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निरस्त होेंगे 380 गन लाइसेंस
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 08 Mar 2017 01:09 AM IST
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लाइसेंस बनने के सालों बाद भी असलहा न खरीदने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई करने का मूड बना लिया है। लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए ऐसे 380 लोगों को डीएम की तरफ से नोटिस भेजा गया है। हाल ही में जिला प्रशासन ने ऐसे 153 और लोगों को भी नोटिस भेजा था। इनमें सांसद और पूर्व विधायक के परिवार के लोग भी शामिल हैं।
इस मामले में कुछ दिनों पहले डीएम सन्ध्या तिवारी नेे मातहतों से फीडबैक लिया था, जिसमें उन्हें बताया गया कि लाइसेंस बनने के बाद भी शस्त्र नहीं खरीदने वालों को पूर्व में कई बार चेतावनी दी गई थी, मगर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोग बस लाइसेंस का नवीनीकरण कराते रहे। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी के लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से ज्यादातर के लाइसेंस निरस्त करने का प्रशासन ने निर्णय ले लिया है। नोटिस सिर्फ औपचारिकता है।
दरअसल कई लोगों ने अपने संबंधों के बूते जनप्रतिनिधियों से सिफारिश कराकर लाइसेंस तो बनवा लिए, मगर रुपये न होने की वजह से असलहा नहीं खरीद सके। सभी ने लाइसेंस के आवेदन के साथ इस बात का शपथ पत्र भी जमा किया था कि उन्हें जान का खतरा है। अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि अगर जान का खतरा था तो लाइसेंस बनने के बाद भी उन्होंने शस्त्र क्यों नहीं खरीदे।
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इस मामले में कुछ दिनों पहले डीएम सन्ध्या तिवारी नेे मातहतों से फीडबैक लिया था, जिसमें उन्हें बताया गया कि लाइसेंस बनने के बाद भी शस्त्र नहीं खरीदने वालों को पूर्व में कई बार चेतावनी दी गई थी, मगर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोग बस लाइसेंस का नवीनीकरण कराते रहे। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी के लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से ज्यादातर के लाइसेंस निरस्त करने का प्रशासन ने निर्णय ले लिया है। नोटिस सिर्फ औपचारिकता है।
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दरअसल कई लोगों ने अपने संबंधों के बूते जनप्रतिनिधियों से सिफारिश कराकर लाइसेंस तो बनवा लिए, मगर रुपये न होने की वजह से असलहा नहीं खरीद सके। सभी ने लाइसेंस के आवेदन के साथ इस बात का शपथ पत्र भी जमा किया था कि उन्हें जान का खतरा है। अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि अगर जान का खतरा था तो लाइसेंस बनने के बाद भी उन्होंने शस्त्र क्यों नहीं खरीदे।
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