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सरकारी विद्यालयों में उगाएंगे हरी सब्जियां

Sun, 09 Jun 2019 11:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sun, 09 Jun 2019 11:57 PM IST
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सरकारी विद्यालयों में उगाएंगे हरी सब्जियां
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  • अब स्कूल में उगाई सब्जियां-फल खाएंगे छात्र
  • सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में परिषदीय विद्यालयों में बनेगा पोषण उद्यान
  • कृषि विभाग उपलब्ध कराएगा खाद और बीज
गोरखपुर। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे अब मिड-डे मील में अपने स्कूल में उपजाई गई सब्जियां और फल खाएंगे। इसके लिए जिले के सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय की खाली जमीन को पोषण उद्यान के रूप में विकसित किया जाएगा। इनमें फल और सब्जियां उगाई जाएंगी। मानव संसाधन मंत्रालय ने इसका खाका तैयार कर खाद और बीज की आपूर्ति की जिम्मेदारी कृषि विभाग को दी है। इसका आदेश बेसिक शिक्षा विभाग पहुंच गया है। जिले के 3000 परिषदीय विद्यालयों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा। विद्यालयों की सूची तैयार की जा रही है।

सूची में ऐसे विद्यालयों को प्राथमिकता दी जा रही हैं, जहां बाउंड्री और खाली जमीन है। जहां जगह का अभाव हैं, वहां गमलों में सब्जियां उगाई जाएंगी। सरकार ने मिड डे मिल योजना के आधार पर किचन गार्डेन शुरू किया था। ज्यादातर मामलों में निगरानी न होने की वजह से ये योजना जमीन पर नहीं उतर पाई। अब मानव संसाधन मंत्रालय ने इसके स्वरूप को बदलकर पोषण उद्यान में बदल दिया है।
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ये सब्जियां उगाई जाएंगी

  • जड़ कंद- शकरकंद, मूली, गाजर, चुकंदर, शलजम
  • फलियां - सोयाबीन, सेम, मटर, चना
  • फल सब्जियां - कद्दू, लौकी, नेनुआ, आम, संतरा और अमरूद

110 विद्यालयों में होगा चहारदीवारी का निर्माण

गोरखपुर। जिले के 100 से अधिक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में चहारदीवारी के निर्माण के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार ने चुनाव से पूर्व ही तीन करोड़ रुपये का बजट जारी किया था। ऐसे 110 विद्यालयों की सूची तैयार की जा रही है। अगले महीने से इनका निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। इससे पोषण उद्यान योजना को लागू में भी सहूलियत होगी। इसके बावजूद जिन स्कूलों में बाउंड्री नहीं होगी वहां के लिए विभाग रसोइयों को जिम्मेदारी देगा, मगर क्या वो छुट्टी के बाद भी विद्यालय में रुकेंगी, इसका जवाब विभाग के पास भी नहीं है।
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परिषदीय विद्यालयों में मौजूद खाली जमीन को पोषण उद्यान के रूप में विकसित करने से बच्चे भी बागवानी का गुर सीख सकेंगे। वहीं उन्हें ताजी सब्जियां मिड डे मील में खाने के लिए मिलेंगी। तैयारी चल रही है। जुलाई से इसे शुरू किया जाएगा।

                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                

                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                - बीएन सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी

नोट:आपको हमारी यह स्टोरी कैसी लगी इस पर अपना फीडबैक नीचे बने कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
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