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वोट डालने बूथ तक गाड़ी से जा सकेंगे
Gorakhpur
Updated Sat, 12 Apr 2014 05:30 AM IST
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गोरखपुर। निर्वाचन आयोग की तरफ से तैनात जागरूकता प्रेक्षक डॉ. के. आंपडी और जिला निर्वाचन अधिकारी रवि कुमार एनजी ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान बताया कि मतदान में मतदाताओं को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो इसे लेकर आयोग सतर्क है। इस चुनाव में कोई भी मतदाता गाड़ी से संबंधित बूथ के दो सौ मीटर पहले तक जा सकता है। प्रशासनिक और पुलिस अफसर किसी को राकेंगे नहीं। सख्ती सिर्फ प्रत्याशियों के एजेंट के वाहनों पर होगी। अगर गाड़ी से वोट डालने जाने के दौरान किसी भी मतदाता को कोई रोके तो इसकी शिकायत निर्वाचन कंट्रोल रूम के नम्बर 0551- 2333416 या संबंधित एसडीएम को फोन करके की जा सकती है, तत्काल कार्रवाई होगी।
डॉ. आंपडी ने बताया कि पहली बार निर्वाचन आयोग ने चुनाव के लिए जागरूकता प्रेक्षक की तैनाती की है। अपनी जिम्मेदारी के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि वह मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए अब तक हुए जागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे। इसके अलावा उन बूथों पर जहां पिछले लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत काफी कम रहा है, उसकी वजह तलाशने तथा उसे दूर करने के प्रयास करेंगे। आयोग का लक्ष्य है कि सभी लोकसभा क्षेत्रों में कम से कम 75 फीसदी मतदान हो।
जिला निर्वाचन अधिकारी और डीएम रवि कुमार एनजी ने बताया कि इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता कि मतदाता सूची में कुछ खामियां हैं लेकिन खामियों को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने मतदाताओं से मतदाता सूची में नाम देख लेने की अपील की, ताकि नाम न होने पर दोबारा लिस्ट में दर्ज किया जा सके। बताया कि इस गड़बड़ी के लिए बीएलओ जिम्मेदार हैं। डीएम ने कहा कि 2009 के लोकसभा चुनाव के बाद आयोग ने मतदाता सूची को शत-प्रतिशत फोटो युक्त करने को लेकर सख्ती की थी। उस दौरान जिन वोटरों की फोटो नहीं मिली, बीएलओ ने उनके नाम ही कटवा दिए। इस पुरानी चूक की वजह से ही अभी तक मतदाता सूची को लेकर शिकायतें मिल रही हैं।
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बता दें कि 11 मार्च 2014 के अंक में ‘फिर फजीहत न करा दे पुरानी चूक’ शीर्षक से खबर प्रकाशित करके मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर ‘अमर उजाला’ पहले ही आगाह कर चुका है।
कम मतदान होने की वजह तलाशी
जागरूकता प्रेक्षक डॉ. के. आंपडी ने रजही नर्सरी के पोलिंग बूथ 303, 304, पूर्व माध्यमिक विद्यालय रायगंज के बूथ संख्या 347 से 351 तथा सेंट जोसेफ इंटर कॉलेज, गोरखनाथ में बने बूथों का निरीक्षण किया। प्रेक्षक ने बताया कि इन सभी बूथों पर पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान प्रतिशत काफी खराब था। निरीक्षण के दौरान कम मतदान प्रतिशत की वजह तलाशने का प्रयास किया गया। बताया कि सरकारी विभागों और सेना में तैनात तमाम लोगों का यहां से तबादला हो गया लेकिन वोटर लिस्ट से उनके नाम नहीं कटे, जो कम मतदान प्रतिशत की प्रमुख एफएम और एसएमएस के जरिये भी करेंगे जागरूक
डीएम रवि कुमार एनजी ने बताया कि एफएम और एसएमएस के जरिये भी मतदाताओं को जागरूक करने का काम किया जाएगा। बताया कि हाल ही में मतदाता जागरूकता के लिए आयोग की ब्रांड एंबेसडर मालिनी अवस्थी का कार्यक्रम आयोजित किया गया। बीएलओ और मतदान में तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट आदि अफसरों को भी ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को वोट की अहमियत बताने के साथ मत का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया गया है।
मतदान के पांच दिन पहले से बांटी जाएंगी पर्चियां
डीएम ने बताया कि मतदाताओं को कोई दिक्कत न हो इसलिए मतदान (12 मई) से पांच दिन पहले ही सभी मतदाताओं के घर पर वोटर पर्ची भिजवाई जाएगी। इसके लिए बीएलओ को जिम्मेदारी सौंप दी गई है और उनकी निगरानी के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी वोटर के पास वोटर कार्ड नहीं होगा तो वह इस वोटर पर्ची को दिखाकर भी वोट डाल सकता है।
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डॉ. आंपडी ने बताया कि पहली बार निर्वाचन आयोग ने चुनाव के लिए जागरूकता प्रेक्षक की तैनाती की है। अपनी जिम्मेदारी के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि वह मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए अब तक हुए जागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे। इसके अलावा उन बूथों पर जहां पिछले लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत काफी कम रहा है, उसकी वजह तलाशने तथा उसे दूर करने के प्रयास करेंगे। आयोग का लक्ष्य है कि सभी लोकसभा क्षेत्रों में कम से कम 75 फीसदी मतदान हो।
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जिला निर्वाचन अधिकारी और डीएम रवि कुमार एनजी ने बताया कि इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता कि मतदाता सूची में कुछ खामियां हैं लेकिन खामियों को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने मतदाताओं से मतदाता सूची में नाम देख लेने की अपील की, ताकि नाम न होने पर दोबारा लिस्ट में दर्ज किया जा सके। बताया कि इस गड़बड़ी के लिए बीएलओ जिम्मेदार हैं। डीएम ने कहा कि 2009 के लोकसभा चुनाव के बाद आयोग ने मतदाता सूची को शत-प्रतिशत फोटो युक्त करने को लेकर सख्ती की थी। उस दौरान जिन वोटरों की फोटो नहीं मिली, बीएलओ ने उनके नाम ही कटवा दिए। इस पुरानी चूक की वजह से ही अभी तक मतदाता सूची को लेकर शिकायतें मिल रही हैं।
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बता दें कि 11 मार्च 2014 के अंक में ‘फिर फजीहत न करा दे पुरानी चूक’ शीर्षक से खबर प्रकाशित करके मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर ‘अमर उजाला’ पहले ही आगाह कर चुका है।
कम मतदान होने की वजह तलाशी
जागरूकता प्रेक्षक डॉ. के. आंपडी ने रजही नर्सरी के पोलिंग बूथ 303, 304, पूर्व माध्यमिक विद्यालय रायगंज के बूथ संख्या 347 से 351 तथा सेंट जोसेफ इंटर कॉलेज, गोरखनाथ में बने बूथों का निरीक्षण किया। प्रेक्षक ने बताया कि इन सभी बूथों पर पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान प्रतिशत काफी खराब था। निरीक्षण के दौरान कम मतदान प्रतिशत की वजह तलाशने का प्रयास किया गया। बताया कि सरकारी विभागों और सेना में तैनात तमाम लोगों का यहां से तबादला हो गया लेकिन वोटर लिस्ट से उनके नाम नहीं कटे, जो कम मतदान प्रतिशत की प्रमुख एफएम और एसएमएस के जरिये भी करेंगे जागरूक
डीएम रवि कुमार एनजी ने बताया कि एफएम और एसएमएस के जरिये भी मतदाताओं को जागरूक करने का काम किया जाएगा। बताया कि हाल ही में मतदाता जागरूकता के लिए आयोग की ब्रांड एंबेसडर मालिनी अवस्थी का कार्यक्रम आयोजित किया गया। बीएलओ और मतदान में तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट आदि अफसरों को भी ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को वोट की अहमियत बताने के साथ मत का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया गया है।
मतदान के पांच दिन पहले से बांटी जाएंगी पर्चियां
डीएम ने बताया कि मतदाताओं को कोई दिक्कत न हो इसलिए मतदान (12 मई) से पांच दिन पहले ही सभी मतदाताओं के घर पर वोटर पर्ची भिजवाई जाएगी। इसके लिए बीएलओ को जिम्मेदारी सौंप दी गई है और उनकी निगरानी के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी वोटर के पास वोटर कार्ड नहीं होगा तो वह इस वोटर पर्ची को दिखाकर भी वोट डाल सकता है।