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मछुआरा समुदाय को एससी का प्रमाणपत्र मांगा

Thu, 08 Jun 2017 12:20 AM IST
Updated Thu, 08 Jun 2017 12:20 AM IST
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मछुआरा समुदाय को एससी का प्रमाणपत्र मांगा
महराजगंज। मछुआरा समुदाय को अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र जारी किए जाने समेत 11 सूत्रीय मांगों को लेकर निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के जिला इकाई कार्यकर्ताओं ने नगर के सक्सेना चौराहे पर प्रदर्शन किया। अमर शहीद अखिलेश निषाद के शहादत दिवस पर संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित 11 सूत्रीय ज्ञापन डीएम को दिया।
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निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के कार्यकर्ताओं मल्लाह, कहार, कश्यप, निषाद, रैकवार, बाथम, कुम्हार, प्रजापति, धीवर, धीमर, भर, राजभर आदि को प्रदेश सरकार की पिछड़ी जाति की सूची से विलुप्त कर अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की। पार्टी के जिला संयोजक अनिल कुमार निषाद ने कहा कि पहले भी अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र के लिए धरना दिया गया था। उन्होंने कहा कि निषाद समाज की पुश्तैनी जीविकोपार्जन के संसाधन तालाब, पोखरे और ताल आदि हैं। लेकिन बसपा सरकार ने उसे निरस्त कर दिया था। उन्होंने उसे बहाल करने की मांग की। निषाद समाज के लोगों को जीविकोपार्जन के संसाधन नदी, ताल, बालू घाट की नीलामी, मत्स्य जीवी, सहकारी समितियों को ही दिलाने की व्यवस्था की जाए। जिला अध्यक्ष ईश्वर शरण निषाद ने कहा कि अगर सरकार हमारी मांगों को पूरा नहीं करती है तो निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल आंदोलन तेज करेगा। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस अवसर पर इंद्रेश निषाद, मंजूलता निषाद, राममिलन निषाद, राजेंद्र निषाद, गौरी निषाद, मीरा निषाद, सत्य नरायन निषाद, छोटेलाल निषाद आदि मौजूद रहे।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन
महराजगंज। आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने बुधवार को एडीएम आरपी कश्यप को 5 सूत्रीय ज्ञापन देकर समस्याओं को शासन तक पहुंचाने की अपील की। जिला संरक्षक नागेंद्र दूबे ने कहा कि बाल विकास परियोजना 1975 से चल रही है। लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की आवाज नहीं सुना गई। जिलाध्यक्ष सरिता जायसवाल ने कहा कि शुरू से ही आंगनबाड़ी कर्मियों को राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग की जा रही है, जो आज तक पूरी नहीं हुई। अन्य प्रदेशों में सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लगभग दस हजार रुपये दिए जाते हैं। उसी प्रकार यहां भी सभी कार्यकर्ताओं को उतनी ही धनराशि मानदेय के रूप मेेेें दी जाए। उन्होंने राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की है, जिससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के जीवन में सुधार आ सके। इस अवसर पर संघ के जिला महामंत्री वंदना तिवारी भी मौजूद रही।
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