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‘पंडालों में सुरक्षा के मानकों का पालन हो’
Updated Mon, 18 Sep 2017 01:44 AM IST
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गोरखपुर।
अग्निशमन अधिकारी सत्येंद्र पांडेय ने 21 सितंबर से 30 सितंबर तक शरदीय नवरात्र के दौरान शहर में दुर्गा प्रतिमा के पंडालों के निर्माण में सुरक्षा मानकों के सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा है कि दुर्गा प्रतिमा स्थापित किए जा रहे पंडालों में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन किया जाना जरूरी है। पंडाल की ऊंचाई तीन मीटर से कम नहीं होनी चाहिए। पंडाल के चारों तरफ तीन मीटर का खुला स्थान होना जरूरी है। पंडाल निर्माण में सिथेंटिक कपड़ों और रस्सी का प्रयोग करने पर पूरी तरह से रोक है। इसलिए पंडाल सिर्फ सूती कपड़ा, त्रिपाल, फायरप्रूफ कपड़ों से ही बना होना चाहिए। बांस बल्ली बांधने के लिए केवल सूती, रेश्मी, नारियल के रस्सी का ही इस्तेमाल किया जा सकता है।
इनका पालन करना भी जरूरी
पंडाल के प्रवेश एवं निकास मार्ग की चौड़ाई व ऊंचाई पांच मीटर से कम नही होनी चाहिए।
पंडाल के बाहर कोई भी निकास द्वार 15 मीटर से अधिक दूरी पर न हो और दो आकस्मिक द्वार का निर्माण किया जाए, जिसकी चौड़ाई तीन मीटर से कम न हो।
पंडाल की संरचना मजबूत बांस बल्लियों से कराई जाए तथा बांस-बल्लियों के मजबूती का प्रमाण-पत्र लोक निर्माण विभाग गोरखपुर से प्राप्त किया जाए।
पंडाल ढांचे में दीये न जलाए जाएं। अंदर सजावटी लाइटिंग लगाने पर भी रोक के साथ आस-पास किसी प्रकार का आतिशबाजी नही की जा सकती है।
पंडाल में लाइटिंग के लिए नंगे, कटे-फ टे तारों का प्रयोग के साथ हैलोजन लाइट का प्रयोग नही किया जा सकता है।
पंडाल में प्रकाश व्यवस्था किसी लाइसेंस प्राप्त ठेकेदार से ही कराई जाए, तथा विद्युत सुरक्षा अधिकारी से प्रमाण-पत्र अवश्य प्राप्त किया जाए।
विद्युत तारों की वायरिंग पंडाल के कपड़े सेे कम से कम 15 सेमी दूर रखे जाएं।
पंडाल के प्रवेश व निकास द्वारों पर 200 लीटर के क्षमता के पानी का ड्रम अवश्य रखा जाय। बालू तथा पानी से भरा फ ायर बकेट स्टैंड से बनायें रखना अनिवार्य है।
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- आकस्मिक टेलीफ ोन नंबर- 100, 101, 0551-2333333, 9454418789, 9454418790, 9454418791, 9454418792, 9454418793, 9454418341 व स्थानीय थाने का टेलीफ ोन नंबर का बोर्ड लगाया जाना अनिवार्य है।
अग्निशमन अधिकारी सत्येंद्र पांडेय ने 21 सितंबर से 30 सितंबर तक शरदीय नवरात्र के दौरान शहर में दुर्गा प्रतिमा के पंडालों के निर्माण में सुरक्षा मानकों के सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा है कि दुर्गा प्रतिमा स्थापित किए जा रहे पंडालों में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन किया जाना जरूरी है। पंडाल की ऊंचाई तीन मीटर से कम नहीं होनी चाहिए। पंडाल के चारों तरफ तीन मीटर का खुला स्थान होना जरूरी है। पंडाल निर्माण में सिथेंटिक कपड़ों और रस्सी का प्रयोग करने पर पूरी तरह से रोक है। इसलिए पंडाल सिर्फ सूती कपड़ा, त्रिपाल, फायरप्रूफ कपड़ों से ही बना होना चाहिए। बांस बल्ली बांधने के लिए केवल सूती, रेश्मी, नारियल के रस्सी का ही इस्तेमाल किया जा सकता है।
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इनका पालन करना भी जरूरी
पंडाल के प्रवेश एवं निकास मार्ग की चौड़ाई व ऊंचाई पांच मीटर से कम नही होनी चाहिए।
पंडाल के बाहर कोई भी निकास द्वार 15 मीटर से अधिक दूरी पर न हो और दो आकस्मिक द्वार का निर्माण किया जाए, जिसकी चौड़ाई तीन मीटर से कम न हो।
पंडाल की संरचना मजबूत बांस बल्लियों से कराई जाए तथा बांस-बल्लियों के मजबूती का प्रमाण-पत्र लोक निर्माण विभाग गोरखपुर से प्राप्त किया जाए।
पंडाल ढांचे में दीये न जलाए जाएं। अंदर सजावटी लाइटिंग लगाने पर भी रोक के साथ आस-पास किसी प्रकार का आतिशबाजी नही की जा सकती है।
पंडाल में लाइटिंग के लिए नंगे, कटे-फ टे तारों का प्रयोग के साथ हैलोजन लाइट का प्रयोग नही किया जा सकता है।
पंडाल में प्रकाश व्यवस्था किसी लाइसेंस प्राप्त ठेकेदार से ही कराई जाए, तथा विद्युत सुरक्षा अधिकारी से प्रमाण-पत्र अवश्य प्राप्त किया जाए।
विद्युत तारों की वायरिंग पंडाल के कपड़े सेे कम से कम 15 सेमी दूर रखे जाएं।
पंडाल के प्रवेश व निकास द्वारों पर 200 लीटर के क्षमता के पानी का ड्रम अवश्य रखा जाय। बालू तथा पानी से भरा फ ायर बकेट स्टैंड से बनायें रखना अनिवार्य है।
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- आकस्मिक टेलीफ ोन नंबर- 100, 101, 0551-2333333, 9454418789, 9454418790, 9454418791, 9454418792, 9454418793, 9454418341 व स्थानीय थाने का टेलीफ ोन नंबर का बोर्ड लगाया जाना अनिवार्य है।