{"_id":"5b3d1cc94f1c1b9d468b4b39","slug":"51530731721-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सभी नदिया खतरे के निशान से नीचे, पर बढ़ रहीं धीरे धीरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सभी नदिया खतरे के निशान से नीचे, पर बढ़ रहीं धीरे धीरे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Thu, 05 Jul 2018 01:12 AM IST
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राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ता देख पीएसी के जवानों ने बचाव के लिए अभ्यास शुरू कर दिया है।
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गोरखपुर। नेपाल के बाल्मीकि बैराज से एक लाख 21 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने से गोरखपुर सहित पूर्वांचल की अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। सबसे ज्यादा दबाव कुशीनगर के बंधों पर है। कई बंधों पर कटान होने लगा है। कुछ नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच रही हैं।
केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने नदियों के बढ़ते जलस्तर पर रिपोर्ट तैयार की है। यही रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। कहा गया कि नेपाल में भारी बारिश हुई है। इससे गंडक नदी का जलस्तर बढ़ गया। पानी खतरे के निशान से ऊपर निकल गया। इसी का नतीजा रहा कि बाल्मीकि बैराज से एक लाख 21 हजार से ज्यादा क्यूसेक पानी छोड़ना पड़ा। इससे गोरखपुर सहित कुशीनगर के छितौनी, अमवाखास, अहिरौलीदान, पिपराघाट तटबंध नरवाजोत-पिपराघाट तटबंध संपर्क मार्ग पर पानी का जबरदस्त दबाव बढ़ गया है। अमवाखास तटबंध पर तेजी से कटान हुआ है। मध्य बांध का ढाल कट गया। किसी तरह से बांध को कटने से रोका गया है। अहिरौली पिपराघाट तटबंध के मध्य भी पानी का जबरदस्त दबाव है। नदी का जलस्तर घटने पर कटान की स्थिति हो सकती है। नरवाजोत पिपराघाट पर स्थिति संवेदनशील है।
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पहाड़ों पर बारिश के कारण राप्ती, रोहिन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इससे प्रशासनिक अफसरों के हाथ-पांव फूले हैं। बंधों की निगरानी की जा रही है। डीएम, सीडीओ, एडीएम और सिंचाई विभाग के अफसर लगातार मानीटरिंग कर रहे हैं। राप्ती नदी का जलस्तर मंगलवार की अपेक्षा बढ़ाव पर रहा। बाढ़ कंट्रोल रूम से मिली रिपोर्ट के मुताबिक यदि नेपाल में बारिश हुई या फिर पानी छोड़ा गया तो गोरखपुर की नदियां खतरे का निशान पार कर जाएंगी। बंधों पर दबाव बढ़ेगा। सबसे ज्यादा खतरा रोहिन और राप्ती नदी के जलस्तर बढ़ने से पैदा होगा। गोर्रा नदी भी दिक्कत बढ़ाती है।
नदी स्थान वर्तमान जलस्तर खतरे का निशान
राप्ती बर्डघाट 72.850 74.98
रोहिन तिनमुहानी 81.350 82.44
घाघरा अयोध्या 91.610 92.73
कुआनो चंद्रदीप घाट 85. 725 88.84
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केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने नदियों के बढ़ते जलस्तर पर रिपोर्ट तैयार की है। यही रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। कहा गया कि नेपाल में भारी बारिश हुई है। इससे गंडक नदी का जलस्तर बढ़ गया। पानी खतरे के निशान से ऊपर निकल गया। इसी का नतीजा रहा कि बाल्मीकि बैराज से एक लाख 21 हजार से ज्यादा क्यूसेक पानी छोड़ना पड़ा। इससे गोरखपुर सहित कुशीनगर के छितौनी, अमवाखास, अहिरौलीदान, पिपराघाट तटबंध नरवाजोत-पिपराघाट तटबंध संपर्क मार्ग पर पानी का जबरदस्त दबाव बढ़ गया है। अमवाखास तटबंध पर तेजी से कटान हुआ है। मध्य बांध का ढाल कट गया। किसी तरह से बांध को कटने से रोका गया है। अहिरौली पिपराघाट तटबंध के मध्य भी पानी का जबरदस्त दबाव है। नदी का जलस्तर घटने पर कटान की स्थिति हो सकती है। नरवाजोत पिपराघाट पर स्थिति संवेदनशील है।
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राप्ती नदी के तट पर पीएसी लगाई गई
गोरखपुर। नेपाल में भारी बारिश की वजह से जिले की नदियां उफान पर हैं। कुआनों को छोड़कर बाकी नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। इस कारण प्रशासनिक अफसर अलर्ट पर हैं। राप्ती नदी के आसपास पीएसी लगा दी गई है। जवान नाव के साथ राहत-बचाव कार्य की तैयारी में लगे हैं।
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पहाड़ों पर बारिश के कारण राप्ती, रोहिन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इससे प्रशासनिक अफसरों के हाथ-पांव फूले हैं। बंधों की निगरानी की जा रही है। डीएम, सीडीओ, एडीएम और सिंचाई विभाग के अफसर लगातार मानीटरिंग कर रहे हैं। राप्ती नदी का जलस्तर मंगलवार की अपेक्षा बढ़ाव पर रहा। बाढ़ कंट्रोल रूम से मिली रिपोर्ट के मुताबिक यदि नेपाल में बारिश हुई या फिर पानी छोड़ा गया तो गोरखपुर की नदियां खतरे का निशान पार कर जाएंगी। बंधों पर दबाव बढ़ेगा। सबसे ज्यादा खतरा रोहिन और राप्ती नदी के जलस्तर बढ़ने से पैदा होगा। गोर्रा नदी भी दिक्कत बढ़ाती है।
गोरखपुर से गुजरने वाली नदियों का जलस्तर (मीटर में)
नदी स्थान वर्तमान जलस्तर खतरे का निशान
राप्ती बर्डघाट 72.850 74.98
रोहिन तिनमुहानी 81.350 82.44
घाघरा अयोध्या 91.610 92.73
कुआनो चंद्रदीप घाट 85. 725 88.84