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फतेह, अनीता, राजेश समेत नामांकन का अर्द्धशतक
gorakhpur
Updated Tue, 14 Feb 2017 02:04 AM IST
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बसपा नेता राजेश त्रिपाठी समर्थकों के साथ नामांकन करने जाते हुए।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
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विधानसभा चुनाव 2017 के लिए चल रहे नामांकन के सातवें दिन (दो दिन अवकाश शामिल) सोमवार को नामांकन का अर्द्धशतक लग गया। कैंपियरगंज से भाजपा प्रत्याशी फतेह बहादुर सिंह, पिपराइच सीट से महेंद्र पाल सिंह और इसी सीट से भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर पूर्व मंत्री जितेंद्र उर्फ पप्पू जायसवाल की पत्नी अनीता जायसवाल समेत 50 प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल किया। हाल ही में जमानत से रिहा होकर आए पप्पू जायसवाल भी अनीता जायसवाल के साथ कलेक्ट्रेट तक पहुंचे।
इसी तरह ग्रामीण विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी राजेश पांडेय, शहर से जनार्दन चौधरी, खजनी से राजकुमार, बांसगांव से धमेंद्र और कैंपियरगंज सीट से आनंद स्वरूप ने पर्चा दाखिल किया। बसपा से अब सिर्फ चौरीचौरा सीट से जयप्रकाश निषाद का ही नामांकन बाकी रह गया है। जयप्रकाश आखिरी दिन मंगलवार को नामांकन करेंगे। वहीं गठबंधन के बाद भी शहर विधानसभा सीट की ही तरह खजनी से भी कांग्रेस की ओर से जहां कमांडो कमल किशोर ने नामांकन किया वहीं सपा से रुपावती ने भी पर्चा भरा। दोनों ने सिंबल के लिए अपनी-अपनी पार्टी की तरफ से निर्धारित फार्म ए, बी भी लगाया। गठबंधन के बाद भी अलग-अलग पर्चा दाखिल करने के सवाल पर रुपावती और कमांडो कमल किशोर, दोनों का एक ही जवाब भी था कि शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें आदेश दिया लिहाजा वे पर्चा भर रहे हैं। आगे भी शीर्ष नेतृत्व जो निर्देश देगा वे उसका पालन करेंगे।
यही नहीं टिकट कटने के बाद सपा से बागी हुए पूर्व मंत्री जगदीश यादव के बेटे मनोज यादव ने जहां सहजनवां से निर्दल ही पर्चा भरा वहीं चिल्लूपार से राजेंद्र सिंह पहलवान ने भी पर्चा दाखिल किया। पहलवान ने तो अपने पर्चे में खुद को सपा का उम्मीदवार भी बताया। हालांकि वे पर्चे के साथ पार्टी की तरफ से मिलने वाले फार्म ए,बी नहीं संलग्न कर सके। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से उनकी बात हुई थी। उनके आश्वासन पर ही उन्होंने पर्चे में खुद को सपा का उम्मीदवार बताया। कहा कि पार्टी से टिकट मिले या न मिले, वे चुनाव जरूर लड़ेंगे। यही वजह है कि मंगलवार को एक और पर्चा भरेंगे जो निर्दल के तौर पर होगा। इसी तरह भाजपा से बागी अश्विनी त्रिपाठी ने सहजनवां से निर्दल के तौर पर पर्चा दाखिल किया। बांसगांव के ब्लॉक प्रमुख शिवाजी सिंह ने सहजनवां सीट से निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल से तो जंगल कौड़िया के पूर्व ब्लॉक प्रमुख गोरख सिंह ने रालोद से कैंपियरगंज सीट से पर्चा दाखिल किया।
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चौरी चौरी विधानसभा
कल्याण प्रसाद दूबे-निर्दल
दयाशंकर निषाद-राष्ट्रीय महान गणतंत्र पार्टी
सर्वदानन्द-मनुवादी पार्टी
आद्या- रालोद
सुरेश- निर्दल
अमर सिंह पासवान- बहुजन मुक्ति पार्टी
गोरखपुर शहर विधानसभा
जनार्दन चौधरी-बसपा
विनोद- बहुजन मुक्ति पार्टी
शेषनाथ- राष्ट्रीय जनाधार पार्टी
पिपराइच विधानसभा
महेन्द्र पाल सिंह-भाजपा
अनीता जायसवाल- निर्दल
अनिल- एनसीपी
शिवदत्त- लोकदल
नौमीनाथ- जन अधिकार पार्टी
गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा
राजेश पाण्डेय- बसपा
गुलाब- रालोद
शैलेन्द्र कुमार मिश्र- राष्ट्रीय परिवर्तन दल
डा. शैलेष सिंह- निदर्ल
अजय कुमार शर्मा- निर्दल
कैलाश विश्वकर्मा- निर्दल
आदिल अख्तर-कम्यूनिष्ट पार्टी ऑफ इंडिया
शादाब अहमद-निर्दल
वकील- बहुजन मुक्ति पार्टी
संजय कुमार-निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल
इसरावती- नेशनलिस्ट चैरिटी कांग्रेस
कौशिल्या देवी-निर्दल
सहजनवां विधानसभा -
अश्वनी- निर्दल
शिवाजी सिंह- निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल
मनोज यादव- निर्दल
चिल्लूपार विधानसभा
योगेश- निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल
सिन्ध विजय- महाक्रांति दल
गणेश शंकर- बहुजन मुक्ति मोर्चा
राजेन्द्र सिंह- सपा
कैंपियरगंज विधानसभा-
फ तेह बहादुर सिंह- भाजपा
आनन्द स्वरूप- बसपा
दिनेश निषाद- राष्ट्रीय महान गणतंत्र पार्टी
विनोद- लोक दल
गोरख सिंह- रालोद
मो. मईनुद्दीन- निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल
मृत्युंजय कुमार मौर्य- जन अधिकार पार्टी(लोकतांत्रिक)
खजनी विधानसभा
कमल किशोर- कांग्रेस
रुपावती-सपा
राजकुमार-बसपा
विद्यासागर-निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल
राजेश- अम्बेडकर समाज पार्टी
बांसगांव विधानसभा
धर्मेंद्र कुमार- बसपा
सावित्री- हमारी अपनी पार्टी
लालचन्द प्रसाद-अम्बेडकर समाज पार्टी
नन्द लाल-निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल
रामधारी-निर्दल
बसपा समर्थकों को संभालने में पुलिस को छूटा पसीना
नामांकन के अंतिम दूसरे दिन पचास प्रत्याशियों के नामांकन की वजह से पुलिस और प्रशासन के अफसर हलकान रहे। सर्वाधिक पांच विधानसभा क्षेत्रों से बसपा प्रत्याशियों के नामांकन की वजह से सोमवार को सड़कों पर पार्टी सुप्रीमो मायावती और प्रत्याशियों के पक्ष में ही नारों की गूंज बनी रही। ग्रामीण विधानसभा सीट से नामांकन करने आए राजेश पांडेय के समर्थकों ने तो पुलिस को खूब छकाया। कचहरी चौराहे पर करीब घंटे भर तक राजेश के पक्ष में नारेबाजी करने के साथ ही समर्थक कलेक्ट्रेट के सामने बने डिवाइडर पर चढ़ जा रहे थे। उन्हें वहां से उतारने में पुलिस को काफी पसीना बहाना पड़ा। एक बार की सख्ती के बाद प्रत्याशी किसी तरह डिवाइडर से उतरते और जैसे ही पुलिस वहां से हटती दोबारा चढ़कर नारेबाजी करने लगते। राजेश के पक्ष में नारेबाजी का दौर तबतक चलता रहा जब तक कि वे नामांकन कर कलेक्ट्रेट से बाहर नहीं निकल आए।
इसी तरह कैंपियरगंज सीट से नामांकन करने आए भाजपा प्रत्याशी फतेह बहादुर सिंह के समर्थकों ने भी कचहरी चौराहे पर खूब नारेबाजी की। कुछ कार्यकर्ता चौराहे पर की गई बैरिकेडिंग के भीतर जाने के लिए पुलिस से भी उलझ गए। इसी तरह सपा से बागी होने के बाद भी मानक से अधिक लोगों को लेकर नामांकन करने जा रहे मनोज यादव को जब पुलिस ने रोका तो उन्होंने मुख्यमंत्री के करीबी होने का धौंस जमाया। हालांकि, पुलिस अफसर तो नरम नहीं पड़े, उन्हें ही खामोश होना पड़ा। उधर बार-बार राजेश के समर्थकों के डिवाडर पर चढ़ जाने से झल्लाए एक सीओ की टिप्पणी भी चर्चा का विषय बनी रही। सीओ ने लाठी पीटते हुए कहा कि- जितना पाए थे, उतनी मजदूरी कर ली अब घर जाओ।
0गैंगेस्टर में निरुद्ध है बसपा के आनंद स्वरूप
कैंपियरगंज विधानसभा से बसपा के उम्मीदवार आनंद स्वरूप गैंगेस्टर में निरुद्ध हैं। हालांकि 15 मार्च 2017 तक के लिए कमिश्नर ने इस कार्रवाई पर स्थगनादेश दिया है। उनके पास 9.69 लाख व उनकी पत्नी के पास 1.62 लाख की चल संपत्ति है। उनके पास एक स्कार्पियो है। उनपर 1.37 लाख का कर्ज भी है। वह हाईस्कूल पास हैं।
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इसी तरह ग्रामीण विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी राजेश पांडेय, शहर से जनार्दन चौधरी, खजनी से राजकुमार, बांसगांव से धमेंद्र और कैंपियरगंज सीट से आनंद स्वरूप ने पर्चा दाखिल किया। बसपा से अब सिर्फ चौरीचौरा सीट से जयप्रकाश निषाद का ही नामांकन बाकी रह गया है। जयप्रकाश आखिरी दिन मंगलवार को नामांकन करेंगे। वहीं गठबंधन के बाद भी शहर विधानसभा सीट की ही तरह खजनी से भी कांग्रेस की ओर से जहां कमांडो कमल किशोर ने नामांकन किया वहीं सपा से रुपावती ने भी पर्चा भरा। दोनों ने सिंबल के लिए अपनी-अपनी पार्टी की तरफ से निर्धारित फार्म ए, बी भी लगाया। गठबंधन के बाद भी अलग-अलग पर्चा दाखिल करने के सवाल पर रुपावती और कमांडो कमल किशोर, दोनों का एक ही जवाब भी था कि शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें आदेश दिया लिहाजा वे पर्चा भर रहे हैं। आगे भी शीर्ष नेतृत्व जो निर्देश देगा वे उसका पालन करेंगे।
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यही नहीं टिकट कटने के बाद सपा से बागी हुए पूर्व मंत्री जगदीश यादव के बेटे मनोज यादव ने जहां सहजनवां से निर्दल ही पर्चा भरा वहीं चिल्लूपार से राजेंद्र सिंह पहलवान ने भी पर्चा दाखिल किया। पहलवान ने तो अपने पर्चे में खुद को सपा का उम्मीदवार भी बताया। हालांकि वे पर्चे के साथ पार्टी की तरफ से मिलने वाले फार्म ए,बी नहीं संलग्न कर सके। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से उनकी बात हुई थी। उनके आश्वासन पर ही उन्होंने पर्चे में खुद को सपा का उम्मीदवार बताया। कहा कि पार्टी से टिकट मिले या न मिले, वे चुनाव जरूर लड़ेंगे। यही वजह है कि मंगलवार को एक और पर्चा भरेंगे जो निर्दल के तौर पर होगा। इसी तरह भाजपा से बागी अश्विनी त्रिपाठी ने सहजनवां से निर्दल के तौर पर पर्चा दाखिल किया। बांसगांव के ब्लॉक प्रमुख शिवाजी सिंह ने सहजनवां सीट से निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल से तो जंगल कौड़िया के पूर्व ब्लॉक प्रमुख गोरख सिंह ने रालोद से कैंपियरगंज सीट से पर्चा दाखिल किया।
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इन्होंने दाखिल किया पर्चा-
चौरी चौरी विधानसभा
कल्याण प्रसाद दूबे-निर्दल
दयाशंकर निषाद-राष्ट्रीय महान गणतंत्र पार्टी
सर्वदानन्द-मनुवादी पार्टी
आद्या- रालोद
सुरेश- निर्दल
अमर सिंह पासवान- बहुजन मुक्ति पार्टी
गोरखपुर शहर विधानसभा
जनार्दन चौधरी-बसपा
विनोद- बहुजन मुक्ति पार्टी
शेषनाथ- राष्ट्रीय जनाधार पार्टी
पिपराइच विधानसभा
महेन्द्र पाल सिंह-भाजपा
अनीता जायसवाल- निर्दल
अनिल- एनसीपी
शिवदत्त- लोकदल
नौमीनाथ- जन अधिकार पार्टी
गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा
राजेश पाण्डेय- बसपा
गुलाब- रालोद
शैलेन्द्र कुमार मिश्र- राष्ट्रीय परिवर्तन दल
डा. शैलेष सिंह- निदर्ल
अजय कुमार शर्मा- निर्दल
कैलाश विश्वकर्मा- निर्दल
आदिल अख्तर-कम्यूनिष्ट पार्टी ऑफ इंडिया
शादाब अहमद-निर्दल
वकील- बहुजन मुक्ति पार्टी
संजय कुमार-निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल
इसरावती- नेशनलिस्ट चैरिटी कांग्रेस
कौशिल्या देवी-निर्दल
सहजनवां विधानसभा -
अश्वनी- निर्दल
शिवाजी सिंह- निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल
मनोज यादव- निर्दल
चिल्लूपार विधानसभा
योगेश- निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल
सिन्ध विजय- महाक्रांति दल
गणेश शंकर- बहुजन मुक्ति मोर्चा
राजेन्द्र सिंह- सपा
कैंपियरगंज विधानसभा-
फ तेह बहादुर सिंह- भाजपा
आनन्द स्वरूप- बसपा
दिनेश निषाद- राष्ट्रीय महान गणतंत्र पार्टी
विनोद- लोक दल
गोरख सिंह- रालोद
मो. मईनुद्दीन- निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल
मृत्युंजय कुमार मौर्य- जन अधिकार पार्टी(लोकतांत्रिक)
खजनी विधानसभा
कमल किशोर- कांग्रेस
रुपावती-सपा
राजकुमार-बसपा
विद्यासागर-निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल
राजेश- अम्बेडकर समाज पार्टी
बांसगांव विधानसभा
धर्मेंद्र कुमार- बसपा
सावित्री- हमारी अपनी पार्टी
लालचन्द प्रसाद-अम्बेडकर समाज पार्टी
नन्द लाल-निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल
रामधारी-निर्दल
बसपा समर्थकों को संभालने में पुलिस को छूटा पसीना
नामांकन के अंतिम दूसरे दिन पचास प्रत्याशियों के नामांकन की वजह से पुलिस और प्रशासन के अफसर हलकान रहे। सर्वाधिक पांच विधानसभा क्षेत्रों से बसपा प्रत्याशियों के नामांकन की वजह से सोमवार को सड़कों पर पार्टी सुप्रीमो मायावती और प्रत्याशियों के पक्ष में ही नारों की गूंज बनी रही। ग्रामीण विधानसभा सीट से नामांकन करने आए राजेश पांडेय के समर्थकों ने तो पुलिस को खूब छकाया। कचहरी चौराहे पर करीब घंटे भर तक राजेश के पक्ष में नारेबाजी करने के साथ ही समर्थक कलेक्ट्रेट के सामने बने डिवाइडर पर चढ़ जा रहे थे। उन्हें वहां से उतारने में पुलिस को काफी पसीना बहाना पड़ा। एक बार की सख्ती के बाद प्रत्याशी किसी तरह डिवाइडर से उतरते और जैसे ही पुलिस वहां से हटती दोबारा चढ़कर नारेबाजी करने लगते। राजेश के पक्ष में नारेबाजी का दौर तबतक चलता रहा जब तक कि वे नामांकन कर कलेक्ट्रेट से बाहर नहीं निकल आए।
इसी तरह कैंपियरगंज सीट से नामांकन करने आए भाजपा प्रत्याशी फतेह बहादुर सिंह के समर्थकों ने भी कचहरी चौराहे पर खूब नारेबाजी की। कुछ कार्यकर्ता चौराहे पर की गई बैरिकेडिंग के भीतर जाने के लिए पुलिस से भी उलझ गए। इसी तरह सपा से बागी होने के बाद भी मानक से अधिक लोगों को लेकर नामांकन करने जा रहे मनोज यादव को जब पुलिस ने रोका तो उन्होंने मुख्यमंत्री के करीबी होने का धौंस जमाया। हालांकि, पुलिस अफसर तो नरम नहीं पड़े, उन्हें ही खामोश होना पड़ा। उधर बार-बार राजेश के समर्थकों के डिवाडर पर चढ़ जाने से झल्लाए एक सीओ की टिप्पणी भी चर्चा का विषय बनी रही। सीओ ने लाठी पीटते हुए कहा कि- जितना पाए थे, उतनी मजदूरी कर ली अब घर जाओ।
हैसियत- फतेह ने राजनीति के साथ पढ़ाई भी की, संपत्ति भी बढ़ी
कैंपियरगंज सीट से नामांकन करने वाले भाजपा प्रत्याशी फतेह बहादुर सिंह ने पिछले पांच सालों में राजनीतिक के साथ ही पढ़ाई भी की। यही नहीं इन पांच सालों में उनकी और उनकी पत्नी की चल संपत्ति में जहां ढाई करोड़ की बढ़ोत्तरी हुई वहीं अचल संपत्ति में भी दो करोड़ रुपये का इजाफा। पिछले 2012 के चुनाव में एनसीपी की तरफ से नामांकन के समय फतेह द्वारा दिए गए शपथ पत्र में उनकी योग्यता इंटरमीडियट बताई गई थी, जिसकी पढ़ाई उन्होंने 1990 में नव भारत इंटर कालेज मदनपुरा से की थी। जबकि 2017 के चुनाव के लिए सोमवार को दाखिल किए गए शपथपत्र में उन्होंने अपनी योग्यता बीबीए बताई है जिसे उन्होंने 2015 में सैम हिग्गिबॉटम कृषि प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय इलाहाबाद से की थी। पिछले चुनाव में उन्होंने अपनी चल संपत्ति 48.36 व अपनी पत्नी की चल संपत्ति 14 लाख बताई थी। इसी तरह उन्होंने अपने नाम 2.17 करोड़ तथा पत्नी के नाम 50 लाख की अचल संपत्ति दिखाई थी। अब उनके पास 2.58 करोड़ की चल व 3.22 करोड़ की अचल संपत्ति है तथा पत्नी के पास 69.16 लाख की चल व 1.32 करोड़ की अचल संपत्ति है। उनपर 69.23 लाख रुपये का बैंक का कर्ज भी है। फतेह बहादुर के पास गोरखपुर, वाराणसी, गाजियाबाद, नैनीताल आदि शहरों में मकान व फ्लैट है। उनके पास पुस्तैनी पिस्टल, कार्बाइन व एक डबल बैरल बंदूक भी है।करोड़पति है महेंद्रपाल, 34 लाख का ऋण भी
भाजपा से पिपराइच विधानसभा सीट से नामांकन करने वाले महेंद्र पाल सिंह करोड़पति हैं। उनके पास 83.41 लाख व उनकी पत्नी के पास 37.59 लाख रुपये की चल संपत्ति है। इसी तरह उनके नाम 10.25 करोड़ व उनकी पत्नी के नाम 2.77 करोड़ की अचल संपत्ति भी है। गोरखपुर के अलावा महराजगंज व लखनऊ में भी उनके नाम कृषि योग्य भूमि, मकान व अपार्टमेंट है। उनके पास एक रिवाल्वर है तो महेंद्र पाल 34.18 लाख व उनकी पत्नी 16.39 लाख की कर्जदार भी हैं। उन्होंने डीवीएनपीजी कालेज से 1984 में स्नातक किया है।अनीता के पास करोड़ों की संपत्ति, 30 लाख नकद भी
भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद पिपराइच विधानसभा क्षेत्र से निर्दल ही चुनाव मैदान में उतरी पूर्व मंत्री पप्पू जायसवाल की पत्नी अनीता जायसवाल के पास करोड़ों की चल-अचल संपत्ति के साथ ही 30 लाख नकद भी है। अनीता के पास 8.81 करोड़ तो उनके पति के पास 6.14 करोड़ की चल संपत्ति है। इसी तरह उनके नाम 2.80 करोड़ तो उनक े पति के पास 6.40 करोड़ की अचल संपत्ति भी है। उनके पति पर 1.35 करोड़ रुपये का बैंक का कर्ज भी है। अनीता 1985 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से स्नातक हैं।करोड़पति हैं, जूनियर हाईस्कूल तक पढ़े राजेंद्र सिंह
चिल्लूपार विधानसभा सीट से सपा से टिकट कटने के बाद बागी होकर चुनाव लड़ रहे राजेंद्र सिंह पहलवान ने सिर्फ जूनियर हाईस्कूल तक की ही शिक्षा प्राप्त की है। वह और उनकी पत्नी के नाम एक करोड़ से अधिक की संपत्ति है। उनके पास 15.54 लाख की चल व 60 लाख की अचल तथा उनकी पत्नी के नाम 11.80 लाख की चल व 80 लाख की अचल संपत्ति है।0गैंगेस्टर में निरुद्ध है बसपा के आनंद स्वरूप
कैंपियरगंज विधानसभा से बसपा के उम्मीदवार आनंद स्वरूप गैंगेस्टर में निरुद्ध हैं। हालांकि 15 मार्च 2017 तक के लिए कमिश्नर ने इस कार्रवाई पर स्थगनादेश दिया है। उनके पास 9.69 लाख व उनकी पत्नी के पास 1.62 लाख की चल संपत्ति है। उनके पास एक स्कार्पियो है। उनपर 1.37 लाख का कर्ज भी है। वह हाईस्कूल पास हैं।