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गोरखपुर से लखनऊ के बीच बिछेंगी वजनदार पटरियां
Thu, 13 Jun 2019 12:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jun 2019 12:41 AM IST
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- अभी एक मीटर की रेल पटरी का वजन 52 किलो, अब 60 किया जाएगा
- ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई जा सकेंगी, चटकने से भी बचेंगी पटरियां गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे की गोरखपुर से लखनऊ के बीच की पटरियां बदली जाएंगी। पहले की तुलना में अब ज्यादा वजनदार पटरी बिछाई जाएंगी। इससे ट्रेनों की गति बढ़ाने में तो मदद मिलेगी ही, ट्रेनों के बेपटरी होने की घटना पर भी अंकुश लगेगा। साथ ही ठंड में पटरियां चटकने से भी बचेंगी। गोरखपुर से लखनऊ तक की पूरी पटरी बदलने में 2022 तक का समय लगेगा। सीपीआरओ पंकज कुमार ने बताया कि वजनदार पटरियां बिछाने का काम इस रेल खंड के बीच कुछ स्थानों पर शुरू भी हो चुका है।
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वर्तमान में जो भी रेल पटरियां हैं, उसके एक मीटर का वजन 52 किलो है। जो नई पटरी बिछाई जाएगी, वह प्रति मीटर 60 किलो की होगी। इस काम में और समय लगता, लेकिन रेल प्रशासन के लिए एक बड़ी सहूलियत बात यह है कि इस रूट पर जो भी स्लीपर लगाए गए हैं, वे 60 किलो तक की वजन की पटरियों का भार सह सकते हैं। यानी सिर्फ पटरियां बदलनी पड़ेंगी। स्लीपर नहीं बदलने पड़ेंगे। इससे काफी समय बचेगा। गोरखपुर-लखनऊ- छपरा, नरकटियागंज और बढ़नी रूट पर रोजाना 169 ट्रेन दौड़ती हैं, जिसमें करीब 40 से 45 हजार यात्री यात्रा करते हैं।
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