फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   सभी नदिया खतरे के निशान से नीचे, पर बढ़ रहीं धीरे धीरे

सभी नदिया खतरे के निशान से नीचे, पर बढ़ रहीं धीरे धीरे

Thu, 05 Jul 2018 01:12 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Thu, 05 Jul 2018 01:12 AM IST
विज्ञापन
सभी नदिया खतरे के निशान से नीचे, पर बढ़ रहीं धीरे धीरे
राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ता देख पीएसी के जवानों ने बचाव के लिए अभ्यास शुरू कर दिया है।
गोरखपुर। नेपाल के बाल्मीकि बैराज से एक लाख 21 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने से गोरखपुर सहित पूर्वांचल की अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। सबसे ज्यादा दबाव कुशीनगर के बंधों पर है। कई बंधों पर कटान होने लगा है। कुछ नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच रही हैं।
विज्ञापन


केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने नदियों के बढ़ते जलस्तर पर रिपोर्ट तैयार की है। यही रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। कहा गया कि नेपाल में भारी बारिश हुई है। इससे गंडक नदी का जलस्तर बढ़ गया। पानी खतरे के निशान से ऊपर निकल गया। इसी का नतीजा रहा कि बाल्मीकि बैराज से एक लाख 21 हजार से ज्यादा क्यूसेक पानी छोड़ना पड़ा। इससे गोरखपुर सहित कुशीनगर के छितौनी, अमवाखास, अहिरौलीदान, पिपराघाट तटबंध नरवाजोत-पिपराघाट तटबंध संपर्क मार्ग पर पानी का जबरदस्त दबाव बढ़ गया है। अमवाखास तटबंध पर तेजी से कटान हुआ है। मध्य बांध का ढाल कट गया। किसी तरह से बांध को कटने से रोका गया है। अहिरौली पिपराघाट तटबंध के मध्य भी पानी का जबरदस्त दबाव है। नदी का जलस्तर घटने पर कटान की स्थिति हो सकती है। नरवाजोत पिपराघाट पर स्थिति संवेदनशील है।
विज्ञापन

राप्ती नदी के तट पर पीएसी लगाई गई

गोरखपुर। नेपाल में भारी बारिश की वजह से जिले की नदियां उफान पर हैं। कुआनों को छोड़कर बाकी नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। इस कारण प्रशासनिक अफसर अलर्ट पर हैं। राप्ती नदी के आसपास पीएसी लगा दी गई है। जवान नाव के साथ राहत-बचाव कार्य की तैयारी में लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहाड़ों पर बारिश के कारण राप्ती, रोहिन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इससे प्रशासनिक अफसरों के हाथ-पांव फूले हैं। बंधों की निगरानी की जा रही है। डीएम, सीडीओ, एडीएम और सिंचाई विभाग के अफसर लगातार मानीटरिंग कर रहे हैं। राप्ती नदी का जलस्तर मंगलवार की अपेक्षा बढ़ाव पर रहा। बाढ़ कंट्रोल रूम से मिली रिपोर्ट के मुताबिक यदि नेपाल में बारिश हुई या फिर पानी छोड़ा गया तो गोरखपुर की नदियां खतरे का निशान पार कर जाएंगी। बंधों पर दबाव बढ़ेगा। सबसे ज्यादा खतरा रोहिन और राप्ती नदी के जलस्तर बढ़ने से पैदा होगा। गोर्रा नदी भी दिक्कत बढ़ाती है।

गोरखपुर से गुजरने वाली नदियों का जलस्तर (मीटर में)


नदी स्थान वर्तमान जलस्तर खतरे का निशान
राप्ती बर्डघाट 72.850 74.98
रोहिन तिनमुहानी 81.350 82.44
घाघरा अयोध्या 91.610 92.73
कुआनो चंद्रदीप घाट 85. 725 88.84
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed