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आरक्षित कोच में सीट न देने पर जुर्माना
Sun, 23 Jun 2019 12:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jun 2019 12:25 AM IST
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गोरखपुर। यात्री को आरक्षित कोच में सीट मुहैया न कराए जाने पर जिला उपभोक्ता फोरम ने पूर्वोत्तर रेलवे के खिलाफ फैसला सुनाया है। फोरम ने आदेश दिया है कि रेलवे यात्री को 30 हजार नौ सौ रुपये बतौर क्षतिपूर्ति वाद व्यय और आरक्षित कोच के किराए का अंतर 45 दिनों के अंदर दे। इस अवधि में भुगतान न करने पर 10 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा।
फोरम में बेतियाहाता निवासी शरदचंद्र दीक्षित, निर्मला दीक्षित और कुमारी तूलिका दीक्षित ने परिवाद दाखिल किया था।
सुनवाई के दौरान शरद चंद्र दीक्षित ने बताया कि वह हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित हैं। तबीयत खराब होने पर वर्ष 2010 में वह नई दिल्ली के स्कार्ट हॉस्पिटल जांच के लिए गए थे। वापसी यात्रा के लिए 22 मार्च 2010 का द्वितीय श्रेणी एसी का टिकट लिया था। स्टेशन पहुंचे तो पता चला कि ट्रेन में द्वितीय श्रेणी का कोच लगा ही नहीं है। मजबूरन तृतीय श्रेणी कोच में यात्रा करनी पड़ी। उन्होंने दोनों श्रेणियों के किराये का अंतर 1500 रुपए वापस पाने के लिए परिवाद दाखिल किया था।
सबक: यदि आप भी कभी ऐसे हालात से दो-चार हो तो उपभोक्ता फोरम के जरिए पा सकते हैं, हक
नोट:आपको हमारी यह स्टोरी कैसी लगी इस पर अपना फीडबैक नीचे बने कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
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फोरम में बेतियाहाता निवासी शरदचंद्र दीक्षित, निर्मला दीक्षित और कुमारी तूलिका दीक्षित ने परिवाद दाखिल किया था।
सुनवाई के दौरान शरद चंद्र दीक्षित ने बताया कि वह हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित हैं। तबीयत खराब होने पर वर्ष 2010 में वह नई दिल्ली के स्कार्ट हॉस्पिटल जांच के लिए गए थे। वापसी यात्रा के लिए 22 मार्च 2010 का द्वितीय श्रेणी एसी का टिकट लिया था। स्टेशन पहुंचे तो पता चला कि ट्रेन में द्वितीय श्रेणी का कोच लगा ही नहीं है। मजबूरन तृतीय श्रेणी कोच में यात्रा करनी पड़ी। उन्होंने दोनों श्रेणियों के किराये का अंतर 1500 रुपए वापस पाने के लिए परिवाद दाखिल किया था।
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