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सरकारी अस्पताल से लौटाया, ऑटो में जन्मा बच्चा
Updated Thu, 12 Oct 2017 01:47 AM IST
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भटहट (गोरखपुर)।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भटहट में फिर लापरवाही का मामला सामने आया है। प्रसव के लिए गई गर्भवती को मौजूद स्टॉफ ने लौटा दिया और उसने ऑटो में ही बच्चे को जन्म दे दिया। पास में रहने वाली रिटायर नर्स बिंदू ने प्रसूता को न सिर्फ अपने घर में शरण दी बल्कि जन्म के बाद बच्चे का प्राथमिक उपचार भी किया। दोनों थोड़ी देर आराम करने के बाद घर लौट गए। उधर, स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ने प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
चिलबिलवा निवासी समुसुद्दीन खान की पत्नी नगमा खान (24) को प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार की सुबह दस बजे के करीब घरवाले लेकर अस्पताल पहुंचे थे। पति का आरोप है कि वहां पर मौजूद स्टाफ नर्स पहले नगमा को लेकर लेकर प्रसव कक्ष में गई फिर बोली कि बच्चे के सिर पर मांस है और ऑपरेशन किए जाने की बात कहते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजन ऑटो से मेडिकल कॉलेज जा रहे थे कि रास्ते में ही नगमा की प्रसव पीड़ा तेज हो गई। दर्द से तड़पती महिला की आवाज सुनकर पास में ही खड़े एक शख्स ने रिटायर नर्स बिंदु को बुला दिया। उसकी मदद से ही ऑटो में प्रसव कराया और फिर अपने घर ले जाकर थोड़ी देर शरण भी दी।
एंबुलेंस भी नहीं मिली
सीएचसी से मेडिकल कॉलेज रेफर किए जाने के बाद गर्भवती को सरकारी एंबुलेंस भी नहीं मिली। इस लापरवाही के बीच कोई भी बड़ा हादसा हो सकता था। घरवाले एक प्राइवेट ऑटो से मेडिकल कॉलेज जा रहे थे मगर रास्ते में ही प्रसव हो गया। संयोग अच्छा था कि वहां पर एक नर्स का घर था और कोई अनहोनी नहीं हुई।
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मामला संज्ञान में है। लापरवाही की जांच कर सीएमओ को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी : डॉ. एसके प्रसाद, चिकित्सा अधीक्षक
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भटहट में फिर लापरवाही का मामला सामने आया है। प्रसव के लिए गई गर्भवती को मौजूद स्टॉफ ने लौटा दिया और उसने ऑटो में ही बच्चे को जन्म दे दिया। पास में रहने वाली रिटायर नर्स बिंदू ने प्रसूता को न सिर्फ अपने घर में शरण दी बल्कि जन्म के बाद बच्चे का प्राथमिक उपचार भी किया। दोनों थोड़ी देर आराम करने के बाद घर लौट गए। उधर, स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ने प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
चिलबिलवा निवासी समुसुद्दीन खान की पत्नी नगमा खान (24) को प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार की सुबह दस बजे के करीब घरवाले लेकर अस्पताल पहुंचे थे। पति का आरोप है कि वहां पर मौजूद स्टाफ नर्स पहले नगमा को लेकर लेकर प्रसव कक्ष में गई फिर बोली कि बच्चे के सिर पर मांस है और ऑपरेशन किए जाने की बात कहते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजन ऑटो से मेडिकल कॉलेज जा रहे थे कि रास्ते में ही नगमा की प्रसव पीड़ा तेज हो गई। दर्द से तड़पती महिला की आवाज सुनकर पास में ही खड़े एक शख्स ने रिटायर नर्स बिंदु को बुला दिया। उसकी मदद से ही ऑटो में प्रसव कराया और फिर अपने घर ले जाकर थोड़ी देर शरण भी दी।
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एंबुलेंस भी नहीं मिली
सीएचसी से मेडिकल कॉलेज रेफर किए जाने के बाद गर्भवती को सरकारी एंबुलेंस भी नहीं मिली। इस लापरवाही के बीच कोई भी बड़ा हादसा हो सकता था। घरवाले एक प्राइवेट ऑटो से मेडिकल कॉलेज जा रहे थे मगर रास्ते में ही प्रसव हो गया। संयोग अच्छा था कि वहां पर एक नर्स का घर था और कोई अनहोनी नहीं हुई।
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मामला संज्ञान में है। लापरवाही की जांच कर सीएमओ को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी : डॉ. एसके प्रसाद, चिकित्सा अधीक्षक