{"_id":"5a8c2b624f1c1bf17b8b840c","slug":"71519135586-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ खोला मोर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ खोला मोर्चा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Tue, 20 Feb 2018 07:58 PM IST
विज्ञापन
प्रॉक्टर का घेराव करते छात्र।
- फोटो : Amar Ujala
चीफ प्रॉक्टर की ओर से छात्रों पर की गई कार्रवाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को गोरखपुर यूनिवर्सिटी के छात्रनेताओं की अगुवाई में करीब तीन दर्जन से अधिक छात्रों ने प्रशासनिक भवन पर हंगामा किया। छात्रों ने रजिस्ट्रार का घेराव करते हुए चीफ प्रॉक्टर प्रो. गोपाल प्रसाद को हटाए जाने की मांग की।
हंगामे की सूचना पाकर मौके पर पुलिस पहुंची। आक्रोशित छात्रों को समझाने की कोशिश की मगर छात्र मांगों पर अड़े रहे। आखिर में बुधवार को कुलपति की ओर से बुधवार को वार्ता के लिए बुलाए जाने के आश्वासन पर छात्रों ने प्रदर्शन खत्म किया।
दो घंटे से अधिक समय तक चले प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक भवन में अफरातफरी का माहौल रहा। छात्र हॉस्टल से जुलूस निकालते हुए पहले यूनिवर्सिटी गेट पर इकट्ठा हुए। फिर दोपहर 12:30 बजे रजिस्ट्रार दफ्तर पहुंचे और उनका घेराव किया।
विज्ञापन
छात्रों ने कहा कि चीफ प्रॉक्टर की ओर से बार बार विद्यार्थियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उनके कार्यकाल में छात्रों पर लाठीचार्ज के साथ ही बेवजह मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। सोमवार को भी बिना किसी ठोस वजह के छात्रों से उठक-बैठक कराई गई। ऐसा व्यवहार किसी अपराधी के साथ भी नहीं होता है।
विज्ञापन
हंगामे की सूचना पाकर मौके पर पुलिस पहुंची। आक्रोशित छात्रों को समझाने की कोशिश की मगर छात्र मांगों पर अड़े रहे। आखिर में बुधवार को कुलपति की ओर से बुधवार को वार्ता के लिए बुलाए जाने के आश्वासन पर छात्रों ने प्रदर्शन खत्म किया।
विज्ञापन
दो घंटे से अधिक समय तक चले प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक भवन में अफरातफरी का माहौल रहा। छात्र हॉस्टल से जुलूस निकालते हुए पहले यूनिवर्सिटी गेट पर इकट्ठा हुए। फिर दोपहर 12:30 बजे रजिस्ट्रार दफ्तर पहुंचे और उनका घेराव किया।
विज्ञापन
छात्रों ने कहा कि चीफ प्रॉक्टर की ओर से बार बार विद्यार्थियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उनके कार्यकाल में छात्रों पर लाठीचार्ज के साथ ही बेवजह मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। सोमवार को भी बिना किसी ठोस वजह के छात्रों से उठक-बैठक कराई गई। ऐसा व्यवहार किसी अपराधी के साथ भी नहीं होता है।