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बीआरडी:पुलिस कस्टडी में बेचैन रहे डॉक्टर दंपति
Updated Thu, 31 Aug 2017 01:59 AM IST
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गोरखपुर।
मेडिकल कॉलेज प्रकरण में आरोपी बनाए गए निलंबित प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला पुलिस कस्टडी में बेचैन रहे। कानपुर के कोर्ट में पेशी के दौरान डॉ. राजीव मिश्रा फफक पड़े तो वहीं डॉ. पूर्णिमा पर कोई असर नहीं रहा। महिला थाने में लाए जाने पर भी डॉ. पूर्णिमा के चेहरे पर पछतावा का कोई भाव नहीं दिख रहा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सुबह दंपती ने सिर्फ चाय ही पी। भोजन करने को वे तैयार नहीं हुए। उधर, गुलरिहा थाने में डॉ. राजीव रखे गए हैं, वहां पर पीएसी तैनात कर दी गई है। पुलिस जूनियर डॉक्टर या फिर किसी भी तरह के विरोध को लेकर सतर्क दिखी।
मंगलवार को कानपुर में एसटीएफ टीम की ओर से आरोपी डॉ. राजीव मिश्रा और डॉ. पूर्णिमा शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया था। इसकी जानकारी होते ही एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज के निर्देश पर एएसपी चारु निगम, सीओ ट्रैफिक प्रवीण सिंह, महिला थानेदार शालिनी सिंह की टीम कानपुर रवाना हो गई थी। रात में ही गोरखपुर पुलिस ने दंपती को कस्टडी में ले लिया था। कानपुर में ही कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर लेकर पुलिस टीम बुधवार की देर शाम गोरखपुर पहुंच गई। बृहस्पतिवार चार बजे तक का रिमांड पुलिस के पास है। इस दौरान पुलिस केस से जुड़े दस्तावेज के सिलसिले में पुलिस पूछताछ शुरू कर दी है। गोरखपुर आने के बाद से ही पत्नी पति को अलग-अलग थाने में रखकर पूछताछ की जा रही है।
.....
रात में पुलिस ने दिया भोजन
पति-पत्नी को रात में थाने में ही भोजन दिया गया। दोनों ने आधा अधूरा भोजन किया। डॉ. पूर्णिमा ने बोतल के पानी की मांग भी की। सामान्य लोगों की तरह ही पुलिस उनके साथ व्यवहार कर रही है। वहीं बच्चों की मौत के गुनहगार मानकर कई सिपाही इन्हें कोसते भी देखे गए।
मेडिकल कॉलेज प्रकरण में आरोपी बनाए गए निलंबित प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला पुलिस कस्टडी में बेचैन रहे। कानपुर के कोर्ट में पेशी के दौरान डॉ. राजीव मिश्रा फफक पड़े तो वहीं डॉ. पूर्णिमा पर कोई असर नहीं रहा। महिला थाने में लाए जाने पर भी डॉ. पूर्णिमा के चेहरे पर पछतावा का कोई भाव नहीं दिख रहा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सुबह दंपती ने सिर्फ चाय ही पी। भोजन करने को वे तैयार नहीं हुए। उधर, गुलरिहा थाने में डॉ. राजीव रखे गए हैं, वहां पर पीएसी तैनात कर दी गई है। पुलिस जूनियर डॉक्टर या फिर किसी भी तरह के विरोध को लेकर सतर्क दिखी।
मंगलवार को कानपुर में एसटीएफ टीम की ओर से आरोपी डॉ. राजीव मिश्रा और डॉ. पूर्णिमा शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया था। इसकी जानकारी होते ही एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज के निर्देश पर एएसपी चारु निगम, सीओ ट्रैफिक प्रवीण सिंह, महिला थानेदार शालिनी सिंह की टीम कानपुर रवाना हो गई थी। रात में ही गोरखपुर पुलिस ने दंपती को कस्टडी में ले लिया था। कानपुर में ही कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर लेकर पुलिस टीम बुधवार की देर शाम गोरखपुर पहुंच गई। बृहस्पतिवार चार बजे तक का रिमांड पुलिस के पास है। इस दौरान पुलिस केस से जुड़े दस्तावेज के सिलसिले में पुलिस पूछताछ शुरू कर दी है। गोरखपुर आने के बाद से ही पत्नी पति को अलग-अलग थाने में रखकर पूछताछ की जा रही है।
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रात में पुलिस ने दिया भोजन
पति-पत्नी को रात में थाने में ही भोजन दिया गया। दोनों ने आधा अधूरा भोजन किया। डॉ. पूर्णिमा ने बोतल के पानी की मांग भी की। सामान्य लोगों की तरह ही पुलिस उनके साथ व्यवहार कर रही है। वहीं बच्चों की मौत के गुनहगार मानकर कई सिपाही इन्हें कोसते भी देखे गए।
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