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उल्टा लिखने के शगल ने सतीश को बनाया रिकॉर्डधारी
Thu, 28 Feb 2019 01:06 AM IST
ajay Kumar
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Published by: ajay Kumar
Updated Thu, 28 Feb 2019 01:06 AM IST
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वर्ल्ड रिकॉर्ड ब्रैवो इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधि मुंबई के प्रो दिनेश गुप्ता ने सतीश काो विश्व रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र दिया।
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। शहर के सतीश वैश्य की कुछ अलग करने के शगल ने उन्हें नई पहचान दे दी है। आप जितनी तेजी से बोलते जाएंगे, वह उतनी तेजी से उल्टा लिखते जाएंगे। यानी दाएं से बाएं की ऐसी लिखावट जो आइने में सीधी पड़ी जाएगी। सतीश का यह शौक उन्हें रिकॉर्डधारी बना दिया है।
मिर्जापुर क्षेत्र के 30 वर्षीय सतीश को 10 साल पहले उल्टा लिखने का विचार आया। बीकॉम की पढ़ाई के दौरान यह शौक इतना बढ़ गया कि वह क्लास के नोट्स भी उल्टा लिखकर तैयार करने लगे। कभी शिक्षक पूछते तो सतीश पन्ने पलटकर कार्बन से उभर आए सीधे अक्षरों को दिखाकर उन्हें आश्चर्यचकित कर देते। धीरे-धीरे सतीश मिस्टर उल्टा-पुल्टा के तौर पर पहचाने जाने लगे। 2010 में उन्हें इंडियाज गॉट टैलेंट में जाने का भी मौका मिला। लेकिन उनके प्रदर्शन में मनोरंजन न होने से यहां उनको निराशा हाथ लगी। लेकिन सतीश का शौक जुनून बन चुका था।
उन्होंने विकीपीडिया से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पूरी जानकारी एक डायरी में उल्टा लिखकर रखी है। उनकी चाहत है कि वह इसे मुख्यमंत्री को भेंट करें। 17 फरवरी को वर्ल्ड रिकॉर्ड ब्रैवो इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधि मुंबई के प्रो दिनेश गुप्ता ने उन्हें गोरखपुर आकर उल्टा लिखने वाला इकलौता शख्स बताकर विश्व रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र दिया तो उनका हौसला काफी बढ़ गया।
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मिर्जापुर क्षेत्र के 30 वर्षीय सतीश को 10 साल पहले उल्टा लिखने का विचार आया। बीकॉम की पढ़ाई के दौरान यह शौक इतना बढ़ गया कि वह क्लास के नोट्स भी उल्टा लिखकर तैयार करने लगे। कभी शिक्षक पूछते तो सतीश पन्ने पलटकर कार्बन से उभर आए सीधे अक्षरों को दिखाकर उन्हें आश्चर्यचकित कर देते। धीरे-धीरे सतीश मिस्टर उल्टा-पुल्टा के तौर पर पहचाने जाने लगे। 2010 में उन्हें इंडियाज गॉट टैलेंट में जाने का भी मौका मिला। लेकिन उनके प्रदर्शन में मनोरंजन न होने से यहां उनको निराशा हाथ लगी। लेकिन सतीश का शौक जुनून बन चुका था।
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उन्होंने विकीपीडिया से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पूरी जानकारी एक डायरी में उल्टा लिखकर रखी है। उनकी चाहत है कि वह इसे मुख्यमंत्री को भेंट करें। 17 फरवरी को वर्ल्ड रिकॉर्ड ब्रैवो इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधि मुंबई के प्रो दिनेश गुप्ता ने उन्हें गोरखपुर आकर उल्टा लिखने वाला इकलौता शख्स बताकर विश्व रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र दिया तो उनका हौसला काफी बढ़ गया।
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