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वृद्धाश्रम के कर्मचारियों ने लगाया शोषण का आरोप
Mon, 10 Jun 2019 01:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jun 2019 01:28 AM IST
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गोरखपुर। समाज कल्याण विभाग की ओर से अनुदानित फेयर डील ग्रामोद्योग सेवा समिति से मोहरीपुर में संचालित वृद्धाश्रम में कार्यरत कर्मचारियों ने संस्था पर शोषण का आरोप लगाया है।
रविवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कर्मचारी रमेंद्र कुमार, वीना पांडेय, अनिल कुमार ने कहा कि संस्था की तरफ से उन लोगों का वेतन निर्धारित है, पर 70 प्रतिशत धनराशि काटकर उन लोगों को भुगतान किया जाता है। उन्होंने कहा कि वहां पर रहने वाले 80 वृद्धों की संख्या कुछ और दर्शायी जाती है, जबकि उसके मुताबिक वृद्ध वहां रहते नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज कल्याण विभाग की मिलीभगत से आश्रम के संचालक मनमानी करते हैं।
वहां रह रहे लोगों को पूरी सुविधा नहीं दी जाती। लोग नारकीय जीवन जी रहे हैं। एक लीटर दूध में 40 लोगों को चाय पिलाई जाती है। वहां के निराश्रित लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। वहां पर रोज 15 कर्मचारियों की उपस्थिति दिखाई जाती है, पर मौके पर नौ कर्मचारी ही रहते हैं। तीनों लोगों ने मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच करा कर कार्रवाई की जाए। इस बारे में समाज कल्याण अधिकारी सप्तर्षि का कहना है कि वह समय-समय पर वृद्धाआश्रम में जाते हैं। अब तक उनके सामने ऐसे मामले नहीं आए। उन्होंने कहा कि आरोपों की जांच कराई जाएगी।
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रविवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कर्मचारी रमेंद्र कुमार, वीना पांडेय, अनिल कुमार ने कहा कि संस्था की तरफ से उन लोगों का वेतन निर्धारित है, पर 70 प्रतिशत धनराशि काटकर उन लोगों को भुगतान किया जाता है। उन्होंने कहा कि वहां पर रहने वाले 80 वृद्धों की संख्या कुछ और दर्शायी जाती है, जबकि उसके मुताबिक वृद्ध वहां रहते नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज कल्याण विभाग की मिलीभगत से आश्रम के संचालक मनमानी करते हैं।
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वहां रह रहे लोगों को पूरी सुविधा नहीं दी जाती। लोग नारकीय जीवन जी रहे हैं। एक लीटर दूध में 40 लोगों को चाय पिलाई जाती है। वहां के निराश्रित लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। वहां पर रोज 15 कर्मचारियों की उपस्थिति दिखाई जाती है, पर मौके पर नौ कर्मचारी ही रहते हैं। तीनों लोगों ने मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच करा कर कार्रवाई की जाए। इस बारे में समाज कल्याण अधिकारी सप्तर्षि का कहना है कि वह समय-समय पर वृद्धाआश्रम में जाते हैं। अब तक उनके सामने ऐसे मामले नहीं आए। उन्होंने कहा कि आरोपों की जांच कराई जाएगी।
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