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सीआरपीएफ जवान की मलेरिया से मौत
Updated Sun, 22 Oct 2017 11:42 PM IST
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पौली/ रोसया। धनघटा क्षेत्र के शिवबखरी गांव के रहने वाले छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में तैनात एक सीआरपीएफ जवान की रविवार को मौत हो जाने की खबर से गांव में कोहराम मच गया। परिजनों के मुताबिक जवान ब्रह्मानंद कन्नौजिया के एक साथी की ओर से फोन से मौत होने की सूचना उसकी पत्नी आशा देवी व भाई सदानंद को दी गई। जवान की मौत को लेकर गांव में तमाम तरह की चर्चा है। वैैैसे परिवार के लोग जवान की मौत की वजह को लेकर संशय में हैं। हालांकि ब्रह्मानंद कन्नौजिया की मौत की वजह बीमारी बताई जा रही है।
शिवबखरी गांव निवासी मंगल प्रसाद कन्नौजिया के बड़े बेटे ब्रह्मानंद कन्नौजिया वर्ष 2003 में सीआरपीएफ में कांस्टेबल पद पर भर्ती हुए थे। जिससे परिवार में खुशी की लहर छा गई। उनकी पहली तैनाती केरल में हुई थी। उसके बाद महाराष्ट में तैनाती मिली। 15 दिन पूर्व उनकी तैनाती छत्तीसगढ़ के दंतवाड़ा में हुई थी। जवान की पत्नी आशा देवी व भाई सदानंद ने बताया कि रविवार की सुबह करीब नौ बजे ब्रह्मानंद के एक साथी ने फोन करके बताया कि उनकी की मौत रायपुर के कैंट अस्पताल में हो गई है। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गोरखपुर में रह रहे भाई व पत्नी देर शाम अपने गांव शिवबखरी पहुंचे तो कोहराम मच गया। जवान की मौत कैसे हुई इस बात की जानकारी परिवार के लोग नही दे पा रहे है। पत्नी आशा ने रोते हुए सिर्फ इतना बताया कि अभी दो माह पहले उसके पति गोरखपुर के मकान पर आए थे और घर पर पूजा पाठ करवाने के बाद यह कहकर गए थे कि जल्द ही लौटेंगे, लेकिन पति मौत की सूचना आई। इधर जवान के मौत की सूचना होने के बाद एसओ प्रदीप सिंह उसके घर पहुंच गए और परिजनों से बातचीत की। एसओ ने बताया कि परिजन यहीं बताए कि नक्सली हमले में जवान ब्रह्मानंद कन्नौजिया की छत्तीसगढ़ में मौत हो गई है। शव इलाहाबाद के सीआरपीएफ के हेड क्वार्टर में रखी है। वैसे इसकी कोई प्रशासनिक स्तर पर नहीं मिली है। एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि जवान की मौत की सूचना उसके घर वालों के जरिए मिली है। डीएम मार्कंडेय शाही ने बताया कि धनघटा पुलिस के जरिए ही जवान के मौत की सूचना मिली है। वैसे वह सोमवार को उसके घर जाएंगे और परिजनों से बातचीत करेंगे। दूसरी तरफ एसओ धनघटा प्रदीप सिंह ने असिस्टेंट कमांडेंट 206 भंडारा नागपुर महाराष्ट्र के हवाले से बताया कि ब्रह्मानंद कन्नौजिया की मौत मलेरिया से हुई है।
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शिवबखरी गांव निवासी मंगल प्रसाद कन्नौजिया के बड़े बेटे ब्रह्मानंद कन्नौजिया वर्ष 2003 में सीआरपीएफ में कांस्टेबल पद पर भर्ती हुए थे। जिससे परिवार में खुशी की लहर छा गई। उनकी पहली तैनाती केरल में हुई थी। उसके बाद महाराष्ट में तैनाती मिली। 15 दिन पूर्व उनकी तैनाती छत्तीसगढ़ के दंतवाड़ा में हुई थी। जवान की पत्नी आशा देवी व भाई सदानंद ने बताया कि रविवार की सुबह करीब नौ बजे ब्रह्मानंद के एक साथी ने फोन करके बताया कि उनकी की मौत रायपुर के कैंट अस्पताल में हो गई है। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गोरखपुर में रह रहे भाई व पत्नी देर शाम अपने गांव शिवबखरी पहुंचे तो कोहराम मच गया। जवान की मौत कैसे हुई इस बात की जानकारी परिवार के लोग नही दे पा रहे है। पत्नी आशा ने रोते हुए सिर्फ इतना बताया कि अभी दो माह पहले उसके पति गोरखपुर के मकान पर आए थे और घर पर पूजा पाठ करवाने के बाद यह कहकर गए थे कि जल्द ही लौटेंगे, लेकिन पति मौत की सूचना आई। इधर जवान के मौत की सूचना होने के बाद एसओ प्रदीप सिंह उसके घर पहुंच गए और परिजनों से बातचीत की। एसओ ने बताया कि परिजन यहीं बताए कि नक्सली हमले में जवान ब्रह्मानंद कन्नौजिया की छत्तीसगढ़ में मौत हो गई है। शव इलाहाबाद के सीआरपीएफ के हेड क्वार्टर में रखी है। वैसे इसकी कोई प्रशासनिक स्तर पर नहीं मिली है। एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि जवान की मौत की सूचना उसके घर वालों के जरिए मिली है। डीएम मार्कंडेय शाही ने बताया कि धनघटा पुलिस के जरिए ही जवान के मौत की सूचना मिली है। वैसे वह सोमवार को उसके घर जाएंगे और परिजनों से बातचीत करेंगे। दूसरी तरफ एसओ धनघटा प्रदीप सिंह ने असिस्टेंट कमांडेंट 206 भंडारा नागपुर महाराष्ट्र के हवाले से बताया कि ब्रह्मानंद कन्नौजिया की मौत मलेरिया से हुई है।
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