्रेशन एक भी नहीं हुआ।
‘अमरावती निकुंज’ को लेकर लोगों में उत्साह कम देख रामगढ़ हाईट्स के भविष्य पर एक बार फिर संकट मंडराने लगा है। दोनों योजनाओं के तहत फ्लैट्स बनाए जाने हैं, दोनों का लोकेशन आस-पास है और फ्लैट्स (थ्री बीएचके, स्टडी रूम और थ्री बीएचके) की कीमत में भी ज्यादा अंतर नहीं है। ऐसे में अगर अमरावती निकुंज योजना फ्लाप होती है तो रामगढ़ हाइट्स को लेकर भी ज्यादा उम्मीदें नहीं पाली जा सकती।
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यही नहीं बौद्ध संग्रहालय के पास ‘यशोधरा कुंज’ योजना के तहत बनकर तैयार एलआईजी और ईडब्लूएस के मकानों को लेकर भी लोगों में उत्साह काफी कम है। तीन नवंबर को इन दोनों वर्गों के करीब दो सौ मकानों के लिए रजिस्ट्रेशन का आखिरी दिन है और अभी तक सिर्फ 55 लोगों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है। चूंकि किसी भी योजना के लिए प्राधिकरण को शासन स्तर से कोई फंड नहीं मिलता लिहाजा जिम्मेदारों ने प्लान कर रखा था कि यशोधरा कुंज और अमरावती निकुंज से जो आमदनी होगी उसी से रामगढ़ हाइट्स की शुरुआत की जाएगी।
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रामगढ़ हाइट्स परियोजना एक नजर में
11 नवंबर 2013 को लांच हुई थी रामगढ़ हाइट्स परियोजना
1020 फ्लैट बनाए जाने थे रामगढ़ हाइट्स परियोजना के तहत
बुकिंग की अवधि बढ़ाने पर भी नहीं हुई फ्लैट की बुकिंग
अंतिम तिथि 31 जनवरी 2013 तक महज 163 फ्लैट ही बुक हुए
प्राइवेट बिल्डर के अपार्टमेंट से फ्लैट की कीमत अधिक होने पर फ्लाप हुई योजना
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गांधी जयंती के अवसर पर दो अक्टूबर को अमरावती निकुंज योजना लांच की गई थी। इसके तहत बनने वाले एचआईजी(हायर इंकम ग्रुप) के 60 फ्लैट के लिए तीन अक्टूबर से आवेदन पत्रों की बिक्री शुरू कर दी गई। 11 नवंबर, फ्लैट्स के लिए रजिस्ट्रेशन कराने का आखिरी दिन तय किया गया है। जीडीए के मुताबिक अभी तक इस योजना के तहत फ्लैट के लिए 113 आवेदन पत्र बिके हैं जबकि रजिस्ट्रेशन एक भी नहीं हुआ।
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‘अमरावती निकुंज’ को लेकर लोगों में उत्साह कम देख रामगढ़ हाईट्स के भविष्य पर एक बार फिर संकट मंडराने लगा है। दोनों योजनाओं के तहत फ्लैट्स बनाए जाने हैं, दोनों का लोकेशन आस-पास है और फ्लैट्स (थ्री बीएचके, स्टडी रूम और थ्री बीएचके) की कीमत में भी ज्यादा अंतर नहीं है। ऐसे में अगर अमरावती निकुंज योजना फ्लाप होती है तो रामगढ़ हाइट्स को लेकर भी ज्यादा उम्मीदें नहीं पाली जा सकती।
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यही नहीं बौद्ध संग्रहालय के पास ‘यशोधरा कुंज’ योजना के तहत बनकर तैयार एलआईजी और ईडब्लूएस के मकानों को लेकर भी लोगों में उत्साह काफी कम है। तीन नवंबर को इन दोनों वर्गों के करीब दो सौ मकानों के लिए रजिस्ट्रेशन का आखिरी दिन है और अभी तक सिर्फ 55 लोगों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है। चूंकि किसी भी योजना के लिए प्राधिकरण को शासन स्तर से कोई फंड नहीं मिलता लिहाजा जिम्मेदारों ने प्लान कर रखा था कि यशोधरा कुंज और अमरावती निकुंज से जो आमदनी होगी उसी से रामगढ़ हाइट्स की शुरुआत की जाएगी।
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रामगढ़ हाइट्स परियोजना एक नजर में
11 नवंबर 2013 को लांच हुई थी रामगढ़ हाइट्स परियोजना
1020 फ्लैट बनाए जाने थे रामगढ़ हाइट्स परियोजना के तहत
बुकिंग की अवधि बढ़ाने पर भी नहीं हुई फ्लैट की बुकिंग
अंतिम तिथि 31 जनवरी 2013 तक महज 163 फ्लैट ही बुक हुए
प्राइवेट बिल्डर के अपार्टमेंट से फ्लैट की कीमत अधिक होने पर फ्लाप हुई योजना