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देश की 2790 पेड़ पौधों की प्रजाति लुप्तप्राय

Fri, 10 Feb 2017 01:40 AM IST
राजीव रंजन, अमर उजाला, गोरखपुर।
राजीव रंजन, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Fri, 10 Feb 2017 01:40 AM IST
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2790 trees are being invisible in country
व्याख्यान के दौरान एनबीआरआई के निदेशक प्रो. एसके बारिक को सम्मानित किया गया। - फोटो : Amar Ujala
गोरखपुर विश्वविद्यालय के बॉटनी विभाग की ओर से आयोजित विशेष व्याख्यान में नेशनल बॉटनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट लखनऊ के निदेशक प्रो. एसके बारिक ने देश में विलुप्त होती जा रही पेड़ पौधों की प्रजातियों पर चिंता जताई।
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मुख्य वक्ता प्रो. एसके बारिक ने कहा कि हमारे देश में सबसे ज्यादा जैव विविधता है, लेकिन चिंताजनक बात यह है कि इनमें से काफी संख्या अब विलुप्त होने की स्थिति में आ गई है। उससे भी ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि इनका अभी सही ढंग से संरक्षण नहीं हो पा रहा है। अरुणाचल प्रदेश में अरमोसिया रवोस्टा का सिर्फ एक पौधा बचा था, उसे सड़क चौड़ीकरण के दौरान नष्ट कर दिया गया। गनीमत है कि एनबीआरआई ने इसका संरक्षण कर रखा है।
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उन्होंने बताया कि एनबीआरआई ने शोध में पाया है कि 2790 पेड़ पौधों की प्रजाति विलुप्त होने की कगार पर है। एनबीआरआई इनके संरक्षण के लिए प्रयासरत है। देश भर के 37 संस्थाओं के करीब 75 वैज्ञानिकों ने विलुप्त प्राय पेड़-पौधों के संरक्षण का काम शुरू किया है। चयन किए गए विलुप्त प्राय 100 पेड़-पौधों में से 75 का संरक्षण किया जा चुका है। जल्द ही अन्य का भी संरक्षण कर लिया जाएगा। लेकिन देश भर में विलुप्त प्राय 2790 पेड़ पौधों की प्रजातियों के संरक्षण के लिए काफी संख्या में शिक्षकों, शोधार्थियों की आवश्यकता है। चिंता की बात है कि विलुप्त प्राय पेड़ पौधों की संख्या और उनके संरक्षण करने वाला का अनुपात काफी चिंताजनक है।
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प्रो. केएस भार्गव मेमोरियल व्याख्यान का उद्घाटन कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने दीप जलाकर किया। संचालन प्रो. मालविका श्रीवास्तव और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. वीएन पांडेय ने किया। विभागाध्यक्ष प्रो. आरपी शुक्ला, प्रो. यशवंत सिंह, प्रो. पूजा सिंह, डॉ. अनिल कुमार द्विवेदी, प्रो. दिनेश यादव आदि मौजूद थे। 

एनबीआरआई ने ढूंढी अतीश की नई प्रजाति

तंत्रिका तंत्र संबंधी विभिन्न बीमारियों को दूर करने में अतीश नामक प्रजाति का पौधा काफी फायदेमंद साबित होता है। ऐसे में नेशनल बॉटनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट ने अतीश प्रजाति की नई प्रजाति ढूंढ निकाली है। इसे त्वांगजेनेसिस नाम दिया है। हिमालय की पहाड़ियों में जैव विविधता के लिए जानी जाती है। यहां पाए जाने वाले पेड़-पौधों में चिकित्सीय गुणों की भरमार होती है। इन पर लगातार शोध चल रहे हैं। एनबीआरआई भी इसके लिए लंबे समय से प्रयासरत है।


इसी क्रम में एनबीआरआई को पूर्वी हिमालय की ऊंचाइयों में नई सफलता हासिल हुई है। संस्थान के वैज्ञानिकों ने पूर्वी हिमालय क्षेत्र में करीब 4500 मीटर की ऊंचाई में अतीश नामक पौधे की नई प्रजाति की पहचान की है। संस्थान के निदेशक प्रो. एसके बारिक ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश में त्वांग के पास इस प्रजाति का ढूंढा गया है। इसलिए इसे त्वांगजेनेसिस नाम दिया गया है। यह संस्थान की बड़ी उपलब्धि है। संस्थान लगातार इसके लिए प्रयासरत है। 
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