{"_id":"5b3d1cc34f1c1b00278b4873","slug":"81530731715-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लेखपालों की हड़ताल जारी, बोले- पीछे नहीं हटेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लेखपालों की हड़ताल जारी, बोले- पीछे नहीं हटेंगे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Thu, 05 Jul 2018 01:19 AM IST
विज्ञापन
सदर तहसील में लेखपालों ने प्रदर्शन किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर। शासन की सख्ती के बाद भी लेखपालों की हड़ताल दूसरे दिन बुधवार को जारी रही। सदर समेत सभी तहसील मुख्यालयों पर लेखपालों ने धरना दिया। जिला लेखपाल संघ के अध्यक्ष नीलकंठ दूबे और मंत्री जगदीश का कहना है कि वे शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। संघ किसी भी कार्रवाई से डरने वाला नहीं है। जब तक हमारी मांगें नहीं मान ली जातीं. हम पीछे हटने वाले नहीं। उन्होंने बताया कि सात तक हड़ताल के साथ ही सभी तहसीलों में प्रदर्शन जारी रहेगा। नौ जुलाई से सभी तहसीलों के लेखपाल, जिला मुख्यालय पर धरना देंगे।
वेतन वृद्धि समेत अन्य मांगों के लिए लेखपालों ने मंगलवार से काम ठप कर दिया है। मंगलवार की ही देर रात ही शासन ने लेखपालों की हड़ताल पर प्रतिबंध लगाने के लिए एस्मा लागू करने का निर्देश जारी कर दिया। माना जा रहा था कि इस सख्ती के बाद लेखपाल हड़ताल वापस ले लेंगे मगर वे पीछे नहीं हटे। हड़ताल के चलते जिले में आय, जाति, निवास समेत कई तरह के प्रमाण पत्रों को बनाने के साथ ही जमीन की पैमाइश का काम ठप हो गया है, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
इनसेट
विज्ञापन
विज्ञापन
वेतन वृद्धि समेत अन्य मांगों के लिए लेखपालों ने मंगलवार से काम ठप कर दिया है। मंगलवार की ही देर रात ही शासन ने लेखपालों की हड़ताल पर प्रतिबंध लगाने के लिए एस्मा लागू करने का निर्देश जारी कर दिया। माना जा रहा था कि इस सख्ती के बाद लेखपाल हड़ताल वापस ले लेंगे मगर वे पीछे नहीं हटे। हड़ताल के चलते जिले में आय, जाति, निवास समेत कई तरह के प्रमाण पत्रों को बनाने के साथ ही जमीन की पैमाइश का काम ठप हो गया है, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
विज्ञापन
इनसेट
2016 से चल रहा आंदोलन
संघ के जिलाध्यक्ष नीलकंठ दूबे, मंत्री जगदीश का कहना है कि वेतन विसंगति, एसीपी व पेंशन विसंगति तथा लेखपाल सेवा नियमावली में संशोधन और भत्तों में वृद्धि आदि मांगों के लिए संघ के आह्वान पर पूरे प्रदेश में अगस्त 2016 से आंदोलन हो रहा है। 21 सितंबर 2016 को मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव ने सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, जिससे बीच में आंदोलन ठप कर दिया गया पर नई सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो मजबूरन उन्हें फिर 11 अप्रैल 2017 से चरणवार आंदोलन शुरू करना पड़ा, जो मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा।
विज्ञापन