{"_id":"5bdca41dbdec226989663bcb","slug":"81541186589-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह विद्यालय दस साल तक नहीं बनेंगे परीक्षा केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह विद्यालय दस साल तक नहीं बनेंगे परीक्षा केंद्र
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Updated Sat, 03 Nov 2018 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर। बोर्ड परीक्षा का गलत तरीके से फार्म भरवाने के आरोप में छह विद्यालयों को दस वर्षों तक केंद्र न बनाने का निर्णय लिया गया है।
पिछले साल यूपी बोर्ड परीक्षा के प्राइवेट विद्यार्थियों के परीक्षा फार्म को गलत तरीके से भरवाने का आरोप कई विद्यालयों पर लगा था। इस वजह से क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय गोरखपुर से जुड़े जिलों में करीब 12 हजार विद्यार्थियों के रोल नंबर डिलीट करने पड़े थे। इन विद्यालयों ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों तक तक की थी। जांच के दौरान कॉलेजों ही दोषी पाए गए। परिषद ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए, छह विद्यालयों को दस साल के लिए डिबार किया है।
श्री कृष्ण कृषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नैयापार गोरखपुर
श्यामकृष्ण इंटर कॉलेज थवईपार, गोरखपुर
आनंद विद्यापीठ इंटर कॉलेज ककरही, गोरखपुर
डॉ. श्यामा प्रसाद इंटर कॉलेज लुहसी गोरखपुर
पंडित दीनदयाल इंटर कॉलेज पिपराइच, गोरखपुर
विज्ञापन
पिछले साल यूपी बोर्ड परीक्षा के प्राइवेट विद्यार्थियों के परीक्षा फार्म को गलत तरीके से भरवाने का आरोप कई विद्यालयों पर लगा था। इस वजह से क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय गोरखपुर से जुड़े जिलों में करीब 12 हजार विद्यार्थियों के रोल नंबर डिलीट करने पड़े थे। इन विद्यालयों ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों तक तक की थी। जांच के दौरान कॉलेजों ही दोषी पाए गए। परिषद ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए, छह विद्यालयों को दस साल के लिए डिबार किया है।
इन पर हुई कार्रवाई
भारतीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जसवल गोरखपुरश्री कृष्ण कृषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नैयापार गोरखपुर
श्यामकृष्ण इंटर कॉलेज थवईपार, गोरखपुर
आनंद विद्यापीठ इंटर कॉलेज ककरही, गोरखपुर
डॉ. श्यामा प्रसाद इंटर कॉलेज लुहसी गोरखपुर
पंडित दीनदयाल इंटर कॉलेज पिपराइच, गोरखपुर