{"_id":"67-68092","slug":"Gorakhpur-68092-67","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक लाइसेंस पर दो रिवाल्वर, महंगी पड़ी चालाकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक लाइसेंस पर दो रिवाल्वर, महंगी पड़ी चालाकी
Gorakhpur
Updated Fri, 12 Jul 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर। विदेशी रिवाल्वर की लालच ने गोरखनाथ थाना क्षेत्र के रमेश चन्द भट्ट को मुश्किल में डाल दिया है। डीएम ने अब दूसरे की जब्त की गई इस रिवाल्वर को लौटाने के अलावा उनके खुद का लाइसेंस निरस्त कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है। डीएम ने यह कार्रवाई अनधिकृत तरीके से एक ही लाइसेंस पर डेढ़ दशक से दो रिवाल्वर रखने पर की। यही नहीं डीएम ने बिना प्रशासन की अनुमति के रिवाल्वर गिरवी रखने वाले का भी लाइसेंस निरस्त करने के लिए बस्ती प्रशासन को पत्र लिखने को कहा है।
दरअसल बस्ती जिले के मुंडेरवा थाना क्षेत्र के कन्हैया लाल अग्रहरी ने 18 साल पहले अपनी इंग्लैंड की बनी वेब्ले स्कॉट रिवाल्वर जिले के गोरखनाथ थाना क्षेत्र के उत्तरी जटेपुर निवासी रमेश चन्द भट्ट के पास गिरवी रख दी थी। करीब डेढ़ दशक बाद उसने रमेश से रिवाल्वर वापस मांगी तो उन्होंने उसे देने से इंकार कर दिया। पहले तो वह दौड़ता रहा लेकिन जब बात बनती नहीं दिखी तो उसने इसकी शिकायत जिला प्रशासन से कर दी। डीएम ने दोनों को तलब किया तो पता चला कि रमेश के पास खुद की एक लाइसेंसी रिवाल्वर है जिसका लाइसेंस 28 जुलाई 1994 को जारी हुआ था। इसी लाइसेंस पर उसने कन्हैया की गिरवी रखी विदेशी रिवाल्वर भी रखा था।
इस पर डीएम ने एसएसपी को पत्र लिखकर रमेश चन्द भट्ट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के अलावा बिना प्रशासन की अनुमति के रिवाल्वर गिरवी रखने पर कन्हैया के खिलाफ भी कार्रवाई करने के लिए बस्ती प्रशासन को पत्र लिखने का निर्देश दिया है। बता दें कि यह मामला सीओ गोरखनाथ के पास भी जा चुका है। वह इसकी जांच कर रहे हैं।
विज्ञापन
रमजान आ गया, कब तक बैठे रहोगे
गोरखपुर। खाद्य सुरक्षा विभाग के अफसरों पर डीएम ने बृहस्पतिवार को नाराजगी व्यक्त किया। खफा डीएम ने विभाग के जिम्मेदारों को खरी-खटी सुनाई और दो टूक शब्दों में कहा कि ‘रमजान आ गया, कब तक बैठे रहोगे। क्या कहने पर ही मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई होगी’। उन्होंने निरंतर अभियान चलाकर मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अफसर लापरवाही न करें इसलिए उन्होंने रोजाना शाम को दिन भर के कार्रवाई की रिपोर्ट मुहैया कराने को कहा।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों से डीएम को मिलावट की कई शिकायतें मिल रही थी। इस पर डीएम ने मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी को बृहस्पतिवार को दफ्तर तलब कर मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान नहीं चलने की वजह पूछी। संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और रोजाना छापामारी कर खाद्य पदार्थों की जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभाग सिर्फ त्योहारों में ही सक्रिय होता है। कार्रवाई के लिए शासन या उनके निर्देशों का इंतजार न किया जाए और मिलावटखोरों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए।
लॉलीपॉप न दो, कुछ काम करो
गोरखपुर। डीएम ने बुधवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह पर भी नाराजगी जताई। विद्यालयों के निरीक्षण के बारे में पूछे जाने पर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाने पर उन्होंने कहा कि ‘लॉलीपॉप न दो, कुछ काम करो’। उन्होंने बीएसए से कहा कि ज्यादा से ज्यादा स्कूलों का निरीक्षण करें और बच्चों के साथ ही साथ शिक्षकों से भी सवाल पूछें।
डीएम ने बीएसए से इस सत्र में स्कूलों के निरीक्षण के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि फाइल देखकर बताते हैं। इस पर डीएम ने कहा कि किसी एक गांव का ही नाम बता दीजिए तो उन्होंने जवाब दिया पिपराइच ब्लॉक के स्कूल का। इस पर डीएम ने अगला सवाल दागते हुए कहा कि पिपराइच तो ब्लॉक है। वहां कई स्कूल हैं। किस स्कूल का निरीक्षण उन्होंने किया। इस पर बीएसए कोई जवाब नहीं दे सके, जिस पर डीएम ने कहा कि कोई व्यक्ति किसी गांव के रास्तों से होकर जाता है और उसे उस जगह का नाम ही नहीं याद रहे, इस पर सहजता से विश्वास नहीं किया जा सकता। उन्होंने बीएसए से कुछ सृजनात्मक करने को कहा तो उन्होंने चुप्पी साध ली। इस पर डीएम ने सामान्य ज्ञान, हैंड राइटिंग आदि की प्रतियोगिताएं आयोजित करने तथा उसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कृत करने को कहा। उन्होंने इस संबंध में जल्द कार्ययोजना तैयार कर उन्हें उपलब्ध कराने को कहा।
विज्ञापन
दरअसल बस्ती जिले के मुंडेरवा थाना क्षेत्र के कन्हैया लाल अग्रहरी ने 18 साल पहले अपनी इंग्लैंड की बनी वेब्ले स्कॉट रिवाल्वर जिले के गोरखनाथ थाना क्षेत्र के उत्तरी जटेपुर निवासी रमेश चन्द भट्ट के पास गिरवी रख दी थी। करीब डेढ़ दशक बाद उसने रमेश से रिवाल्वर वापस मांगी तो उन्होंने उसे देने से इंकार कर दिया। पहले तो वह दौड़ता रहा लेकिन जब बात बनती नहीं दिखी तो उसने इसकी शिकायत जिला प्रशासन से कर दी। डीएम ने दोनों को तलब किया तो पता चला कि रमेश के पास खुद की एक लाइसेंसी रिवाल्वर है जिसका लाइसेंस 28 जुलाई 1994 को जारी हुआ था। इसी लाइसेंस पर उसने कन्हैया की गिरवी रखी विदेशी रिवाल्वर भी रखा था।
विज्ञापन
इस पर डीएम ने एसएसपी को पत्र लिखकर रमेश चन्द भट्ट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के अलावा बिना प्रशासन की अनुमति के रिवाल्वर गिरवी रखने पर कन्हैया के खिलाफ भी कार्रवाई करने के लिए बस्ती प्रशासन को पत्र लिखने का निर्देश दिया है। बता दें कि यह मामला सीओ गोरखनाथ के पास भी जा चुका है। वह इसकी जांच कर रहे हैं।
विज्ञापन
रमजान आ गया, कब तक बैठे रहोगे
गोरखपुर। खाद्य सुरक्षा विभाग के अफसरों पर डीएम ने बृहस्पतिवार को नाराजगी व्यक्त किया। खफा डीएम ने विभाग के जिम्मेदारों को खरी-खटी सुनाई और दो टूक शब्दों में कहा कि ‘रमजान आ गया, कब तक बैठे रहोगे। क्या कहने पर ही मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई होगी’। उन्होंने निरंतर अभियान चलाकर मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अफसर लापरवाही न करें इसलिए उन्होंने रोजाना शाम को दिन भर के कार्रवाई की रिपोर्ट मुहैया कराने को कहा।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों से डीएम को मिलावट की कई शिकायतें मिल रही थी। इस पर डीएम ने मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी को बृहस्पतिवार को दफ्तर तलब कर मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान नहीं चलने की वजह पूछी। संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और रोजाना छापामारी कर खाद्य पदार्थों की जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभाग सिर्फ त्योहारों में ही सक्रिय होता है। कार्रवाई के लिए शासन या उनके निर्देशों का इंतजार न किया जाए और मिलावटखोरों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए।
लॉलीपॉप न दो, कुछ काम करो
गोरखपुर। डीएम ने बुधवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह पर भी नाराजगी जताई। विद्यालयों के निरीक्षण के बारे में पूछे जाने पर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाने पर उन्होंने कहा कि ‘लॉलीपॉप न दो, कुछ काम करो’। उन्होंने बीएसए से कहा कि ज्यादा से ज्यादा स्कूलों का निरीक्षण करें और बच्चों के साथ ही साथ शिक्षकों से भी सवाल पूछें।
डीएम ने बीएसए से इस सत्र में स्कूलों के निरीक्षण के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि फाइल देखकर बताते हैं। इस पर डीएम ने कहा कि किसी एक गांव का ही नाम बता दीजिए तो उन्होंने जवाब दिया पिपराइच ब्लॉक के स्कूल का। इस पर डीएम ने अगला सवाल दागते हुए कहा कि पिपराइच तो ब्लॉक है। वहां कई स्कूल हैं। किस स्कूल का निरीक्षण उन्होंने किया। इस पर बीएसए कोई जवाब नहीं दे सके, जिस पर डीएम ने कहा कि कोई व्यक्ति किसी गांव के रास्तों से होकर जाता है और उसे उस जगह का नाम ही नहीं याद रहे, इस पर सहजता से विश्वास नहीं किया जा सकता। उन्होंने बीएसए से कुछ सृजनात्मक करने को कहा तो उन्होंने चुप्पी साध ली। इस पर डीएम ने सामान्य ज्ञान, हैंड राइटिंग आदि की प्रतियोगिताएं आयोजित करने तथा उसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कृत करने को कहा। उन्होंने इस संबंध में जल्द कार्ययोजना तैयार कर उन्हें उपलब्ध कराने को कहा।