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जो खोजे नहीं मिलते, वे पीछे-पीछे दौड़ते रहे

Wed, 20 Sep 2017 01:08 AM IST
Updated Wed, 20 Sep 2017 01:08 AM IST
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जो खोजे नहीं मिलते, वे पीछे-पीछे दौड़ते रहे

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गोरखपुर।
डीएम राजीव रौतेला की मौजूदगी की वजह से फरियादियों के लिए मंगलवार को सदर तहसील दिवस खास रहा। अफसर कल तक जिन लोगों को टालते रहे वे मंगलवार को उनकी राह देखते नजर आए। जैसे ही कोई फरियादी तहसील सभागार की तरफ रुख करता, एक साथ तीन चार अफसर उसे घेर लेते। नाम, पता पूछने के साथ ही पहले फरियादियों के प्रार्थनापत्र की स्क्रीनिंग होती। फिर फरियादी किसी एक अफसर के हवाले कर दिए जाते। पूछने पर पता चला कि जिस भी विभाग से जुड़ी शिकायतें आ रही थीं पहले उस विभाग के अफसर-कर्मचारी फरियादियों से रुबरु हो रहे हैं।
फरियादी डीएम तक न पहुंच सके इसलिए हर विभाग के अफसर पहले अपनी तयी ही उनके मामले के जल्द निस्तारण हो जाने का आश्वासन देते सुने जाते रहे। आसानी से आश्वस्त हो जा रहे कई भोले- भाले फरियादियों को तो तहसील सभागार में दाखिल होने से पहले ही घर रवाना कर दिया गया। जो अड़े रहे वे डीएम तक पहुंचे भी। स्क्रीनिंग में सर्वाधिक सक्रिय वे लेखपाल दिखे जो आम दिनों में खोजे नहीं मिलते। यही नहीं तहसील सभागार से लेकर बाहर पूरे परिसर में फरियादियों से ज्यादा अफसर दिखाई दिए। कहीं आला लेकर डॉक्टरों की टीम बैठी थी तो कहीं विभिन्न विभागों के अफसरों, कर्मचारियों की टीम फरियादियों को समझाने के लिए जूझ रही थी। तहसील सभागार के भीतर सभी विभागों के आला अफसर जमे रहे तो बाहर शिकायतों की स्क्रीनिंग के लिए उनके मातहत।
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89 में पांच का निस्तारण, बाकी आश्वासन
गोरखपुर। तहसील दिवस में 89 शिकायतें आई जिनमें से मौके पर पांच का ही निस्तारण हो सका। डीएम ने संबंधित विभागों के अफसरों को सात दिन के भीतर बाकी सभी शिकायतों का निस्तारण उसकी रिपोर्ट वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई शिकायत एक सप्ताह में निस्तारित नही हो सकती है तो अंतिम रिपोर्ट भेजते हुए फरियादी अपेक्षित समय की सूचना भी दी जाए। डीएम ने कहा कि किसी भी मामले में मौके पर जांच के लिए जाने से पहले शिकायतकर्ताओं को भी जानकारी दें। सर्वाधिक शिकायतें राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़ी रहीं। इस दौरान सीडीओ अनुज सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह समेत कई विभागों के अफसर व पिपराइच विधायक महेंद्र पाल सिंह मौजूद रहे।
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पुरस्कृत हुई कस्तूरबा स्कूलों की छात्राएं
गोरखपुर। इस अवसर पर डीएम ने कस्तूरबा गांधी अवासीय बालिका विद्यालय, चरगावां की छात्राओं को राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता लखनऊ में जीत हासिल करने पर पुरस्कृत भी किया। इनका चयन राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ है जो अक्टूबर में वाराणसी में आयोजित होगी।

कई तहसील दिवसों के लगा चुके चक्कर
1- पोखरे का मछली पालन का पट्टा था। राजस्व नहीं जमा किया जा रहा है। कई गांवों में यही हाल है। यही नहीं पट्टा मछली पालन के लिए किया गया और वहां सिंघाड़े की खेती की जा रही है। शासन- प्रशासन को राजस्व की भारी क्षति हो रही है। ब्लॉक, तहसील और जिला स्तरीय अफसरों से शिकायत के बाद दूसरी बार तहसील दिवस में शिकायत करने आया था और फिर आश्वासन देकर लौटा दिया गया।

: विजय यादव, प्रधान, गौर खोराबार

2- नसबंदी कराने पर पिता को करीब 18 डिसमिल जमीन पट्टे पर मिली थी। 2016 में उनकी मौत हो गई और तभी से सिर्फ जमीन की पैमाइश के लिए अफसरों के दफ्तरों के चक्कर लगा रहा हूं। हर कोई आश्वासन देता है मगर कोई पैमाइश नहीं करवा रहा। पांचवीं बार तहसील दिवस में आया था और इस बार भी आश्वासन ही मिला।
: रामबली, पिछौरा, पिपरौली





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