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गोरखपुर से एनडीआरएफ के वापस होने की नौबत

Wed, 11 Oct 2017 01:39 AM IST
Updated Wed, 11 Oct 2017 01:39 AM IST
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गोरखपुर से एनडीआरएफ के वापस होने की नौबत

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गोरखपुर। लंबी कवायद के बाद मिली एनडीआरएफ की 11वीं बटालियन के सभी 135 जवानों के अब गोरखपुर से लौटने की नौबत बन आई है। चरगांवा स्थित राजकीय कृषि विद्यालय के प्रधानाचार्य उदय कुमार ने शासन से प्रस्तावित एक कार्यशाला का हवाला देते हुए विद्यालय परिसर को एनडीआरएफ से खाली कराने की अपील की है। डीएम राजीव रौतेला से की गई इस अपील में उन्होंने कृषि मंत्री के निरीक्षण और शासन की तरफ से भी एनडीआरएफ को हटाए जाने का आश्वासन मिलने की बात कही है। उनका कहना है कि कृषि निदेशालय ने राजकीय कृषि विद्यालय गोरखपुर में नवनियुक्त 750 कर्मचारियों के प्रशिक्षण का कार्यक्रम आयोजित कर रखा है। इसके लिए बजट का आवंटन भी हो गया है।
उधर, डीएम ने एडीएम (फाइनेंस) डॉ. चंद्रभूषण को प्रधानाचार्य से बात कर कोई विकल्प तलाशने का निर्देश दिया है। मगर सूत्रों के मुताबिक एनडीआरएफ को हटाने के लिए विद्यालय प्रशासन इस बार अड़ा हुआ है। उनकी तरफ से इसके पहले भी एनडीआरएफ से विद्यालय को खाली कराने के लिए जिला प्रशासन से गुहार लगाई जा चुकी है।
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एनडीआरएफ ने खाली किए आधे कमरे
कार्यशाला के मद्देनजर एनडीआरएफ ने कृषि विद्यालय चरगांवा के आधे से अधिक कमरे खाली कर दिए। इनमें छात्रावास का एक बड़ा हॉल और 19 कमरे के साथ ही किसान भवन के पांच कमरे हैं। बटालियन के सभी 135 जवान छात्रावास के नौ कमरों में सिमट कर रह रहे हैं। इसके अलावा एक कमरा डिप्टी कमांडर, दो कमरे एनडीआरएफ इंस्पेक्टर, एक कमरा कंट्रोल रूम, एक कमरा सिग्नल रूम और एक कमरा कार्यालय के तौर पर उनके द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है। मंगलवार को एनडीआरएफ ने खाली किए गए कमरों के बारे में जिला प्रशासन को लिखित जानकारी भी दी।
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गृह मंत्री की पहल पर मिली थी एनडीआरएफ
केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद गोरखपुर दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से जिले के जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अफसरों ने बाढ़ आदि दैवीय आपदाओं से हर साल होने वाले नुकसान की जानकारी देते हुए राहत व बचाव कार्य के लिए ठोस कार्रवाई की मांग की थी। इस पर राजनाथ सिंह ने एनडीआरएफ की एक बटालियन मुहैया कराने का आश्वासन दिया था। उनकी पहल पर ही 22 जुलाई 2015 को एनडीआरएफ की 11वीं बटालियन यहां आई थी।

राहत, बचाव कार्य में निभाई अहम भूमिका
हाल ही में जिले में आई बाढ़ के दौरान राहत बचाव कार्य में एनडीआरएफ ने अहम भूमिका निभाई थी। हजारों की संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के अलावा जवानों ने करीब पखवारे भर तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों तक खाद्य एवं राहत सामग्री पहुंचाई। बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए जिला प्रशासन जवानों को सम्मानित करने की तैयारी भी कर रहा है।


कृषि विद्यालय के प्रधानाचार्य से बात की जा रही है। प्रशासन ऐसी कोशिश कर रहा है कि दोनों पक्षों को दिक्कत न हो। एनडीआरएफ ने ज्यादातर कक्ष खाली भी कर दिए हैं। कहीं दूसरी जगह एनडीआरएफ को ठहराने के भी विकल्प तलाशे जा रहे हैं। साथ ही जमीन भी तलाशी जा रही है, ताकि उनके रहने की स्थाई व्यवस्था हो सके।
- डॉ चंद्रभूषण, प्रभारी अधिकारी, आपदा एवं एडीएम (फाइनेंस)
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