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शिवराज के इंतजार में खाताधारकों ने जेल घेरा
Gorakhpur
Updated Thu, 09 Oct 2014 05:30 AM IST
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गोरखपुर। पिछले छह माह से फरार डाकखातों से जालसाजी के आरोपी शिवराज पाठक के जेल में होने की सूचना के बाद ठगी का शिकार खाताधारकों को अपना धन वापस मिलने की उम्मीद जगी है। अब सभी खाताधारकों को जहां इस मामले में पुलिस की कार्रवाई का इंतजार है, वहीं शिवराज की रिहाई का भी। जिससे वह शिवराज से अपनी रकम वापस लौटाने की बात कर सकें। इसी उम्मीद में खाताधारकों ने बुधवार को दिन भर डेरा जेल गेट को घेरे रखा। हालांकि बांड की कार्रवाई पूरी न होने के चलते शिवराज की रिहाई नहीं हो सकी। जिससे उन्हें दिन भर के इंतजार के बाद निराश लौटना पड़ा।
पीड़ित खाताधारक जहीर आलम सिद्दीकी ने बताया कि शिवराज के सामने आने से डूबी रकम वापस मिलने की उम्मीद जगी है। यही वजह है कि हमें शिवराज की रिहाई का बेसब्री से इंतजार है, जिससे हम उससे अपना हिसाब मांग सकें। शिवराज से सीधे मुलाकात हो सके, इसके लिए पीड़ित प्रफुल्ल शुक्ल, योगेश त्रिपाठी, एपी वर्मा और सच्चिदानंद दिन भर जेल के सामने उसकी रिहाई का इंतजार करते रहे। देर शाम तक वह रिहा नहीं हुआ तो फिर अगले दिन फिर आने की योजना बनाकर लौट गए।
आरोपी शिवराज ने महीने भर पहले ही एक अन्य मामले में कोर्ट में समर्पण कर दिया था। जिसमें उसे 29 सितंबर को सेशन कोर्ट से जमानत भी मिल गई है। जब इसकी जानकारी पीड़ित खाताधारकों को मिली तो उन्होंने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाया। उन्होंने एएसपी से मिलकर शिकायत दर्ज कराई कि शिवराज मिल गया है फिर भी हमारे मामले में कैंट पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। एएसपी ने खाताधारकों को कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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पीड़ित खाताधारक जहीर आलम सिद्दीकी ने बताया कि शिवराज के सामने आने से डूबी रकम वापस मिलने की उम्मीद जगी है। यही वजह है कि हमें शिवराज की रिहाई का बेसब्री से इंतजार है, जिससे हम उससे अपना हिसाब मांग सकें। शिवराज से सीधे मुलाकात हो सके, इसके लिए पीड़ित प्रफुल्ल शुक्ल, योगेश त्रिपाठी, एपी वर्मा और सच्चिदानंद दिन भर जेल के सामने उसकी रिहाई का इंतजार करते रहे। देर शाम तक वह रिहा नहीं हुआ तो फिर अगले दिन फिर आने की योजना बनाकर लौट गए।
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आरोपी शिवराज ने महीने भर पहले ही एक अन्य मामले में कोर्ट में समर्पण कर दिया था। जिसमें उसे 29 सितंबर को सेशन कोर्ट से जमानत भी मिल गई है। जब इसकी जानकारी पीड़ित खाताधारकों को मिली तो उन्होंने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाया। उन्होंने एएसपी से मिलकर शिकायत दर्ज कराई कि शिवराज मिल गया है फिर भी हमारे मामले में कैंट पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। एएसपी ने खाताधारकों को कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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