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एमएमएमयूटी और जापानी यूनिवर्सिटी का करार
Updated Wed, 09 Aug 2017 12:49 AM IST
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गोरखपुर। मदनमोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और जापान की राइक्यूस यूनिवर्सिटी के बीच स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम का समझौता मंगलवार को सीएम की मौजूदगी में लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुआ। इस दौरान मालवीय विश्वविद्यालय केे प्रतिनिधि डॉ. गोविंद पांडेय और जापानी विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि प्रो. टामोहिसा वाडा के बीच समझौते का आदान-प्रदान किया गया।
करार के तहत दोनों विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी और शिक्षक पांच साल तक एक-दूसरे के विश्वविद्यालय का दौरा करेंगे। इससे गुणवत्तापूर्ण शोध कार्यों के साथ ही नए शोध को बढ़ावा मिलेगा। इस अंतरराष्ट्रीय करार को लेकर जापान की राइक्यूस यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधिमंडल ने जून में एमएमएमयूटी का दौरा किया था। प्रो. टॉमेहिसा वाडा और प्रो. नोबूयुकी ओगुरा ने विश्वविद्यालय के समक्ष शैक्षणिक और शोध कार्यों को बढ़ावा देने, छात्रों के विनिमय के संबंध में चर्चा की थी।
मालवीयंस को ये मिलेगी सहूलियत
प्रत्येक सत्र में अधिकतम पांच विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। प्रवेश संबंधी आखिरी निर्णय मेजबान विश्वविद्यालय करेगा। विद्यार्थियों के लिए एक वर्ष तक पढ़ने और रहने की निशुल्क व्यवस्था की जाएगी। प्रवेश परीक्षा शुल्क, प्रवेश शुल्क और शिक्षण शुल्क से निजात मिलेग। विद्यार्थियों का स्वास्थ्य बीमा, यात्रा का खर्चा, स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था यूनिवर्सिटी करेगी।
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विश्वविद्यालय को मिला 15 करोड़ का चेक
मालवीय विश्वविद्यालय को पंडित दीनदयाल उपाध्याय गुणवत्ता सुधार योजना के अंतर्गत सीएम ने 15 करोड़ का चेक दिया है। इसका इस्तेमाल यूनिवर्सिटी के संसाधनों को बढ़ाने और मौजूदा संसाधनों को दुरुस्त करने के लिए किया जाएगा। वहीं यूनिवर्सिटी के डिजिटाइजेशन में भी इस बजट का उपयोग किया जाएगा।
करार के तहत दोनों विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी और शिक्षक पांच साल तक एक-दूसरे के विश्वविद्यालय का दौरा करेंगे। इससे गुणवत्तापूर्ण शोध कार्यों के साथ ही नए शोध को बढ़ावा मिलेगा। इस अंतरराष्ट्रीय करार को लेकर जापान की राइक्यूस यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधिमंडल ने जून में एमएमएमयूटी का दौरा किया था। प्रो. टॉमेहिसा वाडा और प्रो. नोबूयुकी ओगुरा ने विश्वविद्यालय के समक्ष शैक्षणिक और शोध कार्यों को बढ़ावा देने, छात्रों के विनिमय के संबंध में चर्चा की थी।
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मालवीयंस को ये मिलेगी सहूलियत
प्रत्येक सत्र में अधिकतम पांच विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। प्रवेश संबंधी आखिरी निर्णय मेजबान विश्वविद्यालय करेगा। विद्यार्थियों के लिए एक वर्ष तक पढ़ने और रहने की निशुल्क व्यवस्था की जाएगी। प्रवेश परीक्षा शुल्क, प्रवेश शुल्क और शिक्षण शुल्क से निजात मिलेग। विद्यार्थियों का स्वास्थ्य बीमा, यात्रा का खर्चा, स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था यूनिवर्सिटी करेगी।
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विश्वविद्यालय को मिला 15 करोड़ का चेक
मालवीय विश्वविद्यालय को पंडित दीनदयाल उपाध्याय गुणवत्ता सुधार योजना के अंतर्गत सीएम ने 15 करोड़ का चेक दिया है। इसका इस्तेमाल यूनिवर्सिटी के संसाधनों को बढ़ाने और मौजूदा संसाधनों को दुरुस्त करने के लिए किया जाएगा। वहीं यूनिवर्सिटी के डिजिटाइजेशन में भी इस बजट का उपयोग किया जाएगा।