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धरने पर बैठी स्टाफ नर्स का गर्भपात
Updated Thu, 29 Jun 2017 01:31 AM IST
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गर्भपात।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर।
मेडिकल कॉलेज में समान कार्य समान वेतन की मांग समेत परमानेंट नर्सों की तैनाती के विरोध में जारी ट्रामा सेंटर संविदा कर्मियों के धरने में बैठी स्टाफ नर्स का गर्भपात हो गया। मंगलवार को धरने के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी थी। इसके बाद संविदा कर्मचारी उन्हें अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने गर्भपात की जानकारी दी। घटना को लेकर पीड़ित स्टाफ नर्स ने प्राचार्य और महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा पर केस दर्ज कराने की बात कही है।
धरने का नेतृत्व कर रहे मेडिकल कॉलेज संविदा कर्मचारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष अंबुज कुमार नाविक ने बताया कि मंगलवार को धरने के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी। उन्हें अस्पताल में ले जाया गया। वहां गर्भपात का पता चला। 22 दिनों से हम लोग धरना दे रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। अधिक बैठने और कॅरिअर अधर में फंसने के चलते पूनम भारती के चार माह का गर्भपात हुआ है। दूसरी ओर पूनम भारती ने मामले में प्राचार्य और महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराने की बात कही है।
डीएम से मिले संविदा कर्मी
गोरखपुर। बीआरडी मेेडिकल कालेज के ट्रामा सेंटर में तैनात संविदा कर्मियों ने आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए बुधवार को जिला अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपा। बीआरडी में 22 दिनों से संविदा कर्मियों का धरना जारी है। इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज प्रशासन एवं प्रदेश सरकार इन कर्मचारियों के समस्याओं का समाधान नहीं कर रही है। इसे लेकर नाराज संविदा कर्मियों ने डीएम कार्यालय पर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
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ये है मामला
संविदा कर्मचारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष अंबुज कुमार ने बताया कि ट्रामा सेंटर में 2010 से संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं, लेकिन अब तक एक बार भी वेतन की बढ़ोतरी नहीं हुई, जबकि डॉक्टरों का वेतन बढ़ाते हुए उन्हें समान कार्य और समान वेतन का लाभ दिया जा रहा है। हमारे कार्यरत होने के बाद भी प्राचार्य और डीजी के माध्यम से परमानेंट नर्सों को ट्रामा सेंटर में स्थानांतरित किया जा रहा है। यह हमें बेरोजगार बनाने की साजिश है। इसी के खिलाफ 22 दिन से धरना जारी है।
मेडिकल कॉलेज में समान कार्य समान वेतन की मांग समेत परमानेंट नर्सों की तैनाती के विरोध में जारी ट्रामा सेंटर संविदा कर्मियों के धरने में बैठी स्टाफ नर्स का गर्भपात हो गया। मंगलवार को धरने के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी थी। इसके बाद संविदा कर्मचारी उन्हें अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने गर्भपात की जानकारी दी। घटना को लेकर पीड़ित स्टाफ नर्स ने प्राचार्य और महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा पर केस दर्ज कराने की बात कही है।
धरने का नेतृत्व कर रहे मेडिकल कॉलेज संविदा कर्मचारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष अंबुज कुमार नाविक ने बताया कि मंगलवार को धरने के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी। उन्हें अस्पताल में ले जाया गया। वहां गर्भपात का पता चला। 22 दिनों से हम लोग धरना दे रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। अधिक बैठने और कॅरिअर अधर में फंसने के चलते पूनम भारती के चार माह का गर्भपात हुआ है। दूसरी ओर पूनम भारती ने मामले में प्राचार्य और महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराने की बात कही है।
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डीएम से मिले संविदा कर्मी
गोरखपुर। बीआरडी मेेडिकल कालेज के ट्रामा सेंटर में तैनात संविदा कर्मियों ने आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए बुधवार को जिला अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपा। बीआरडी में 22 दिनों से संविदा कर्मियों का धरना जारी है। इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज प्रशासन एवं प्रदेश सरकार इन कर्मचारियों के समस्याओं का समाधान नहीं कर रही है। इसे लेकर नाराज संविदा कर्मियों ने डीएम कार्यालय पर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
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ये है मामला
संविदा कर्मचारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष अंबुज कुमार ने बताया कि ट्रामा सेंटर में 2010 से संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं, लेकिन अब तक एक बार भी वेतन की बढ़ोतरी नहीं हुई, जबकि डॉक्टरों का वेतन बढ़ाते हुए उन्हें समान कार्य और समान वेतन का लाभ दिया जा रहा है। हमारे कार्यरत होने के बाद भी प्राचार्य और डीजी के माध्यम से परमानेंट नर्सों को ट्रामा सेंटर में स्थानांतरित किया जा रहा है। यह हमें बेरोजगार बनाने की साजिश है। इसी के खिलाफ 22 दिन से धरना जारी है।