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रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी भी अपने क्वार्टर में रह सकेंगे
Wed, 19 Dec 2018 12:21 AM IST
ajay Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Published by: ajay Kumar
Updated Wed, 19 Dec 2018 12:21 AM IST
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राजन राय
गोरखपुर। रिटायरमेंट के बाद भी रेलकर्मी अपने क्वार्टर में रह सकेंगे, बशर्ते उनका पाल्य भी रेल कर्मचारी हो। आवास आवंटन के दौरान पाल्य का ग्रेड नहीं देखा जाएगा। यानी अगर पिता क्लर्क हैं और बेटा चपरासी, तब भी पिता का आवास प्राथमिकता के तौर पर बेटे को आवंटित किया जाएगा। रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर स्टेबलिशमेंट अनीता गौतम ने आवास आवंटन के नियमों में बदलाव कर दिशा-निर्देश जारी कर दिया है।
आवास आवंटन के नियम में बदलाव से देशभर में एक लाख से ज्यादा रेलकर्मियों को राहत पहुुंचेगी। अभी तक सेवानिवृत्त के बाद रेलकर्मी को आवास छोड़ना पड़ता है, भले ही उनका पाल्य रेलवे में है। इस नियम से सबसे ज्यादा दिक्कत उन्हें होती है जिनके पाल्य कम ग्रेड पे वाले श्रेणी में होते हैं। ग्रेड के हिसाब से टाइप वन से थ्री तक आवास आवंटित होते हैं। अब लेकिन नए नियम से पाल्य को उच्च श्रेणी का भी आवास दिया जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे में टाइप वन से फाइव के बीच 5200 आवास हैं। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के प्रवक्ता एके सिंह ने बताया कि लंबे समय से पाल्य को आवास आवंटन में प्राथमिकता देने की मांग उठाई जा रही थी। इससे रेलकर्मियों को अलग आवास नहीं खोजना पड़ेगा।
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गोरखपुर। रिटायरमेंट के बाद भी रेलकर्मी अपने क्वार्टर में रह सकेंगे, बशर्ते उनका पाल्य भी रेल कर्मचारी हो। आवास आवंटन के दौरान पाल्य का ग्रेड नहीं देखा जाएगा। यानी अगर पिता क्लर्क हैं और बेटा चपरासी, तब भी पिता का आवास प्राथमिकता के तौर पर बेटे को आवंटित किया जाएगा। रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर स्टेबलिशमेंट अनीता गौतम ने आवास आवंटन के नियमों में बदलाव कर दिशा-निर्देश जारी कर दिया है।
आवास आवंटन के नियम में बदलाव से देशभर में एक लाख से ज्यादा रेलकर्मियों को राहत पहुुंचेगी। अभी तक सेवानिवृत्त के बाद रेलकर्मी को आवास छोड़ना पड़ता है, भले ही उनका पाल्य रेलवे में है। इस नियम से सबसे ज्यादा दिक्कत उन्हें होती है जिनके पाल्य कम ग्रेड पे वाले श्रेणी में होते हैं। ग्रेड के हिसाब से टाइप वन से थ्री तक आवास आवंटित होते हैं। अब लेकिन नए नियम से पाल्य को उच्च श्रेणी का भी आवास दिया जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे में टाइप वन से फाइव के बीच 5200 आवास हैं। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के प्रवक्ता एके सिंह ने बताया कि लंबे समय से पाल्य को आवास आवंटन में प्राथमिकता देने की मांग उठाई जा रही थी। इससे रेलकर्मियों को अलग आवास नहीं खोजना पड़ेगा।
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