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डीएम के निर्देश पर तहसीलदार पर मुकदमा
Gorakhpur
Updated Thu, 05 Sep 2013 05:35 AM IST
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गोरखपुर। बीते मंगलवार को तहसील दिवस में 2005 के एक मामले में डीएम के निर्देश पर चिलुआताल पुलिस ने तहसीलदार समेत दो अन्य पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। चिलुआताल क्षेत्र के नकहा नंबर दो के रहने वाले राम लखन शर्मा के पुत्र शिव शंकर शर्मा ने तहसील दिवस में डीएम के सामने न्याय की गुहार लगाई थी।
मामला 13 सितंबर 2005 का है। राम लखन शर्मा का आरोप था कि उस समय तत्कालीन तहसीलदार शशि भूषण, करीमनगर के अवैध नाथ शर्मा और चौरीचौरा क्षेत्र के जगदीशपुर निवासी दिग्विजय सिंह ने फर्जी तरीके से उनकी जमीन का बैनामा करा लिया। शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की। जबकि जमीन के सारे कागजात उनके पास थे। 2005 से लेकर अब तक वह जमीन के लिए कई बार अधिकारियों को लिखित शिकायत कर चुके थे। लेकिन हर बार अधिकारी उन्हें आश्वासन देने के बाद मामले में कोई कार्रवाई नहीं करते थे। तीन सितंबर को तहसील दिवस पर राम लखन शर्मा अपनी फरियाद लेकर डीएम रवि कुमार एनजी के पास पहुंचे थे। डीएम ने मामले की जांच करवाई तो राम लखन का आरोप सही निकला। डीएम ने चिलुआताल पुलिस को निर्देश दिया कि शशि भूषण, करीमनगर और अवैध नाथ शर्मा के लिए मुकदमा दर्ज करें।
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मामला 13 सितंबर 2005 का है। राम लखन शर्मा का आरोप था कि उस समय तत्कालीन तहसीलदार शशि भूषण, करीमनगर के अवैध नाथ शर्मा और चौरीचौरा क्षेत्र के जगदीशपुर निवासी दिग्विजय सिंह ने फर्जी तरीके से उनकी जमीन का बैनामा करा लिया। शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की। जबकि जमीन के सारे कागजात उनके पास थे। 2005 से लेकर अब तक वह जमीन के लिए कई बार अधिकारियों को लिखित शिकायत कर चुके थे। लेकिन हर बार अधिकारी उन्हें आश्वासन देने के बाद मामले में कोई कार्रवाई नहीं करते थे। तीन सितंबर को तहसील दिवस पर राम लखन शर्मा अपनी फरियाद लेकर डीएम रवि कुमार एनजी के पास पहुंचे थे। डीएम ने मामले की जांच करवाई तो राम लखन का आरोप सही निकला। डीएम ने चिलुआताल पुलिस को निर्देश दिया कि शशि भूषण, करीमनगर और अवैध नाथ शर्मा के लिए मुकदमा दर्ज करें।
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