मकरसंक्रांति कल, बुढ़वा मंगल 22 को
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मकर संक्रांति जगत पिता सूर्य की उपासना और सामाजिक समरसता का महापर्व है। यह देश के पर्वों में और परंपराओं में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस दिन से सूर्य नारायण उत्तरायण में प्रवेश करते हैं, जो सनातन हिंदू धर्म संस्कृति में हर प्रकार के शुभ कार्यों को प्रारंभ करने के लिए पुण्य माना जाता है। उन्होंने कहा कि पूरे देश के अंदर अलग-अलग नाम और रूप में यह पर्व मनाया जाता है। उत्तर भारत में जहां इसे खिचड़ी महापर्व जाना जाता है, वहीं दक्षिण भारत में ‘पोंगल’ पंजाब में ‘लोहड़ी’, बंगाल में ‘तिलवा संक्रांति’ असम में ‘बिहु’ आदि नामों से इसे मनाने की परंपरा है। गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले परंपरागत मेले की तैयारी पूरी हो चुकी है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ख्याल रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पर्व के लिए जिला व पुलिस प्रशासन के अलावा नगर निगम, रेलवे, लोक निर्माण विभाग की तरफ से व्यवस्था की गई है। गुरु गोरखनाथ का दर्शन हर श्रद्धालु कर सके, उसके लिए अनेक स्वयं सेवी संगठनों ने भी जिम्मेदारी संभाली है। मंदिर परिसर में नजर रखने के लिए जगह-जगह सीसी टीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।