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बिजली की भीषण कटौती पर चीफ इंजीनियर तलब
Updated Thu, 15 Jun 2017 02:11 AM IST
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गोरखपुर। शहर की बदहाल बिजली व्यवस्था पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी को फोन पर कड़ी फटकार लगाई तो वहीं चीफ इंजीनियर को गुरुवार की दोपहर 12 बजे गोरखनाथ मंदिर में तलब किया। उन्होंने यूपी पावर कारपोरेशन के एमडी को जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था सुधारने की हिदायत दी। वहीं सीएम की फटकार के बाद हरकत में आए बिजली विभाग के आला अफसरों ने देर रात विद्युत नगरीय वितरण खंड द्वितीय बक्शीपुर के अधिशासी अभियंता आरसी पाण्डेय को हटा दिया। उन्हें मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। इसकी पुष्टि पावर कारपोरेशन के एमडी विशाल चौहान ने की है। एमडी ने बताया कि अधिशासी अभियंता को खराब काम काज के लिए चार्ज शीट भी दी गई है। माना जा रहा है कि सीएम की नाराजगी का असर बिजली विभाग के कुछ और आला अफसरों पर पड़ सकता है।
बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री को फीडबैक मिला कि शहर की बिजली व्यवस्था कई सप्ताह से लड़खड़ा गई है। कहीं लो वोल्टेज समस्या बना है तो कई इलाकों में पूरे दिन बिजली गायब रह रही है। लोकल फाल्ट को भी समय से दुरुस्त करने में बिजली महकमा फेल साबित हो रहा है। एक्सईएन आरसी पाण्डेय पर कार्रवाई भी इसी वजह से हुई। 13 जून को आई हल्की आंधी-पानी में गोरखनाथ क्षेत्र के समूचे इलाके में आठ से नौ घंटे बिजली कटी रही मगर विभाग समय से फाल्ट नहीं दुरुस्त करा सका। इस लापरवाही पर एमडीए ने यहां के अफसरों से पूरी रिपोर्ट तलब की है।
यही हाल शहर के दूसरे इलाकों का भी है। पिछली सपा सरकार में जिन उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति शुरू हो गई थी वहां भी रोजाना पांच से छह घंटे तक बिजली की कटौती हो जा रही है। महकमे के अफसर अपनी गर्दन बचाने के लिए लोकल फाल्ट का बहाना बना रहे हैं । अब यह मामला सीएम के संज्ञान में आ गया है तो अफसरों में हड़कंप मच गई है। वहीं उम्मीद जताई जा रही है कि अब शहर की बिजली व्यवस्था में सुधार जल्द ही दिखाई पड़ेगा।
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मुख्यमंत्री के निशाने पर लोनिवि के चीफ इंजीनियर
सयम से सड़कों को गड्ढामुक्त नहीं कर पाने पर सीएम ने आज मंदिर तलब किया
नगर आयुक्त को बरसात के पहले नालों की सफाई कराने के निर्देश
जलभराव से निपटने के लिए अभी से इंतजाम कर लेने को कहा
जीडीए को पार्कों का सुंदरीकरण कराने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री सिर्फ बिजली विभाग के अफसरों पर ही नहीं उखड़े बल्कि तय समय पर सड़कों को गड्ढामुक्त नहीं कर पाने लोक निर्माण विभाग के अफसरों पर भी नाराज हुए। उन्होंने विभाग के मुख्य अभियंता को गुरुवार की दोपहर गोरखनाथ मंदिर तलब किया है।
बुधवार की शाम मंदिर में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था को लेकर करीब ढाई घंटे तक चली समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री का पूरा जोर जिले में लड़खड़ाई बिजली व्यवस्था, जलभराव और सड़कों के निर्माण व मरम्मत पर रहा। उन्होंने नगर आयुक्त को कहा कि बरसात आने से पहले शहर के सभी नालों की सफाई का काम पूरा कर लिया जाए और जलभराव से शहरियों को बचाने के लिए अभी से इंतजाम कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था पर पूरा ध्यान दिया जाए। उन्होंने नगर आयुक्त से एसटीपी की भी प्रगति पूछी और जल्द इसे लगवाने का निर्देश दिया। सीएम ने शहर में जल्द एलईडी लाइट लगवाने को कहा। इसी तरह जीडीए उपाध्यक्ष को पार्क को पार्कों का सौंदर्यीकरण कराने के निर्देश दिया। मानबेला किसानों को मुआवजे के मामले में प्रगति पूछी। उपाध्यक्ष ने बताया कि मंडलीय कमेटी और प्राधिकरण बोर्ड बैठक ने मुआवजे को लेकर स्वीकृति दे दी है। शासन को फाइल भेजी जानी है। उन्होंने इसे जल्द शासन को भेजने का निर्देश देते हुए कहा कि समय से किसानों को मुआवजा दे दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन और कालेसर से जंगल कौड़िया तक फोरलेन बाईपास की रफ्तार तेज करने को कहा। समय से मुआवजा वितरित न करने पर उन्होंने अफसरों पर नाराजगी भी जताई। कहा कि जल्द से जल्द मुआवजा वितरित कर निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। समीक्षा बैठक के दौरान कमिश्नर अनिल कुमार, आईजी मोहित अग्रवाल, डीएम राजीव रौतेला, एसएसपी आरपी पाण्डेय, नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह समेत कई अफसर मौजूद रहे।
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बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री को फीडबैक मिला कि शहर की बिजली व्यवस्था कई सप्ताह से लड़खड़ा गई है। कहीं लो वोल्टेज समस्या बना है तो कई इलाकों में पूरे दिन बिजली गायब रह रही है। लोकल फाल्ट को भी समय से दुरुस्त करने में बिजली महकमा फेल साबित हो रहा है। एक्सईएन आरसी पाण्डेय पर कार्रवाई भी इसी वजह से हुई। 13 जून को आई हल्की आंधी-पानी में गोरखनाथ क्षेत्र के समूचे इलाके में आठ से नौ घंटे बिजली कटी रही मगर विभाग समय से फाल्ट नहीं दुरुस्त करा सका। इस लापरवाही पर एमडीए ने यहां के अफसरों से पूरी रिपोर्ट तलब की है।
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यही हाल शहर के दूसरे इलाकों का भी है। पिछली सपा सरकार में जिन उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति शुरू हो गई थी वहां भी रोजाना पांच से छह घंटे तक बिजली की कटौती हो जा रही है। महकमे के अफसर अपनी गर्दन बचाने के लिए लोकल फाल्ट का बहाना बना रहे हैं । अब यह मामला सीएम के संज्ञान में आ गया है तो अफसरों में हड़कंप मच गई है। वहीं उम्मीद जताई जा रही है कि अब शहर की बिजली व्यवस्था में सुधार जल्द ही दिखाई पड़ेगा।
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मुख्यमंत्री के निशाने पर लोनिवि के चीफ इंजीनियर
सयम से सड़कों को गड्ढामुक्त नहीं कर पाने पर सीएम ने आज मंदिर तलब किया
नगर आयुक्त को बरसात के पहले नालों की सफाई कराने के निर्देश
जलभराव से निपटने के लिए अभी से इंतजाम कर लेने को कहा
जीडीए को पार्कों का सुंदरीकरण कराने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री सिर्फ बिजली विभाग के अफसरों पर ही नहीं उखड़े बल्कि तय समय पर सड़कों को गड्ढामुक्त नहीं कर पाने लोक निर्माण विभाग के अफसरों पर भी नाराज हुए। उन्होंने विभाग के मुख्य अभियंता को गुरुवार की दोपहर गोरखनाथ मंदिर तलब किया है।
बुधवार की शाम मंदिर में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था को लेकर करीब ढाई घंटे तक चली समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री का पूरा जोर जिले में लड़खड़ाई बिजली व्यवस्था, जलभराव और सड़कों के निर्माण व मरम्मत पर रहा। उन्होंने नगर आयुक्त को कहा कि बरसात आने से पहले शहर के सभी नालों की सफाई का काम पूरा कर लिया जाए और जलभराव से शहरियों को बचाने के लिए अभी से इंतजाम कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था पर पूरा ध्यान दिया जाए। उन्होंने नगर आयुक्त से एसटीपी की भी प्रगति पूछी और जल्द इसे लगवाने का निर्देश दिया। सीएम ने शहर में जल्द एलईडी लाइट लगवाने को कहा। इसी तरह जीडीए उपाध्यक्ष को पार्क को पार्कों का सौंदर्यीकरण कराने के निर्देश दिया। मानबेला किसानों को मुआवजे के मामले में प्रगति पूछी। उपाध्यक्ष ने बताया कि मंडलीय कमेटी और प्राधिकरण बोर्ड बैठक ने मुआवजे को लेकर स्वीकृति दे दी है। शासन को फाइल भेजी जानी है। उन्होंने इसे जल्द शासन को भेजने का निर्देश देते हुए कहा कि समय से किसानों को मुआवजा दे दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन और कालेसर से जंगल कौड़िया तक फोरलेन बाईपास की रफ्तार तेज करने को कहा। समय से मुआवजा वितरित न करने पर उन्होंने अफसरों पर नाराजगी भी जताई। कहा कि जल्द से जल्द मुआवजा वितरित कर निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। समीक्षा बैठक के दौरान कमिश्नर अनिल कुमार, आईजी मोहित अग्रवाल, डीएम राजीव रौतेला, एसएसपी आरपी पाण्डेय, नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह समेत कई अफसर मौजूद रहे।
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