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चिड़ियाघर में बनेगा दो वाटर ट्रीटमेंट प्लांटट
Sun, 30 Dec 2018 12:43 AM IST
ajay Kumar
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Published by: ajay Kumar
Updated Sun, 30 Dec 2018 12:43 AM IST
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गोरखपुर। निर्माणाधीन चिड़ियाघर के आवासीय क्षेत्र में 30 किलोलीटर डिस्चार्ज (केएलडी) के दो एसटीपी बनाए जाने तैयारी है। इनसे चिड़ियाघर से निकलने वाले दूषित पानी को शोधित किया जाएगा। इसके लिए बीते दिनों प्रमुख सचिव वन एवं जीव की अध्यक्षता में बैठक भी हुई थी।
चिड़ियाघर में 35 प्रजातियों के कुल 200 पशु-पक्षियों को लाया जाना है। उनके खाने और मलमूत्र से दूषित होने वाले पानी को स्वच्छ करने के लिए एसटीपी बनाए जाने की तैयारी है। इससे पशु-पक्षियों के संक्रमित होने के खतरे को भी कम किया जा सकेगा।
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चिड़ियाघर में 35 प्रजातियों के कुल 200 पशु-पक्षियों को लाया जाना है। उनके खाने और मलमूत्र से दूषित होने वाले पानी को स्वच्छ करने के लिए एसटीपी बनाए जाने की तैयारी है। इससे पशु-पक्षियों के संक्रमित होने के खतरे को भी कम किया जा सकेगा।
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जल निगम के एसटीपी का भी कर सकते हैं इस्तेमाल
जल निगम, नगर स्वास्थ्य अधिकारी तथा जीडीए के अधिकारियों की 13 दिसंबर को हुई बैठक में चिड़ियाघर के पानी को शोधित करने के लिए जल निगम के एसटीपी के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई थी। आवासीय परिसर के पास जल निगम का 45 एमएलडी क्षमता का एसटीपी है। विशेषज्ञ उसकी क्षमता का परीक्षण करेंगे। अगर उसमें चिड़ियाघर के पानी को भी शोधित करने की क्षमता होगी तो इसी से काम चलाया जाएगा।
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