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गंडक से बेघर हुए लोगों की बढ़ी दुश्वारियां

Wed, 22 Aug 2018 11:16 PM IST
Updated Wed, 22 Aug 2018 11:16 PM IST
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गंडक से बेघर हुए लोगों की बढ़ी दुश्वारियां
गंडक से बेघर हुए लोगों की बढ़ी दुश्वारियां
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प्रशासन की लचर व्यवस्था को कोस रहे लोग
मजबूरी में महिलाओं को रिश्तेदारी में भेजने को विवश हैं कई परिवार
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के अहिरौलीदान के पांच पुरवों में गंडक नदी कहर बरपा रही है। अब तक 150 से अधिक परिवार बेघर हो चुके हैं। जबकि नदी के निशाने पर कई और मकान आ चुके हैं। जिसकी वजह से लोग सहमे हुए हैं। आशंकित लोग अपने मकान को तोड़ने में जुटे हैं। कुछ लोग अपने घरों से सामान समेट रहे हैं। बेघर हुए लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। छोटे बच्चे और महिलाएं अधिक परेशानी से गुजर रही हैं।

अहिरौलीदान के पांच पुरवों को बड़ी गंडक नदी ने निशाने पर ले लिया है। जिसमें कचहरी टोला, मदरही और नोनियापट्टी में भारी तबाही है। यहां अब तक 150 से अधिक परिवार बेघर हो चुके हैं। कई अन्य परिवारों के लोग सहमे हुए हैं। नदी की कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड कोशिश कर रहा है, लेकिन बचाव कार्य नाकाफी है। जिला पंचायत सदस्य अरविंद सिंह, मोहर सिंह, ओम प्रकाश सिंह, श्याम सुंदर सिंह आदि बताते हैं कि गंडक की कटान से अहिरौली दान के पांच पुरवे में 17 दिनों से तबाही मची हुई है। कचहरी टोला सर्वाधिक प्रभावित है। कई लोगों के मकान नदी की कटान की चपेट में आ चुके हैं। कई लोगों बना बनाया पक्का मकान तोड़ दिया है। प्रशासनिक व्यवस्था काफी लचर है। जिसकी वजह से लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। यदि समय रहते बचाव कार्य ठीक से किया गया होता तो प्रभावित लोगों को शायद ऐसा दिन नहीं देखना पड़ता। तमाम लोग अपने घरों की महिलाओं को रिश्तेदारी में भी भेजने को मजबूरी बता रहे हैं। समाजवादी पार्टी मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मधुर श्याम राय ने अहिरौलीदान व बाघाचौर गांवों का भ्रमण किया। यहां के हालात को देख कर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया। आरोप लगाया कि जब सपा कार्यकर्ता बांध की मरम्मत कराने के लिए धरना प्रदर्शन किया, उस दौरान यदि मरम्मत कार्य शुरू करा दिया गया होता तो कचहरी टोला व नोनियापट्टी, खैरखूटा, डीह टोला में गंडक नदी की कटान से उतना नुकसान नहीं हुआ होता। बेघर हुए लोगों के परिवारीजन काफी दुश्वारियों के बीच जिंदगी गुजार रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनकी पीड़ा की ओर ध्यान नहीं दे रहा है। यदि यहां की व्यवस्था ऐसी ही बनी रही तो दिक्कतें और बढ़ सकती हैं। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता भरत राम ने बताया कि बचाव कार्य जारी है। कोशिश की जा रही है कि लोगों की परेशानी कम हो सके।
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