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गोरखपुर-वाराणसी मार्ग किया जाम, एटीएम में तोड़फोड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Mon, 02 Apr 2018 07:35 PM IST
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प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई।
- फोटो : Amar Ujala
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एससी, एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज दलित संगठनों ने सोमवार को भारत बंद का समर्थन करके जोरदार प्रदर्शन किया। कौड़ीराम में गोरखपुर-वाराणसी मार्ग घंटों जाम रखा। शहरी क्षेत्र के अलहदादपुर में पीएनबी के एटीएम में तोड़फोड़ की गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी हुई। तमाम प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इससे नाराज प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर मनमानी का आरोप लगाया है।
दलित संगठनों ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन करके जुलूस निकाला। तमाम प्रदर्शनकारी नौसड़ से इंदिरा बाल विहार तक पैदल ही पहुंचे। रास्ते में कई जगह जाम लगाने और तोड़फोड़ की कोशिशें की गईं। इसी तरह नार्मल रोड से प्रदर्शनकारी अलहदादपुर पहुंचे और वहां पीएनबी के एटीएम में तोड़फोड़ की। कई वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया। इसदौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठी पटककर भीड़ का तितर-बितर किया। इससे आपाधापी मची और कुछ प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं। एटीएम को नुकसान पहुंचाने के दौरान प्रदर्शनकारी धीरेंद्र प्रताप के हाथ में गंभीर चोट लगी है।
इसके बाद प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए शास्त्री चौराहे से कचहरी चौराहे तक गए। वहां प्रदर्शन करके एससी, एसटी एक्ट में बदलाव के फैसले को वापस लिए जाने की मांग की। इस दौरान भलोटिया मार्केट और गोलघर में कुछ दुकानें बंद कराने की कोशिश की गईं। इस पर दुकानदारों से उनकी झड़प भी हुई। कुछ प्रदर्शनकारी टाउनहाल स्थित गांधी प्रतिमा के पास पहुंचे और सभा करने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने रोका तो प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया और कई लोगों को हिरासत में लेकर नगर निगम परिसर ले आई। हालांकि देरशाम सभी को छोड़ दिया गया।
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जबरन बंद कराईं दुकानें
भारत बंद का व्यापक असर नहीं देखने को मिला। गोरखपुर के ज्यादातर हिस्सों में दुकानें सुबह से खुली रहीं। हालांकि अलग-अलग दलित संगठनों का प्रदर्शन जोरदार रहा। प्रदर्शनकारियों ने कई जगह दुकानें बंद कराने की कोशिश की। भलोटिया मार्केट में दवा की कई दुकानों का शटर गिरवाया गया। गोलघर चौराहे की कुछ दुकानों को भी बंद कराया गया।
गोला में भी प्रदर्शन
गोला तहसील में भी भारत बंद के समर्थन में जुलूस निकाला गया। साथ ही तहसील स्तरीय अफसरों के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने दुकानें बंद कराने की कोशिश भी की। इसे लेकर दुकानदारों से बहस भी हुई।
लंबा जाम लगाया
प्रदर्शनकारियों ने कौड़ीराम में भीषण जाम लगाया। इससे गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दोपहर बाद सड़क से हटाया, तब जाकर वाहनों के निकलने का सिलसिला शुरू हुआ। देरशाम जाकर राजमार्ग पर आवागमन सुचारु हो सका।
संगठनों ने आंदोलन को सफल बताया
यूपी अनुसूचित जाति, जनजाति संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय संयोजक हरिशरण गौतम और वरिष्ठ सह संयोजक विश्वनाथ ने आंदोलन को सफल बताया है। अनुसूचित जाति, जनजाति माध्यमिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रामप्रताप राम, श्रवण कुमार, विनोद कुमार, रामजी बागी ने कहा कि एक्ट को कमजोर करना ठीक नहीं है। अंबेडकरवादी जागरण मंच के कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम प्रसाद और श्याम देव ने कहा कि बंद का व्यापक असर देखने को मिला। बसपा ने भी आंदोलन का समर्थन किया। मुख्य जोन इंचार्ज सुरेश कुमार गौतम, जोन इंचार्ज बृजेश कुमार और जिलाध्यक्ष घनश्याम राही ने भी आंदोलन का समर्थन किया। साथ ही नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर पुलिस पर मनमानी का आरोप लगाया। भाकपा माले ने भी आंदोलन का समर्थन किया। आल इंडिया एससी, एसटी रेलवे इंपलाइज एसोसिएशन के महामंत्री चंद्रशेखर ने कहा कि एक्ट को कमजोर करने की साजिश सफल नहीं होने दी जाएगी।
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दलित संगठनों ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन करके जुलूस निकाला। तमाम प्रदर्शनकारी नौसड़ से इंदिरा बाल विहार तक पैदल ही पहुंचे। रास्ते में कई जगह जाम लगाने और तोड़फोड़ की कोशिशें की गईं। इसी तरह नार्मल रोड से प्रदर्शनकारी अलहदादपुर पहुंचे और वहां पीएनबी के एटीएम में तोड़फोड़ की। कई वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया। इसदौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठी पटककर भीड़ का तितर-बितर किया। इससे आपाधापी मची और कुछ प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं। एटीएम को नुकसान पहुंचाने के दौरान प्रदर्शनकारी धीरेंद्र प्रताप के हाथ में गंभीर चोट लगी है।
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इसके बाद प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए शास्त्री चौराहे से कचहरी चौराहे तक गए। वहां प्रदर्शन करके एससी, एसटी एक्ट में बदलाव के फैसले को वापस लिए जाने की मांग की। इस दौरान भलोटिया मार्केट और गोलघर में कुछ दुकानें बंद कराने की कोशिश की गईं। इस पर दुकानदारों से उनकी झड़प भी हुई। कुछ प्रदर्शनकारी टाउनहाल स्थित गांधी प्रतिमा के पास पहुंचे और सभा करने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने रोका तो प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया और कई लोगों को हिरासत में लेकर नगर निगम परिसर ले आई। हालांकि देरशाम सभी को छोड़ दिया गया।
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जबरन बंद कराईं दुकानें
भारत बंद का व्यापक असर नहीं देखने को मिला। गोरखपुर के ज्यादातर हिस्सों में दुकानें सुबह से खुली रहीं। हालांकि अलग-अलग दलित संगठनों का प्रदर्शन जोरदार रहा। प्रदर्शनकारियों ने कई जगह दुकानें बंद कराने की कोशिश की। भलोटिया मार्केट में दवा की कई दुकानों का शटर गिरवाया गया। गोलघर चौराहे की कुछ दुकानों को भी बंद कराया गया।
गोला में भी प्रदर्शन
गोला तहसील में भी भारत बंद के समर्थन में जुलूस निकाला गया। साथ ही तहसील स्तरीय अफसरों के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने दुकानें बंद कराने की कोशिश भी की। इसे लेकर दुकानदारों से बहस भी हुई।
लंबा जाम लगाया
प्रदर्शनकारियों ने कौड़ीराम में भीषण जाम लगाया। इससे गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दोपहर बाद सड़क से हटाया, तब जाकर वाहनों के निकलने का सिलसिला शुरू हुआ। देरशाम जाकर राजमार्ग पर आवागमन सुचारु हो सका।
संगठनों ने आंदोलन को सफल बताया
यूपी अनुसूचित जाति, जनजाति संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय संयोजक हरिशरण गौतम और वरिष्ठ सह संयोजक विश्वनाथ ने आंदोलन को सफल बताया है। अनुसूचित जाति, जनजाति माध्यमिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रामप्रताप राम, श्रवण कुमार, विनोद कुमार, रामजी बागी ने कहा कि एक्ट को कमजोर करना ठीक नहीं है। अंबेडकरवादी जागरण मंच के कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम प्रसाद और श्याम देव ने कहा कि बंद का व्यापक असर देखने को मिला। बसपा ने भी आंदोलन का समर्थन किया। मुख्य जोन इंचार्ज सुरेश कुमार गौतम, जोन इंचार्ज बृजेश कुमार और जिलाध्यक्ष घनश्याम राही ने भी आंदोलन का समर्थन किया। साथ ही नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर पुलिस पर मनमानी का आरोप लगाया। भाकपा माले ने भी आंदोलन का समर्थन किया। आल इंडिया एससी, एसटी रेलवे इंपलाइज एसोसिएशन के महामंत्री चंद्रशेखर ने कहा कि एक्ट को कमजोर करने की साजिश सफल नहीं होने दी जाएगी।