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फिर लौटेगा मेलोडी का दौर : ललित पंडित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sun, 14 Jan 2018 01:40 AM IST
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गोरखपुर महोत्सव में प्रस्तुति देते लक्ष्मी पंडित।
- फोटो : Amar Ujala
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संगीतकार ललित पंडित का मानना है कि 90 का दशक संगीत के लिहाज से सुनहरा दौर था। बोल अच्छे होने के साथ ही धुनें अच्छी बनती थीं और उन्हें बेहतरीन गायक धड़कता हुआ बना देते थे। ऐसे गीत हमेशा याद रहते हैं, उनकी मिठास वर्षों तक बनी रहती है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रेडियो पर 90 के दशक के गीतों के लिए खास कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं।
शनिवार को गोरखपुर महोत्सव के बॉलीवुड नाइट प्रोग्राम में शिरकत करने पहुंचे ललित पंडित ने कहा कि मेलोडी कभी खत्म नहीं होती। शोर-शराबे के बीच आपको अच्छा संगीत सुनने को मिल ही जाता है। संगीत अच्छा होगा तो उसे बेशक पसंद किया जाएगा। अच्छे और बुरे का दौर हमेशा रहा है। मेलोडी का दौर फिर लोटेगा। ‘मोहब्बतें, ‘कुछ-कुछ होता है’, ‘दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे’, ‘जो जीता वही सिकंदर’, सरीखी कई फिल्मों का संगीत रचने वाले ललित पंडित ने कहा कि बॉलीवुड में शोर-शराबे की पार्टी भले ही अभी शुरू हुई हो, मगर यह ज्यादा समय तक चलेगी नहीं। लोग जिस तरह से शोर-शराबे से जल्द ही थक-हार जाते हैं, ठीक इसी तरह के शोर-शराबे वाले संगीत से भी थक जाएंगे।
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शनिवार को गोरखपुर महोत्सव के बॉलीवुड नाइट प्रोग्राम में शिरकत करने पहुंचे ललित पंडित ने कहा कि मेलोडी कभी खत्म नहीं होती। शोर-शराबे के बीच आपको अच्छा संगीत सुनने को मिल ही जाता है। संगीत अच्छा होगा तो उसे बेशक पसंद किया जाएगा। अच्छे और बुरे का दौर हमेशा रहा है। मेलोडी का दौर फिर लोटेगा। ‘मोहब्बतें, ‘कुछ-कुछ होता है’, ‘दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे’, ‘जो जीता वही सिकंदर’, सरीखी कई फिल्मों का संगीत रचने वाले ललित पंडित ने कहा कि बॉलीवुड में शोर-शराबे की पार्टी भले ही अभी शुरू हुई हो, मगर यह ज्यादा समय तक चलेगी नहीं। लोग जिस तरह से शोर-शराबे से जल्द ही थक-हार जाते हैं, ठीक इसी तरह के शोर-शराबे वाले संगीत से भी थक जाएंगे।
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