फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   kala namak padi wiil see in new form

बदला-बदला सा दिखेगा ‘काला नमक’

Thu, 25 Oct 2018 10:48 PM IST
siddharthnagar/नीरज मिश्र
siddharthnagar/नीरज मिश्र Updated Thu, 25 Oct 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
kala namak padi wiil see in new form
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। बुद्ध भूमि पर लहलहानेवाले वाले ‘काला नमक’ धान की खुश्बू व उसकी लंबाई पर शोधकार्य शुरू हो गया है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रोद्यौगिकी विवि फैजाबाद सहित सोहना कृषि विज्ञान केंद्र में वैज्ञानिकों ने ‘काला नमक’ पर शोधकार्य शुरू कर दिया है। महक और धान की लंबाई के साथ-साथ अधिक पैदावार कैसे हो, इस पर कृषि वैज्ञानिक काम कर रहे हैं। टीम में सात सदस्य शामिल हैं जो वैरायटी डेवलप करने में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन


एक जिला-एक उत्पाद योजना के बाद काला नमक की ब्रांडिंग का दौर जो शुरू हुआ है। उस पर कृषि वैज्ञानिकों ने काम तेज कर दिया है। टीम के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. मिथिलेश पांडेय के नेतृत्व में टीम के वैज्ञानिक डॉ. मारकंडेय सिंह, डॉ. एसएन सिंह, डॉ. पीके मिश्र, डॉ. एसके मिश्रा, डॉ. प्रदीप कुमार काला नमक की नई वैरायटी विकसित करने पर शोध कर रहे हैं। डॉ. मारकंडेय सिंह ने बताया कि सिद्धार्थनगर के वातावरण के अनुसार नई वैरायटी पर काम चल रहा है। उद्देश्य है कि पहले जैसी खुश्बू और धान की लंबाई को कम किया जाए ताकि अधिक से अधिक पैदावार हो सके। बताया कि धान की लंबाई अधिक होने से बीज गिर जाते हैं और धान की पैदावार घट जाती है। इस पर काम चल रहा है। बताया कि नई वैरायटी तैयार होने में कम से कम 11 साल का समय लगता है। उल्लेखनीय है कि 1993 से लेकर 2002 तक पंतनगर कृषि विवि में शोध हुआ था लेकिन तापमान के अनुकूल न होने के कारण वहां के वैज्ञानिकों को सफलता नहीं मिली।
विज्ञापन


काला नमक के लिए सबसे महत्वपूर्ण है तापमान
कृषि वैैज्ञानिक डॉ. मारकंडेय सिंह ने बताया कि काला नमक के लिए सबसे महत्वपूर्ण तापमान है। काला नमक के लिए जिला का तापमान अनुकूल है। औसतन 20 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान होना चाहिए। 15 नवंबर के बाद काला नमक के धान की कटाई की जाती है। उसी समय गेहूं की बुआई का समय होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद कर रहा ट्रॉयल
डॉ. मारकंडेय सिंह ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद सिद्धार्थनगर जिले को छोड़कर बस्ती व गोरखपुर मंडल के अन्य जिलों में काला नमक पर शोध कर रहा है। बस्ती, फैजाबाद, संतकबीरनगर, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज जिले में काला नमक पर काम चल रहा है। अगर सिद्धार्थनगर की तरह इन जिलों का तापमान अनुकूल रहता है तो वहां भी काला नमक की खुश्बू बिखरेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed