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संस्पेड एआरटीओ को हटाना पड़ेगा बैंक का दफ्तर
Updated Tue, 18 Jul 2017 07:38 PM IST
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गोरखपुर। मानचित्र की अनदेखी कर बेतियाहाता में आलीशान कांप्लेक्स बनवाना सस्पेंड एआरटीओ आरएस यादव के लिए ही नहीं बल्कि यूनियन बैंक के लिए भी परेशानी का सबब बन सकता है। कांप्लेक्स में किराये पर चल रहे इस बैंक को अपने क्षेत्रीय दफ्तर के लिए अब कहीं और जगह देखनी पड़ेगी।
जौनपुर, वाराणसी समेत कई जगहों पर सहजनवां के तिवरान गांव के मूल निवासी आरएस यादव की कई बड़ी संपत्तियां पकड़ में आने के बाद जीडीए भी सतर्क हो गया था। बेतियाहाता स्थित उनके कांप्लेक्स का मानचित्र स्वीकृत है या नहीं, इसे लेकर प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष ओएन सिंह ने जांच के आदेश दिए थे। जांच में मानचित्र स्वीकृत होना तो पाया गया, मगर निर्माण उसके मुताबिक नहीं मिला। बेसमेंट में मानक की अनदेखी समेत कुछ खामियों के साथ एक बड़ी गड़बड़ी के तौर पर बेसमेंट का व्यावसायिक इस्तेमाल होना पाया गया। किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान के लिए पार्किंग जरूरी है, जो कांप्लेक्स में नहीं है। मामले की जांच करने वाले जेई ज्ञानेश्वर सिंह का कहना है कि खामियों को लेकर आरएस यादव को नोटिस दिया गया था। जवाब के साथ ही उन्हें मानचित्र भी दिखाने को कहा गया था। 15 जुलाई को जवाब देने का समय पूरा होने वाला था, मगर 14 जुलाई को उनके एक रिश्तेदार ने प्रार्थना पत्र देकर एक सप्ताह की और मोहलत मांगी है।
जौनपुर, वाराणसी समेत कई जगहों पर सहजनवां के तिवरान गांव के मूल निवासी आरएस यादव की कई बड़ी संपत्तियां पकड़ में आने के बाद जीडीए भी सतर्क हो गया था। बेतियाहाता स्थित उनके कांप्लेक्स का मानचित्र स्वीकृत है या नहीं, इसे लेकर प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष ओएन सिंह ने जांच के आदेश दिए थे। जांच में मानचित्र स्वीकृत होना तो पाया गया, मगर निर्माण उसके मुताबिक नहीं मिला। बेसमेंट में मानक की अनदेखी समेत कुछ खामियों के साथ एक बड़ी गड़बड़ी के तौर पर बेसमेंट का व्यावसायिक इस्तेमाल होना पाया गया। किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान के लिए पार्किंग जरूरी है, जो कांप्लेक्स में नहीं है। मामले की जांच करने वाले जेई ज्ञानेश्वर सिंह का कहना है कि खामियों को लेकर आरएस यादव को नोटिस दिया गया था। जवाब के साथ ही उन्हें मानचित्र भी दिखाने को कहा गया था। 15 जुलाई को जवाब देने का समय पूरा होने वाला था, मगर 14 जुलाई को उनके एक रिश्तेदार ने प्रार्थना पत्र देकर एक सप्ताह की और मोहलत मांगी है।
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