{"_id":"59c173024f1c1b1c688b5856","slug":"181505850114-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे स्टेशन दुर्गा पंडाल में दिखेगी प्रसिद्ध मंदिरों की झलक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे स्टेशन दुर्गा पंडाल में दिखेगी प्रसिद्ध मंदिरों की झलक
Updated Wed, 20 Sep 2017 01:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोरखपुर।
इस बार रेलवे स्टेशन दुर्गा पूजा पंडाल देश के प्रसिद्ध मंदिरों की झलक दिखाएगा। विशाल दुर्गा प्रतिमा ही नहीं बल्कि विशेष अंदाज में तैयार किया जा रहा यहां का पंडाल भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। मूर्तिकार प्रोबीर विश्वास देवी प्रतिमा के साथ पंडाल पर अपनी कला का जादू चलाने में जुटे हुए हैं।
श्रीश्री दुर्गा पूजा समिति रेलवे स्टेशन गोरखपुर के अध्यक्ष अमित सिंह ने बताया कि इस बार पंडाल का डिजाइन नया होगा। मूर्ति पिछले वर्षों की तरह ही भव्य है। प्रोबीर विश्वास ने बताया कि पंडाल के गुंबद का लुक दक्षिण भारत के मंदिर से लिया गया है तो वहीं कुछ हिस्सा बंगाल के मायापुर मंदिर से प्रेरित होकर बनाया जा रहा है। 25 सितंबर तक पंडाल और प्रतिमा की साजसज्जा का काम पूरा होने की उम्मीद है।
गोरखनाथ मंदिर की 75 मूर्तियां भी बना चुके हैं
मूर्तिकार प्रोबीर विश्वास 1975 से शहर में अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। दो साल साहबगंज में मूर्तियां बनाने के बाद प्रोबीर विश्वास पूर्व एमएलसी सुदामा सिंह के बुलावे पर 1977 से रेलवे स्टेशन पर देवी प्रतिमाएं बना रहे हैं। उनकी कलाकारी गोरखनाथ मंदिर में भी देखी जा सकती है। यहां की लाइब्रेरी में नाथ संप्रदाय के संतों की 75 मूर्तियां उन्होंने ही बनाई हैं।
विज्ञापन
महालया से नवरात्र की खुशियों में डूबा बंगाली समाज
महालया के साथ बंगाली समाज नवरात्र की खुशियों में डूब गया है। मां के शक्ति स्वरूप की आराधना के इस उत्सव की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। मंगलवार तड़के ही टीवी और रेडियो पर बंगाली परिवारों ने महालया (चंडी पाठ) सुना।
बंगाली समाज में परिवार के साथ महालया सुनकर शारदीय नवरात्र पर देवी उपासना का काम शुरू किया जाता है। हुमायूंपुर निवासी अमलान रॉय ने बताया कि पहले रेडियो ही महालया सुनने का इकलौता साधन था, लेकिन अब टीवी पर भी इसका प्रसारण होने से सहूलियत मिली है। यहीं के कल्लोल चटर्जी ने बताया कि तड़के पूरा परिवार नहाकर महालया सुनने के लिए एक साथ टीवी के सामने बैठ गया। हुमायूंपुर के निर्मान रॉय, अजय चटर्जी, अलीशा डे, ज्वाय डे, दीवान बाजार के अभिषेक चटर्जी, दुर्गाबाड़ी के अजय चटर्जी, परेशनाथ चटर्जी ने भी परिवार के साथ सुबह महालया सुना।
महिलाएं रहती हैं व्रत, पुरुष मनाते हैं उत्सव
बंगाली समाज की महिलाएं ही शारदीय नवरात्र में व्रत रखती हैं। दुर्गाबाड़ी दुर्गा पूजा समिति के सचिव अरुण सरखेल बताते हैं कि पुरुष इसे विजयोत्सव के रूप में मनाते हैं। इसी क्रम में दुर्गाबाड़ी पूजा समिति इस बार दुर्गा पूजा के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित कर रही है।
इस बार रेलवे स्टेशन दुर्गा पूजा पंडाल देश के प्रसिद्ध मंदिरों की झलक दिखाएगा। विशाल दुर्गा प्रतिमा ही नहीं बल्कि विशेष अंदाज में तैयार किया जा रहा यहां का पंडाल भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। मूर्तिकार प्रोबीर विश्वास देवी प्रतिमा के साथ पंडाल पर अपनी कला का जादू चलाने में जुटे हुए हैं।
श्रीश्री दुर्गा पूजा समिति रेलवे स्टेशन गोरखपुर के अध्यक्ष अमित सिंह ने बताया कि इस बार पंडाल का डिजाइन नया होगा। मूर्ति पिछले वर्षों की तरह ही भव्य है। प्रोबीर विश्वास ने बताया कि पंडाल के गुंबद का लुक दक्षिण भारत के मंदिर से लिया गया है तो वहीं कुछ हिस्सा बंगाल के मायापुर मंदिर से प्रेरित होकर बनाया जा रहा है। 25 सितंबर तक पंडाल और प्रतिमा की साजसज्जा का काम पूरा होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
गोरखनाथ मंदिर की 75 मूर्तियां भी बना चुके हैं
मूर्तिकार प्रोबीर विश्वास 1975 से शहर में अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। दो साल साहबगंज में मूर्तियां बनाने के बाद प्रोबीर विश्वास पूर्व एमएलसी सुदामा सिंह के बुलावे पर 1977 से रेलवे स्टेशन पर देवी प्रतिमाएं बना रहे हैं। उनकी कलाकारी गोरखनाथ मंदिर में भी देखी जा सकती है। यहां की लाइब्रेरी में नाथ संप्रदाय के संतों की 75 मूर्तियां उन्होंने ही बनाई हैं।
विज्ञापन
महालया से नवरात्र की खुशियों में डूबा बंगाली समाज
महालया के साथ बंगाली समाज नवरात्र की खुशियों में डूब गया है। मां के शक्ति स्वरूप की आराधना के इस उत्सव की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। मंगलवार तड़के ही टीवी और रेडियो पर बंगाली परिवारों ने महालया (चंडी पाठ) सुना।
बंगाली समाज में परिवार के साथ महालया सुनकर शारदीय नवरात्र पर देवी उपासना का काम शुरू किया जाता है। हुमायूंपुर निवासी अमलान रॉय ने बताया कि पहले रेडियो ही महालया सुनने का इकलौता साधन था, लेकिन अब टीवी पर भी इसका प्रसारण होने से सहूलियत मिली है। यहीं के कल्लोल चटर्जी ने बताया कि तड़के पूरा परिवार नहाकर महालया सुनने के लिए एक साथ टीवी के सामने बैठ गया। हुमायूंपुर के निर्मान रॉय, अजय चटर्जी, अलीशा डे, ज्वाय डे, दीवान बाजार के अभिषेक चटर्जी, दुर्गाबाड़ी के अजय चटर्जी, परेशनाथ चटर्जी ने भी परिवार के साथ सुबह महालया सुना।
महिलाएं रहती हैं व्रत, पुरुष मनाते हैं उत्सव
बंगाली समाज की महिलाएं ही शारदीय नवरात्र में व्रत रखती हैं। दुर्गाबाड़ी दुर्गा पूजा समिति के सचिव अरुण सरखेल बताते हैं कि पुरुष इसे विजयोत्सव के रूप में मनाते हैं। इसी क्रम में दुर्गाबाड़ी पूजा समिति इस बार दुर्गा पूजा के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित कर रही है।