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चिता में खाक हुए चार परिवारों के सपने
Updated Thu, 29 Jun 2017 10:28 PM IST
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डुमरियागंज ( सिद्धार्थनगर)। मथुरा के पास एक्सप्रेस-वे पर हादसे का शिकार हुए चार दोस्तों का शव गुरुवार की सुबह बेंवा चौराहा पहुंचा। लाडलों के अंतिम दर्शन को हुजूम उमड़ पड़ा। हर तरफ आंसुओं का सैलाब था। रोते-बिलखते परिवारों की चीख-पुकार के बीच जवान बेटों की अर्थी कंधे पर रखकर घरवाले बगहवां राप्ती तट की ओर बढ़े तो पीछे कारवां चल रहा था। सांसद, विधायक सहित तमाम लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। राप्ती तट पर एक साथ चार चिताएं सजीं और उनकी आग में चार परिवारों के चिराग खाक हो गए।
मथुरा के बलदेव थाना क्षेत्र अंतर्गत एक्सप्रेस पर बुधवार की रात सड़क हादसे में स्कॉर्पियो सवार बेंवा चौराहा निवासी 11 युवक हादसे के शिकार हुए थे। इसमें श्याम उर्फ प्रिंस, सौरभ, राहुल और विजय की मौत हो गई थी। सात अन्य युवकों का आगरा में उपचार चल रहा है। हादसे की खबर के बाद से ही बेंवा चौराहा गम में डूबा हुआ है। हर किसी को लाडलों के शव का इंतजार था। गुरुवार की सुबह करीब 7 बजे जैसे ही शव बेंवा चौराहा पहुंचा, अंतिम दर्शन के लिए लोग उमड़ पड़े। कलेजे के टुकड़ों को चिर निद्रा में लीन देख हर कोई स्तब्ध था।
मुंह से बोल नहीं फूट रहे थे और जब संभले तो सिर्फ यही कह सके कि हे भगवान, यह क्या किया? शव देख परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्हें ढांढस बंधाने वाली महिलाएं भी खुद को असहज पा रही थीं। करीब 10 बजे सभी शवों को अर्थी पर रखकर बगहवां राप्ती घाट ले जाने की तैयारी हुई। जवान बेटों के अर्थी को कंधा देने वालों के कदम आगे नहीं बढ़ रहे थे। जैसे-तैसे शवों को वाहन पर रखकर घाट तक पहुंचाया गया। यहां एक साथ चार चिताएं सजाई र्गइं। मुखाग्नि मिलते ही तेज लपटों के साथ चिताएं जल रही थीं। उधर घर वालों की आंखों में पनप रहे हसीन सपने धुआं बनकर उड़ता जा रहा था। इस हृदय विदारक मंजर को देख सबका कलेजा दहल उठा। हर आंखें आंसुओं से नम थीं। लोग नियति को कोस रहे थे।
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दूसरे दिन भी बंद रहीं दुकानें, पसरा रहा सन्नाटा
डुमरियागंज। सड़क हादसे में चार युवकों की मौत और सात के गंभीर रूप से जख्मी होने की खबर के बाद से ही बेंवा चौराहा पूरी तरह गम में डूबा हुआ है। चौराहे पर पसरा सन्नाटा दूसरे दिन भी बना रहा। सभी दुकानें बंद रहीं। कहीं कुछ चहल-पहल थी भी तो सिर्फ मृतकों और घायलों के घर के इर्द-गिर्द थी। इस भीषण हादसे की भेंट चढ़े सभी युवक इसी चौराहे के थे। हंसमुख और मिलनसार स्वभाव के चलते कहीं न कहीं सभी लोग उनसे जुड़े हुए थे। अचानक से युवकों की मौत ने सबको सदमे में डाल दिया है।
सांसद और विधायक की मदद को सराहा
डुमरियागंज। हादसे की खबर मिलते ही विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने मथुरा के डीएम-एसपी से बात कर घायलों को तत्काल उपचार मुहैया करवाने और शवों के पोस्टमार्टम के लिए कहा था। वहीं, सांसद जगदंबिका पाल ने भी मथुरा की सांसद हेमा मालिनी से अपने गृह क्षेत्र की घटना का हवाला देते हुए फौरी तौर पर मदद पहुंचाने की अपील की थी। इस पर सांसद हेमा मालिनी ने आगरा में अपने प्रतिनिधि के तौर पर केके शर्मा और मथुरा में समीर गौतम को भेजकर तत्काल मदद उपलब्ध करवाई थी। खुद एंबुलेंस की व्यवस्था कराकर शव को बेंवा चौराहा पहुंचवाया।
हेमा मालिनी कीे मदद से घर पहुंचीं लाशें
डुमरियागंज। हादसे के बाद तीन शवों को आगरा की मॉर्चरी में रखा गया था। उनके पोस्टमार्टम का नंबर 136 शवों के बाद था, लेकिन सांसद जगदंबिका पाल के प्रयास से मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने विजय, राहुल और सौरभ की लाश का पोस्टमार्टम बुधवार की शाम को ही करवा दिया। यही नहीं, हेमा मालिनी ने शव लाने वाले एंबुलेंस का किराया भी अपनी तरफ से अस्पताल काउंटर पर जमा करवाया। गुरुवार को जब एंबुलेंस लेकर शव बेंवा पहुंची तो लोग उसे किराया देने लगे। चालक ने बताया कि मथुरा की सांसद की तरफ से पहले ही किराया जमा हो चुका है। लोगों ने हेमा मालिनी के इस मदद को कभी न भूलने वाली मदद बताई।
शवयात्रा में उमड़ा जन सैलाब
डुमरियागंज। गुरुवार की सुबह बेंवा चौराहे पर मृतकों का शव आने के साथ ही सांसद और विधायक राघवेंद्र भी वहां पहुंच गए। शवयात्रा में शामिल होकर सभी बगहवां घाट पहुंचे। अंतिम संस्कार तक दोनों उपस्थित रहे। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता राजू श्रीवास्तव, जिला उपाध्यक्ष मधुसूदन अग्रहरि, अजय पांडेय, रामप्रकाश गौतम, श्यामसुंदर अग्रहरि, लवकुश ओझा, राहुल सिंह, लालजी शुक्ला, बसपा नेता इरफान मलिक, सपा नेता चिनकू यादव, घिसियावन यादव आदि भी मौजूद रहे।
घायलों में चार की हालत अभी भी नाजुक
डुमरियागंज। मथुरा हादसे में चार दोस्तों की मौत होने के अलावा सात अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिन्हें आगरा के राधाकृष्ण अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। गुरुवार को वहां से लौटे नीरज दुबे ने बताया कि घायलों में चार की हालत गंभीर है। शेष तीन रवि, कय्यूम और गणेश की स्थिति सामान्य हो रही है। कय्यूम के दिमाग में चोट लगने के कारण उसका ऑपरेशन किया है। वहीं, सियाराम चौधरी ने बताया कि चार लोग जो गंभीर रूप से घायल हैं। उनमें सबसे ज्यादा खराब हालत शादाब की है, जो अभी भी कोमा में हैं। उसके पिता निजामुद्दीन अस्पताल पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा सुहेल और आनंद की भी स्थित बेहद नाजुक बनी है। इनके घरवाले भी अस्पताल में पहुंच गए हैं। इन्हें भी वेंटीलेटर पर रखा गया है।
मथुरा के बलदेव थाना क्षेत्र अंतर्गत एक्सप्रेस पर बुधवार की रात सड़क हादसे में स्कॉर्पियो सवार बेंवा चौराहा निवासी 11 युवक हादसे के शिकार हुए थे। इसमें श्याम उर्फ प्रिंस, सौरभ, राहुल और विजय की मौत हो गई थी। सात अन्य युवकों का आगरा में उपचार चल रहा है। हादसे की खबर के बाद से ही बेंवा चौराहा गम में डूबा हुआ है। हर किसी को लाडलों के शव का इंतजार था। गुरुवार की सुबह करीब 7 बजे जैसे ही शव बेंवा चौराहा पहुंचा, अंतिम दर्शन के लिए लोग उमड़ पड़े। कलेजे के टुकड़ों को चिर निद्रा में लीन देख हर कोई स्तब्ध था।
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मुंह से बोल नहीं फूट रहे थे और जब संभले तो सिर्फ यही कह सके कि हे भगवान, यह क्या किया? शव देख परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्हें ढांढस बंधाने वाली महिलाएं भी खुद को असहज पा रही थीं। करीब 10 बजे सभी शवों को अर्थी पर रखकर बगहवां राप्ती घाट ले जाने की तैयारी हुई। जवान बेटों के अर्थी को कंधा देने वालों के कदम आगे नहीं बढ़ रहे थे। जैसे-तैसे शवों को वाहन पर रखकर घाट तक पहुंचाया गया। यहां एक साथ चार चिताएं सजाई र्गइं। मुखाग्नि मिलते ही तेज लपटों के साथ चिताएं जल रही थीं। उधर घर वालों की आंखों में पनप रहे हसीन सपने धुआं बनकर उड़ता जा रहा था। इस हृदय विदारक मंजर को देख सबका कलेजा दहल उठा। हर आंखें आंसुओं से नम थीं। लोग नियति को कोस रहे थे।
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दूसरे दिन भी बंद रहीं दुकानें, पसरा रहा सन्नाटा
डुमरियागंज। सड़क हादसे में चार युवकों की मौत और सात के गंभीर रूप से जख्मी होने की खबर के बाद से ही बेंवा चौराहा पूरी तरह गम में डूबा हुआ है। चौराहे पर पसरा सन्नाटा दूसरे दिन भी बना रहा। सभी दुकानें बंद रहीं। कहीं कुछ चहल-पहल थी भी तो सिर्फ मृतकों और घायलों के घर के इर्द-गिर्द थी। इस भीषण हादसे की भेंट चढ़े सभी युवक इसी चौराहे के थे। हंसमुख और मिलनसार स्वभाव के चलते कहीं न कहीं सभी लोग उनसे जुड़े हुए थे। अचानक से युवकों की मौत ने सबको सदमे में डाल दिया है।
सांसद और विधायक की मदद को सराहा
डुमरियागंज। हादसे की खबर मिलते ही विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने मथुरा के डीएम-एसपी से बात कर घायलों को तत्काल उपचार मुहैया करवाने और शवों के पोस्टमार्टम के लिए कहा था। वहीं, सांसद जगदंबिका पाल ने भी मथुरा की सांसद हेमा मालिनी से अपने गृह क्षेत्र की घटना का हवाला देते हुए फौरी तौर पर मदद पहुंचाने की अपील की थी। इस पर सांसद हेमा मालिनी ने आगरा में अपने प्रतिनिधि के तौर पर केके शर्मा और मथुरा में समीर गौतम को भेजकर तत्काल मदद उपलब्ध करवाई थी। खुद एंबुलेंस की व्यवस्था कराकर शव को बेंवा चौराहा पहुंचवाया।
हेमा मालिनी कीे मदद से घर पहुंचीं लाशें
डुमरियागंज। हादसे के बाद तीन शवों को आगरा की मॉर्चरी में रखा गया था। उनके पोस्टमार्टम का नंबर 136 शवों के बाद था, लेकिन सांसद जगदंबिका पाल के प्रयास से मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने विजय, राहुल और सौरभ की लाश का पोस्टमार्टम बुधवार की शाम को ही करवा दिया। यही नहीं, हेमा मालिनी ने शव लाने वाले एंबुलेंस का किराया भी अपनी तरफ से अस्पताल काउंटर पर जमा करवाया। गुरुवार को जब एंबुलेंस लेकर शव बेंवा पहुंची तो लोग उसे किराया देने लगे। चालक ने बताया कि मथुरा की सांसद की तरफ से पहले ही किराया जमा हो चुका है। लोगों ने हेमा मालिनी के इस मदद को कभी न भूलने वाली मदद बताई।
शवयात्रा में उमड़ा जन सैलाब
डुमरियागंज। गुरुवार की सुबह बेंवा चौराहे पर मृतकों का शव आने के साथ ही सांसद और विधायक राघवेंद्र भी वहां पहुंच गए। शवयात्रा में शामिल होकर सभी बगहवां घाट पहुंचे। अंतिम संस्कार तक दोनों उपस्थित रहे। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता राजू श्रीवास्तव, जिला उपाध्यक्ष मधुसूदन अग्रहरि, अजय पांडेय, रामप्रकाश गौतम, श्यामसुंदर अग्रहरि, लवकुश ओझा, राहुल सिंह, लालजी शुक्ला, बसपा नेता इरफान मलिक, सपा नेता चिनकू यादव, घिसियावन यादव आदि भी मौजूद रहे।
घायलों में चार की हालत अभी भी नाजुक
डुमरियागंज। मथुरा हादसे में चार दोस्तों की मौत होने के अलावा सात अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिन्हें आगरा के राधाकृष्ण अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। गुरुवार को वहां से लौटे नीरज दुबे ने बताया कि घायलों में चार की हालत गंभीर है। शेष तीन रवि, कय्यूम और गणेश की स्थिति सामान्य हो रही है। कय्यूम के दिमाग में चोट लगने के कारण उसका ऑपरेशन किया है। वहीं, सियाराम चौधरी ने बताया कि चार लोग जो गंभीर रूप से घायल हैं। उनमें सबसे ज्यादा खराब हालत शादाब की है, जो अभी भी कोमा में हैं। उसके पिता निजामुद्दीन अस्पताल पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा सुहेल और आनंद की भी स्थित बेहद नाजुक बनी है। इनके घरवाले भी अस्पताल में पहुंच गए हैं। इन्हें भी वेंटीलेटर पर रखा गया है।