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कपड़ा व्यापारियों ने तीसरे दिन भी व्यापार ठप रहा

Thu, 29 Jun 2017 09:13 PM IST
Updated Thu, 29 Jun 2017 09:13 PM IST
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कपड़ा व्यापारियों ने तीसरे दिन भी व्यापार ठप रहा
जीएसटी के विरोध में प्रदर्शन करते कपड़ा व्यापारी। - फोटो : Amar Ujala

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गोरखपुर। जीएसटी के विरोध में लगातार तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भी कपड़े का थोक व्यापार ठप रहा। शहर के विभिन्न इलाकों में अपनी-अपनी दुकानें बंद रखकर व्यापारियों ने विरोध जताया। इसके बाद गोलघर के चेतना तिराहे पर इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया। हालांकि प्रदर्शनकारियों को गोलघर के कपड़ा व्यापारियों का साथ नहीं मिला।
आजादी के बाद पहली बार कपड़े के व्यापार को टैक्स के दायरे में लाया गया है। अधिकांश कपड़ा व्यापारियों को इससे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जीएसटी में इसे जितना पेचीदा बना दिया गया है, उसे लेकर कपड़ा व्यापारी आंदोलनरत हैं। इसके विरोध में 27 जून से कपड़ा व्यापारी दुकानें बंद रखकर आंदोलन कर रहे हैं। थोक वस्त्र व्यवसायी वेलफेयर सोसाइटी के बैनर तले गीताप्रेस, उर्दू बाजार, घंटाघर, पांडेयहाता समेत विभिन्न इलाकों के कपड़ा व्यवसायियों ने अपनी-अपनी दुकानें बंदकर प्रदर्शन किया और कपड़ा व्यवसाय पर लागू किए गए जीएसटी को हटाने की मांग की।
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सोसाइटी के अध्यक्ष राजेश नेभानी ने कहा कि कपड़ा व्यवसाय के लिए जीएसटी का प्रावधान काफी घातक साबित होगा। इसे तत्काल खत्म किया जाना चाहिए। इस दौरान बलराम अग्रवाल, चंद्रेश निगम, सुरेश सुद्रनिया, संजय अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, रवि अग्रवाल, किशन गोयनका, दिनेश गोयनका, श्याम चंद्रमीटिया, परवेज, मो. हसन आदि शामिल थे। राजेश नेभानी ने बताया कि शुक्रवार को जीएसटी के विरोध में देशव्यापी बंद का समर्थन किया जाएगा, लेकिन इस दौरान सभी कपड़ा व्यवसायी काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे।
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