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अनूठे कॉलेज, जरूरत पड़े तो ऑपरेशन तक के इंतजाम
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Updated Sat, 03 Nov 2018 12:52 AM IST
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राजन राय
गोरखपुर। संभवत: प्रदेश ही नहीं देश के ये अनूठे पांच कॉलेज हैं जहां मेडिकल की पढ़ाई न होते हुए भी जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों के ऑपरेशन तक के इंतजाम हैं। गोरक्षपीठ के इन कॉलेजों में सेहत की मुफ्त जांच के लिए ओपीडी तो है ही, ओटी (ऑपरेशन थिएटर) की भी व्यवस्था है। गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय के डॉक्टर का इन पांचों कॉलेजों से अनुबंध है। किसी भी तरह की आपात स्थिति में चिकित्सक कॉलेज की ओटी में ही विद्यार्थी का इलाज करने को तैयार रहते हैं।
गोरक्षपीठ की अकादमिक संस्था महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद ही इन कॉलेजों का संचालन करती है। इसकी शुरूआत महाराणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जंगल धूषण से की गई है।
गोरक्षपीठाधीश्वर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस कॉलेज को आदर्श मानते हैं। कॉलेज में दो दिन बुधवार और गुरुवार को दो डॉक्टर विद्यार्थी, शिक्षक व कर्मचारियों के साथ ही आसपास के गांवों के लोगों के भी सेहत की जांच करते हैं। इसी तरह संस्था के 16 कॉलेजों में एक-एक डॉक्टर का शेड्यूल तय है। अगर बीमारी गंभीर है तो उन्हें रेफर कर दिया जाता है। बीते चार महीने में 228 विद्यार्थी, 732 ग्रामीणों की जांच की गई है। इनमें 48 की बीमारी गंभीर पाए जाने पर बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है। विद्यार्थियों में ज्यादातर की बीमारी वायरल, पेट दर्द की है और ग्रामीणों में आंख के रोगी ज्यादा हैं।
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दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय
दिग्विजयनाथ इंटर कॉलेज, चौकमाफी
महंत अवेद्यनाथ महाविद्यालय, चौकमाफी
गुरु गोरक्षनाथ विद्यापीठ भरोहिया, पीपीगंज
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गोरखपुर। संभवत: प्रदेश ही नहीं देश के ये अनूठे पांच कॉलेज हैं जहां मेडिकल की पढ़ाई न होते हुए भी जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों के ऑपरेशन तक के इंतजाम हैं। गोरक्षपीठ के इन कॉलेजों में सेहत की मुफ्त जांच के लिए ओपीडी तो है ही, ओटी (ऑपरेशन थिएटर) की भी व्यवस्था है। गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय के डॉक्टर का इन पांचों कॉलेजों से अनुबंध है। किसी भी तरह की आपात स्थिति में चिकित्सक कॉलेज की ओटी में ही विद्यार्थी का इलाज करने को तैयार रहते हैं।
गोरक्षपीठ की अकादमिक संस्था महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद ही इन कॉलेजों का संचालन करती है। इसकी शुरूआत महाराणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जंगल धूषण से की गई है।
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गोरक्षपीठाधीश्वर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस कॉलेज को आदर्श मानते हैं। कॉलेज में दो दिन बुधवार और गुरुवार को दो डॉक्टर विद्यार्थी, शिक्षक व कर्मचारियों के साथ ही आसपास के गांवों के लोगों के भी सेहत की जांच करते हैं। इसी तरह संस्था के 16 कॉलेजों में एक-एक डॉक्टर का शेड्यूल तय है। अगर बीमारी गंभीर है तो उन्हें रेफर कर दिया जाता है। बीते चार महीने में 228 विद्यार्थी, 732 ग्रामीणों की जांच की गई है। इनमें 48 की बीमारी गंभीर पाए जाने पर बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है। विद्यार्थियों में ज्यादातर की बीमारी वायरल, पेट दर्द की है और ग्रामीणों में आंख के रोगी ज्यादा हैं।
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कर्मचारियों को इमरजेंसी ऑपरेशन की ट्रेनिंग
गोली लगने, चोट लगने जैसी इमरजेंसी ऑपरेशन ही कॉलेज की ओटी में होंगे। ऑपरेशन को लेकर सभी कॉलेजों में कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गई है कि जरूरत पड़ते ही डॉक्टर के आने के पहले तैयारी पूरी कर ली जाएंगी।-
इन कॉलेजों में सुविधा
महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज, जंगल धूषणदिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय
दिग्विजयनाथ इंटर कॉलेज, चौकमाफी
महंत अवेद्यनाथ महाविद्यालय, चौकमाफी
गुरु गोरक्षनाथ विद्यापीठ भरोहिया, पीपीगंज