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इंसेफेलाइटिस मरीजों का जाना हाल, जगा गए नई उम्मींदे
Gorakhpur
Updated Wed, 09 Oct 2013 05:37 AM IST
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गोरखपुर। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को मेडिकल कालेज पहुंचकर इंसेफेलाइटिस से पीड़ित मरीजों का हाल जाना। इंसेफेलाइटिस वार्ड का निरीक्षण किया तथा डॉक्टरों से बीमारी के बारे में चर्चा की। इसके बाद इलाज के लिए जरूरी सुविधाओं को पूरा करने का आश्वासन देकर नई उम्मीद जगा गए। इंजीनियरिंग कॉलेज में लैपटाप बांटने के बाद मेडिकल कॉलेज पहुंचे सीएम ने 100 बेड के इंसेफेलाइटिस वार्ड समेत पांच सेंटरों का लोकार्पण और एक संस्थान का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से 1:10 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंचे। सबसे पहले वह 100 बेड के इंसेफेलाइटिस वार्ड परिसर पहुंचकर छह संस्थानों के लोकार्पण व शिलान्यास की औपचारिकता पूरी की। प्राचार्य ने नवनिर्मित वार्ड का अवलोकन कराते हुए इसकी जरूरतों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। वार्ड नंबर 12 में भर्ती इंसेफेलाइटिस मरीजों का हाल जानने के बाद मुख्यमंत्री प्रेक्षागृह में पहुंचे और वहां मेडिकल कॉलेज के छात्रों को संबोधित किया। प्राचार्य ने मुख्यमंत्री को 11 सूत्री मांगपत्र पढ़कर सुनाया। सीएम ने अपने संबोधन के दौरान उन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया जिसका चिकित्सकों ने तालियों से स्वागत किया। जिन मांगों को पूरा करने का मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया उनमें कैंसर वार्ड में बहुप्रतिक्षित कोबाल्ट यूनिट की स्थापना, नर्सिंग व पैरा मेडिकल परीक्षण संस्थान में काम शुरू करना, शिक्षकों व कर्मचारियों की कमी को पूरा करना, 250 केवीए का जेनरेटर और पीजी की सीटों में बढ़ोतरी शामिल है। एनआरएचएम घोटाले की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार में इस कदर लूटपाट मची कि कइयों को जेल तक जाना पड़ा। लेकिन आज कोई भी प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग पर दाग नहीं लगा सकता। स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष नवीन चंद्र बाजपेई ने भी अपनी बात रखी। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की ओर से प्राचार्य ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। मुख्यमंत्री के साथ मंच पर गोरखपुर के प्रभारी मंत्री राममूर्ति वर्मा, स्वास्थ्य राज्य मंत्री पंडित सिंह, मंत्री सामान्य प्रशासन डॉ. पीके राय और शंखलाल माझी आदि मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से 1:10 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंचे। सबसे पहले वह 100 बेड के इंसेफेलाइटिस वार्ड परिसर पहुंचकर छह संस्थानों के लोकार्पण व शिलान्यास की औपचारिकता पूरी की। प्राचार्य ने नवनिर्मित वार्ड का अवलोकन कराते हुए इसकी जरूरतों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। वार्ड नंबर 12 में भर्ती इंसेफेलाइटिस मरीजों का हाल जानने के बाद मुख्यमंत्री प्रेक्षागृह में पहुंचे और वहां मेडिकल कॉलेज के छात्रों को संबोधित किया। प्राचार्य ने मुख्यमंत्री को 11 सूत्री मांगपत्र पढ़कर सुनाया। सीएम ने अपने संबोधन के दौरान उन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया जिसका चिकित्सकों ने तालियों से स्वागत किया। जिन मांगों को पूरा करने का मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया उनमें कैंसर वार्ड में बहुप्रतिक्षित कोबाल्ट यूनिट की स्थापना, नर्सिंग व पैरा मेडिकल परीक्षण संस्थान में काम शुरू करना, शिक्षकों व कर्मचारियों की कमी को पूरा करना, 250 केवीए का जेनरेटर और पीजी की सीटों में बढ़ोतरी शामिल है। एनआरएचएम घोटाले की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार में इस कदर लूटपाट मची कि कइयों को जेल तक जाना पड़ा। लेकिन आज कोई भी प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग पर दाग नहीं लगा सकता। स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष नवीन चंद्र बाजपेई ने भी अपनी बात रखी। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की ओर से प्राचार्य ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। मुख्यमंत्री के साथ मंच पर गोरखपुर के प्रभारी मंत्री राममूर्ति वर्मा, स्वास्थ्य राज्य मंत्री पंडित सिंह, मंत्री सामान्य प्रशासन डॉ. पीके राय और शंखलाल माझी आदि मौजूद रहे।
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