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दो दिन में इंसेफेलाइटिस से सात की मौत
Updated Mon, 28 Aug 2017 06:44 PM IST
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गोरखपुर।
पूर्वांचल में मासूमों के लिए काल का पर्याय बनी इंसेफेलाइटिस का प्रकोप थम नहीं रहा। बीते 48 घंटे में मेडिकल कॉलेज के इंसेफेलाइटिस वार्ड में सात मरीजों की मौत हो गई। इन मरीजों को पिछले दिनों इलाज के लिए इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती कराया गया था। इसके साथ ही इस अवधि में 27 नए मरीज भी इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती कराए गए हैं।
इंसेफेलाइटिस से 48 घंटे में मरने वाले मरीजों में गोरखपुर के पचपेड़वा निवासी यश (5), पिपराइच के चिऊटहां निवासी अमन (1.5), कुशीनगर के कप्तानगंज निवासी सरोज (3), सिद्धार्थनगर के उसका निवासी नेहा (5), कुशीनगर के जटहा बाजार निवासी विकास (7), देवरिया के रामपुर निवासी आठ माह का अंश और सिद्धार्थनगर के बांसी निवासी फिरोज (12) शामिल हैं। वहीं भर्ती होने वाले 27 मरीजों में गोरखपुर के सात, देवरिया के तीन, कुशीनगर के सात, संतकबीरनगर के पांच, बिहार के तीन, सिद्धार्थनगर और महराजगंज के एक-एक मरीज शामिल है। इसके साथ इस साल अब तक मेडिकल कॉलेज में भर्ती किए गए इंसेफेलाइटिस मरीजों की संख्या 724 हो गई है। इस साल यहां भर्ती 175 मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। इस समय 109 मरीजों का इलाज इंसेफेलाइटिस वार्ड में चल रहा है।
पूर्वांचल में मासूमों के लिए काल का पर्याय बनी इंसेफेलाइटिस का प्रकोप थम नहीं रहा। बीते 48 घंटे में मेडिकल कॉलेज के इंसेफेलाइटिस वार्ड में सात मरीजों की मौत हो गई। इन मरीजों को पिछले दिनों इलाज के लिए इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती कराया गया था। इसके साथ ही इस अवधि में 27 नए मरीज भी इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती कराए गए हैं।
इंसेफेलाइटिस से 48 घंटे में मरने वाले मरीजों में गोरखपुर के पचपेड़वा निवासी यश (5), पिपराइच के चिऊटहां निवासी अमन (1.5), कुशीनगर के कप्तानगंज निवासी सरोज (3), सिद्धार्थनगर के उसका निवासी नेहा (5), कुशीनगर के जटहा बाजार निवासी विकास (7), देवरिया के रामपुर निवासी आठ माह का अंश और सिद्धार्थनगर के बांसी निवासी फिरोज (12) शामिल हैं। वहीं भर्ती होने वाले 27 मरीजों में गोरखपुर के सात, देवरिया के तीन, कुशीनगर के सात, संतकबीरनगर के पांच, बिहार के तीन, सिद्धार्थनगर और महराजगंज के एक-एक मरीज शामिल है। इसके साथ इस साल अब तक मेडिकल कॉलेज में भर्ती किए गए इंसेफेलाइटिस मरीजों की संख्या 724 हो गई है। इस साल यहां भर्ती 175 मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। इस समय 109 मरीजों का इलाज इंसेफेलाइटिस वार्ड में चल रहा है।
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