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एमएमएमयूटी के विद्यार्थी जापान में करेंगे पढ़ाई
Updated Tue, 20 Jun 2017 08:35 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और जापान की यूनिवर्सिटी के बीच गुणवत्ता शोध, अध्ययन और प्रशिक्षण के लिए 22 जून को करार होने जा रहा है। जापान की राइक्यूस यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को एमएमएमयूटी कैंपस में समझौते के करार में शामिल होगा। इसके तहत दोनों ही यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी समय-समय पर एक दूसरे के संस्थान में जाकर पढ़ाई कर सकेंगे और साथ मिलकर शिक्षा केे क्षेत्र में काम करेंगे।
समझौते के तहत दो मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैडिंग एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। पहले में विद्यार्थियों का आदान- प्रदान किया जाएगा। दूसरे में शिक्षकों, स्टॉफ मेंबर के आदान-प्रदान, एकेडमिक मैटेरियल, पब्लिकेशन और सूचनाएं साझा करेंगे। यह जानकारी देते हुए एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. एसएन सिंह ने बताया कि करार के तहत दोनों संस्थानों के अधिकतम पांच पांच विद्यार्थी एक दूसरे की यूनिवर्सिटी में आ जा सकेंगे। विद्यार्थियों का चयन यूनिवर्सिटी की ओर से किया जाएगा। चयन में विद्यार्थियों की एकेडेमिक योग्यता के साथ चरित्र और रूचि के हिसाब से स्टडी का प्रोग्राम तय किया जाएगा।
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इटली की ईएनईए से भी हो चुका है समझौता
कुलपति ने बताया कि पूर्व में इटली की सरकारी एजेंसी इटैलियन नेशनल एजेंसी फॉर न्यू टेक्नालॉजी, एनर्जी एंड सस्टनेबल इकोनॉमिक डेवलेपमेंट (ईएनईए) से भी करार किया जा चुका है। दोनों संस्थान साथ मिलकर सौर ऊर्जा, बायो गैस, वेस्ट रिकवरी, एथेनॉल और बायोडीजल प्रोडक्शन आदि से जुड़े मामलों में शोध कार्य कर रहे हैं।
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और जापान की यूनिवर्सिटी के बीच गुणवत्ता शोध, अध्ययन और प्रशिक्षण के लिए 22 जून को करार होने जा रहा है। जापान की राइक्यूस यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को एमएमएमयूटी कैंपस में समझौते के करार में शामिल होगा। इसके तहत दोनों ही यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी समय-समय पर एक दूसरे के संस्थान में जाकर पढ़ाई कर सकेंगे और साथ मिलकर शिक्षा केे क्षेत्र में काम करेंगे।
समझौते के तहत दो मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैडिंग एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। पहले में विद्यार्थियों का आदान- प्रदान किया जाएगा। दूसरे में शिक्षकों, स्टॉफ मेंबर के आदान-प्रदान, एकेडमिक मैटेरियल, पब्लिकेशन और सूचनाएं साझा करेंगे। यह जानकारी देते हुए एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. एसएन सिंह ने बताया कि करार के तहत दोनों संस्थानों के अधिकतम पांच पांच विद्यार्थी एक दूसरे की यूनिवर्सिटी में आ जा सकेंगे। विद्यार्थियों का चयन यूनिवर्सिटी की ओर से किया जाएगा। चयन में विद्यार्थियों की एकेडेमिक योग्यता के साथ चरित्र और रूचि के हिसाब से स्टडी का प्रोग्राम तय किया जाएगा।
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इटली की ईएनईए से भी हो चुका है समझौता
कुलपति ने बताया कि पूर्व में इटली की सरकारी एजेंसी इटैलियन नेशनल एजेंसी फॉर न्यू टेक्नालॉजी, एनर्जी एंड सस्टनेबल इकोनॉमिक डेवलेपमेंट (ईएनईए) से भी करार किया जा चुका है। दोनों संस्थान साथ मिलकर सौर ऊर्जा, बायो गैस, वेस्ट रिकवरी, एथेनॉल और बायोडीजल प्रोडक्शन आदि से जुड़े मामलों में शोध कार्य कर रहे हैं।
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