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बीएसएनएल में वेतन का संकट, अफसर-कर्मचारी परेशान
Thu, 14 Mar 2019 01:47 AM IST
ajay Kumar
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Published by: ajay Kumar
Updated Thu, 14 Mar 2019 01:47 AM IST
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रोहित सिंह
गोरखपुर। बीएसएनएल के अधिकारियों और कर्मचारियों की तनख्वाह पर संकट आ गया है। फरवरी का वेतन किसी को नहीं मिला है। पूरे देश में लगभग 1.76 लाख कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। होली से पहले वेतन मिलेगा या नहीं, इस पर भी संशय है। इससे अफसर, कर्मचारी परेशान हैं।
उत्तर प्रदेश में बीएसएनएल के लगभग 24 हजार अधिकारी कर्मचारी हैं। वहीं गोरखपुर बस्ती मंडल में लगभग 32 सौ कर्मचारी तैनात हैं। बीएसएनएल अपनी सालाना आय का 55 प्रतिशत वेतन पर खर्च करता है। बीएसएनएल पर सालाना आय का भार आठ प्रतिशत के दर से आगे बढ़ रहा है, जबकि आमदनी पहले की तरह है। वेतन रोके जाने से कर्मचारी संगठन ने नाराजगी जताई है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि फरवरी का वेतन नहीं मिला है। बीएसएनएल बोर्ड ने बैंक से लोन के प्रस्ताव पास किया है, जिसे अफसर आगे नहीं बढ़ा रहे हैं। अफसर कह रहे हैं कि दूरसंचार कंपनी घाटे में चल रही है। आंकड़ों की मानें तो वित्तीय वर्ष 2018 में कंपनी को आठ हजार करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
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गोरखपुर। बीएसएनएल के अधिकारियों और कर्मचारियों की तनख्वाह पर संकट आ गया है। फरवरी का वेतन किसी को नहीं मिला है। पूरे देश में लगभग 1.76 लाख कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। होली से पहले वेतन मिलेगा या नहीं, इस पर भी संशय है। इससे अफसर, कर्मचारी परेशान हैं।
उत्तर प्रदेश में बीएसएनएल के लगभग 24 हजार अधिकारी कर्मचारी हैं। वहीं गोरखपुर बस्ती मंडल में लगभग 32 सौ कर्मचारी तैनात हैं। बीएसएनएल अपनी सालाना आय का 55 प्रतिशत वेतन पर खर्च करता है। बीएसएनएल पर सालाना आय का भार आठ प्रतिशत के दर से आगे बढ़ रहा है, जबकि आमदनी पहले की तरह है। वेतन रोके जाने से कर्मचारी संगठन ने नाराजगी जताई है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि फरवरी का वेतन नहीं मिला है। बीएसएनएल बोर्ड ने बैंक से लोन के प्रस्ताव पास किया है, जिसे अफसर आगे नहीं बढ़ा रहे हैं। अफसर कह रहे हैं कि दूरसंचार कंपनी घाटे में चल रही है। आंकड़ों की मानें तो वित्तीय वर्ष 2018 में कंपनी को आठ हजार करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
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बीएसएनएल नहीं हो सका 4-जी
निजी टेलीकॉम कंपनियां जियो, वोडाफोन, और एयरटेल समेत अन्य कंपनियां 4-जी सर्विस के माध्यम से व्यापार को आगे बढ़ा रही हैं। बीएसएनएल की 4-जी सेवा अभी तक नहीं शुरू हो सकी है। ऐसे में उपभोक्ता दूसरी दूरसंचार कंपनी की सेवा ले रहे हैं।
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