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तहाड़ के बाद तोड़ा यहां का सुरक्षा घेरा
Gorakhpur
Updated Thu, 07 Mar 2013 05:30 AM IST
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गोरखपुर। मकोका में निरुद्ध बलजिंदर गोरखपुर से पहले तिहाड़ का भी सुरक्षा घेरा तोड़ चुका है। कुख्यात अपराधी के फरार होने के बाद पुलिस ने शहर के सभी बस अड्डों, रेलवे स्टेशन, होटल और धर्मशाला की जांच पड़ताल की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। पांच राज्यों के इस मोस्ट वांटेंड अपराधी की सुरक्षा में महज दो सिपाही लगाए गए थे, जिन्हें उसने आसानी चकमा दे दिया। लापरवाही के आरोपी दोनों सिपाहियों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है साथ ही नेपाल सीमा पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
तिवारीपुर के माधोपुर इलाके में पकड़े गए सतनाम उर्फ सत्ता उर्फ बलजिंदर सिंह पंजाब पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। अमृतसर, चंदेर थाने के खतराई कला का बलजिंदर इसके पहले तिहाड़ जेल से भटिंडा पेशी पर जाते समय दिल्ली बॉर्डर से फरार हो गया था। वह पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान समेत कई राज्यों में बैंक लूट की करीब 60 से अधिक वारदात को अंजाम दे चुका है। कचहरी में पेशी के दौरान फरार बलजिंदर के फरार होने की खबर मिलते ही अफरा-तफरी मच गई। एसपी सिटी परेश पांडेय के साथ सीओ और इंस्पेक्टर लाव लश्कर के साथ बलजिंदर की तलाश में जुट गए।
सुरक्षा में लापरवाही पर कार्रवाई की तैयारी
कुख्यात अपराधी को भी सामान्य बंदियों और कैदियों की तरह कोर्ट में पेश कराने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पेशी के समय बलजिंदर के साथ महज दो कांस्टेबल की ड्यूटी लगाने की जांच शुरू हो गई है। सूत्रों की मानें तो इस मामले में दोनों सिपाहियों के साथ आरआई पुलिस लाइन की भूमिका की भी जांच होगी। पुलिस अधिकारियों ने माना कि सुरक्षा में लापरवाही के चलते ही बलजिंदर फरार हो गया।
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कप्तान ने संभाली थी ऑपरेशन की कमान
पुलिस के मुखबिर ने बताया था कि तिवारीपुर में माधोपुर न्यू कॉलोनी के एक अर्धनिर्मित मकान में कुछ कुख्यात अपराधी रह रहे हैं। 26 जुलाई की रात दो बजे एसओजी समेत कई थानों की पुलिस ने घेराबंदी की। सुबह साढ़े सात बजे पहुंचे तत्कालीन एसएसपी आशुतोष कुमार ने अपराधियों को सरेंडर करने की चेतावनी दी थी। कई बार कहने और धमकाने के बावजूद करीब दस बजे दो युवक और एक महिला घर से निकलकर भागने लगी। पुलिस ने तीनों को दबोच लिया। बलजिंदर के साथ उस समय पूर्वांचल के कुख्यात बदमाश त्रिभुवन उर्फ पिंटू सिंह भी गिरफ्तार हुआ था। उनके पास से भारी मात्रा में तमंचा, कारतूस और लूटी गई कार बरामद हुई थी। पकड़ी गई महिला ने अपना नाम राजबीर उर्फ हरप्रीत कौर बताया था। लुधियाना के जगरांव तहसील के चीमा गांव की हरप्रीत का कहना था कि बलजिंदर उसका पति है और जबरदस्ती उठा लाया है। पति की हरकतों के कारण उसने तलाक की अर्जी दे रखी है। हरप्रीत ने बताया था कि उसके दो बेटे हैं जो ससुराल में रहते हैं।
गोरखपुर में थी बैंक लूट की योजना
गिरफ्तारी के बाद त्रिभुवन ने बताया था कि पिपराइच के सुमित उर्फ सोनू से उसका परिचय जेल में हुआ था। सुमित ने ही बलजिंदर से उसकी मुलाकात कराई थी। उन दोनों में संपर्क कैसे हुआ था ये नहीं पता है। बलजिंदर पहले अकेले रहने आया था। इसके बाद उसकी पत्नी भी आ गई। बलजिंदर ने पुलिस की पूछताछ में बताया था कि गोरखपुर के कुछ बैंकों को लूटने की उसकी योजना थी। त्रिभुवन से उसकी जान पहचान होने के बाद दोनों ने कई बैंकों की रेकी की थी।
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तिवारीपुर के माधोपुर इलाके में पकड़े गए सतनाम उर्फ सत्ता उर्फ बलजिंदर सिंह पंजाब पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। अमृतसर, चंदेर थाने के खतराई कला का बलजिंदर इसके पहले तिहाड़ जेल से भटिंडा पेशी पर जाते समय दिल्ली बॉर्डर से फरार हो गया था। वह पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान समेत कई राज्यों में बैंक लूट की करीब 60 से अधिक वारदात को अंजाम दे चुका है। कचहरी में पेशी के दौरान फरार बलजिंदर के फरार होने की खबर मिलते ही अफरा-तफरी मच गई। एसपी सिटी परेश पांडेय के साथ सीओ और इंस्पेक्टर लाव लश्कर के साथ बलजिंदर की तलाश में जुट गए।
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सुरक्षा में लापरवाही पर कार्रवाई की तैयारी
कुख्यात अपराधी को भी सामान्य बंदियों और कैदियों की तरह कोर्ट में पेश कराने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पेशी के समय बलजिंदर के साथ महज दो कांस्टेबल की ड्यूटी लगाने की जांच शुरू हो गई है। सूत्रों की मानें तो इस मामले में दोनों सिपाहियों के साथ आरआई पुलिस लाइन की भूमिका की भी जांच होगी। पुलिस अधिकारियों ने माना कि सुरक्षा में लापरवाही के चलते ही बलजिंदर फरार हो गया।
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कप्तान ने संभाली थी ऑपरेशन की कमान
पुलिस के मुखबिर ने बताया था कि तिवारीपुर में माधोपुर न्यू कॉलोनी के एक अर्धनिर्मित मकान में कुछ कुख्यात अपराधी रह रहे हैं। 26 जुलाई की रात दो बजे एसओजी समेत कई थानों की पुलिस ने घेराबंदी की। सुबह साढ़े सात बजे पहुंचे तत्कालीन एसएसपी आशुतोष कुमार ने अपराधियों को सरेंडर करने की चेतावनी दी थी। कई बार कहने और धमकाने के बावजूद करीब दस बजे दो युवक और एक महिला घर से निकलकर भागने लगी। पुलिस ने तीनों को दबोच लिया। बलजिंदर के साथ उस समय पूर्वांचल के कुख्यात बदमाश त्रिभुवन उर्फ पिंटू सिंह भी गिरफ्तार हुआ था। उनके पास से भारी मात्रा में तमंचा, कारतूस और लूटी गई कार बरामद हुई थी। पकड़ी गई महिला ने अपना नाम राजबीर उर्फ हरप्रीत कौर बताया था। लुधियाना के जगरांव तहसील के चीमा गांव की हरप्रीत का कहना था कि बलजिंदर उसका पति है और जबरदस्ती उठा लाया है। पति की हरकतों के कारण उसने तलाक की अर्जी दे रखी है। हरप्रीत ने बताया था कि उसके दो बेटे हैं जो ससुराल में रहते हैं।
गोरखपुर में थी बैंक लूट की योजना
गिरफ्तारी के बाद त्रिभुवन ने बताया था कि पिपराइच के सुमित उर्फ सोनू से उसका परिचय जेल में हुआ था। सुमित ने ही बलजिंदर से उसकी मुलाकात कराई थी। उन दोनों में संपर्क कैसे हुआ था ये नहीं पता है। बलजिंदर पहले अकेले रहने आया था। इसके बाद उसकी पत्नी भी आ गई। बलजिंदर ने पुलिस की पूछताछ में बताया था कि गोरखपुर के कुछ बैंकों को लूटने की उसकी योजना थी। त्रिभुवन से उसकी जान पहचान होने के बाद दोनों ने कई बैंकों की रेकी की थी।