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रामगढ़ताल : अब 150 मीटर के दायरे तक नहीं कर सकेंगे निर्माण
Wed, 02 Jan 2019 12:28 AM IST
ajay Kumar
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Published by: ajay Kumar
Updated Wed, 02 Jan 2019 12:28 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। अब रामगढ़ताल से सटे 150 मीटर के दायरे में कोई भी निर्माण आसान नहीं होगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने नो कंस्ट्रक्शन जोन की सीमा 100 मीटर और बढ़ा दी है। पहले यह 50 मीटर ही थी। रामगढ़ताल वेटलैंड को लेकर एनजीटी की तरफ से आई रिपोर्ट के अनुसार पहले से तय 50 मीटर के अतिरिक्त अगले 100 मीटर के दायरे में निर्माण के लिए अनुमति लेनी होगी। इस रिपोर्ट के बाद जीडीए ने इस दायरे में निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृति के आवेदन लंबित श्रेणी में डाल दिया है।
एनजीटी की इस सख्ती से कई बड़े व्यवसायिक भूखंड से लेकर आवासीय और जीडीए की 40 एकड़ से अधिक कीमती जमीन पर संकट छा गया है। लोहिया एन्क्लेव योजना में कुछ ब्लॉक पर ग्रहण लग गया है। जीडीए की बेशकीमती 42 एकड़ जमीन भी इस दायरे में आ गई है। हाल ही में एनजीटी की हाईपॉवर कमेटी ने रामगढ़ताल वेटलैंड के 50 मीटर के दायरे में जीडीए द्वारा चिह्नित 393 निर्माण का भौतिक सत्यापन कर लौटी है।
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एनजीटी की इस सख्ती से कई बड़े व्यवसायिक भूखंड से लेकर आवासीय और जीडीए की 40 एकड़ से अधिक कीमती जमीन पर संकट छा गया है। लोहिया एन्क्लेव योजना में कुछ ब्लॉक पर ग्रहण लग गया है। जीडीए की बेशकीमती 42 एकड़ जमीन भी इस दायरे में आ गई है। हाल ही में एनजीटी की हाईपॉवर कमेटी ने रामगढ़ताल वेटलैंड के 50 मीटर के दायरे में जीडीए द्वारा चिह्नित 393 निर्माण का भौतिक सत्यापन कर लौटी है।
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